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युवक की मौत, ठंड का शक
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jan 2017 11:35 PM IST
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रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
थाना क्षेत्र के पिपरा जटामपुर गांव में बुधवार की रात 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। घरवाले मौत का कारण ठंड बता रहे हैं। बृहस्पतिवार की सुबह तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक गांव पहुंचे। घरवाले शव का पोस्टमार्टम कराने पर राजी नहीं हुए। दोपहर बाद शव दफन कर दिया गया।
इस गांव निवासी फेंकू मियां मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। बुधवार की शाम को मजदूरी कर वापस घर लौट रहे थे। घर और गांव वालों के अनुसार गांव के चौराहे कि ठंड लगने से फेंकू अचानक जमीन पर गिर पड़े और कांपने लगे। कुछ देर बाद ही उनका शरीर शांत पड़ गया। रोते बिलखते परिजन वहां पहुंचे और फेंकू को लेकर जिला अस्पताल गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार की सुबह परिवार के लोगों ने तहसीलदार पडरौना को सूचना दी। राजस्व निरीक्षक राधा चरण गांव पहुंचे और ठंड से मौत की पुष्टि के लिए शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। परंतु घरवाले इसके लिए तैयार नहीं हुए तो राजस्व निरीक्षक घर व गांव के लोगों का बयान लेकर वापस लौट गए। दोपहर बाद शव को दफन कर दिया गया। गांव के लोगों का कहना है कि फेंकू की मौत से पत्नी सैरून नेशा के अलावा उसके छह पुत्रों व तीन पुत्रियों की देखभाल कठिन हो गया है।
इस संबंध में तहसीलदार पडरौना मनोज कुमार तिवारी का कहना है कि राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।
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इस गांव निवासी फेंकू मियां मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। बुधवार की शाम को मजदूरी कर वापस घर लौट रहे थे। घर और गांव वालों के अनुसार गांव के चौराहे कि ठंड लगने से फेंकू अचानक जमीन पर गिर पड़े और कांपने लगे। कुछ देर बाद ही उनका शरीर शांत पड़ गया। रोते बिलखते परिजन वहां पहुंचे और फेंकू को लेकर जिला अस्पताल गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार की सुबह परिवार के लोगों ने तहसीलदार पडरौना को सूचना दी। राजस्व निरीक्षक राधा चरण गांव पहुंचे और ठंड से मौत की पुष्टि के लिए शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। परंतु घरवाले इसके लिए तैयार नहीं हुए तो राजस्व निरीक्षक घर व गांव के लोगों का बयान लेकर वापस लौट गए। दोपहर बाद शव को दफन कर दिया गया। गांव के लोगों का कहना है कि फेंकू की मौत से पत्नी सैरून नेशा के अलावा उसके छह पुत्रों व तीन पुत्रियों की देखभाल कठिन हो गया है।
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इस संबंध में तहसीलदार पडरौना मनोज कुमार तिवारी का कहना है कि राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।
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