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डॉक्टर और पुलिस अधिकारी में नोकझोंक
कुशीनगर
Updated Tue, 31 May 2016 11:46 PM IST
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हेल्थ्ा क्राइम
- फोटो : Desk
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पडरौना। मंगलवार की देर शाम संयुक्त जिला चिकित्सालय में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर और पुलिस अधिकारी में नोकझोंक हो गई।
मामला सिर्फ इतना था कि जिला अस्पताल लाए गए एक मरीज की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था।
पुलिस अधिकारियों ने जब उनसे एंबुलेंस बुलाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि 108 नंबर का एंबुलेंस डॉक्टरों के बुलाने पर नहीं आता है। इस पर पुलिस अधिकारी सीएमएस के पास पहुंचे तो उन्होंने भी डॉक्टर की बात का समर्थन किया।
बाद में पुलिस अधिकारी मरीज को खुद ही लेकर चले गए। बताया जा रहा है कि तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के सेमरा हर्दोपट्टी गांव में हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल एक मरीज को संयुक्त जिला चिकित्सालय लाया गया था, लेकिन उसकी हालत चिंताजनक होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
देर शाम वहां पुलिस अधिकारी इमरजेंसी कक्ष में पहुंचे। घायल व्यक्ति का बयान लेने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाने का आग्रह किया। लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने यह कहकर बुलाने से मना कर दिया कि 108 नंबर का एंबुलेंस डॉक्टर नहीं बुलाते, बल्कि मरीज के साथ आए लोगों को फोन करना होता है।
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कहासुनी के बाद नोकझोंक भी हुई। कहा जा रहा है कि उसके बाद पुलिस अधिकारी सीएमएस के पास गए तो उन्होंने भी यही बात कही। एंबुलेंस न आने की उम्मीद देख पुलिस अधिकारी खुद मरीज को लेकर चले गए।
इस संबंध में संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय का कहना था कि मरीज की हालत ज्यादा गंभीर थी। उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टर ने रेफर कर दिया था, लेकिन पुलिस अधिकारी डॉक्टर से ही एंबुलेंस बुलाने के लिए कह रहे थे। सीएमएस का कहना था कि पुलिस खुद ही मरीज को लेकर चली गई।
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मामला सिर्फ इतना था कि जिला अस्पताल लाए गए एक मरीज की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था।
पुलिस अधिकारियों ने जब उनसे एंबुलेंस बुलाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि 108 नंबर का एंबुलेंस डॉक्टरों के बुलाने पर नहीं आता है। इस पर पुलिस अधिकारी सीएमएस के पास पहुंचे तो उन्होंने भी डॉक्टर की बात का समर्थन किया।
बाद में पुलिस अधिकारी मरीज को खुद ही लेकर चले गए। बताया जा रहा है कि तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के सेमरा हर्दोपट्टी गांव में हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल एक मरीज को संयुक्त जिला चिकित्सालय लाया गया था, लेकिन उसकी हालत चिंताजनक होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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देर शाम वहां पुलिस अधिकारी इमरजेंसी कक्ष में पहुंचे। घायल व्यक्ति का बयान लेने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाने का आग्रह किया। लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने यह कहकर बुलाने से मना कर दिया कि 108 नंबर का एंबुलेंस डॉक्टर नहीं बुलाते, बल्कि मरीज के साथ आए लोगों को फोन करना होता है।
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कहासुनी के बाद नोकझोंक भी हुई। कहा जा रहा है कि उसके बाद पुलिस अधिकारी सीएमएस के पास गए तो उन्होंने भी यही बात कही। एंबुलेंस न आने की उम्मीद देख पुलिस अधिकारी खुद मरीज को लेकर चले गए।
इस संबंध में संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय का कहना था कि मरीज की हालत ज्यादा गंभीर थी। उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टर ने रेफर कर दिया था, लेकिन पुलिस अधिकारी डॉक्टर से ही एंबुलेंस बुलाने के लिए कह रहे थे। सीएमएस का कहना था कि पुलिस खुद ही मरीज को लेकर चली गई।