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वन्य जीवों की तस्करी कर रहा लामा गिरोह
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Mon, 01 Feb 2016 12:06 AM IST
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छितौनी।बाघों और वन्य जीवों की तस्करी में नेपाल के लामा गिरोह का हाथ है।
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यह गिरोह काठमांडू से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग पर बाघों और वन्य
जीवों के कीमती अंगों की सुपारी शिकारियों को देता है।
वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के प्रयास से पकड़े गए दस तस्करों से पूछताछ के बाद यह बात सामने आई है।
वाल्मीकि ब्याघ्र परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक परियोजना और उससे जुड़े वन्य क्षेत्रों में लामा का नेटवर्क फैला हुआ है।
नेटवर्क में शामिल सभी तस्करों और शिकारियों का ब्योरा लामा के पास है। 19 जनवरी को दिल्ली के वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के प्रयास से लौकरिया थाना के बरवा कला से पकड़े गए दो तस्करों की निशानदेही पर आठ और तस्कर गिरफ्तार किए गए।
इनसे पूछताछ में पता चला है कि वन्य जीवों की तस्करी का मुख्य सरगना लामा है। वहीं नेपाल के जंगबहादुर थापा की गिरफ्तारी के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग भी हाथ लगे हैं।
वन विभाग के अधिकारी नेपाल के अधिकारियों से लामा के संबंध में सूचना जुटा रहे हैं। संभावना है कि नेपाल के चितवन नेशनल पार्क एवं वाल्मीकि ब्याघ्र परियोजना की सीमा खुली हुई है, जिससे दोनों वन क्षेत्रों के जानवरों का विचरण इधर-उधर होता है।
मदनपुर रेंज के डीएफओ अमित कुमार ने बताया कि पकड़े गए आठ तस्करों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनसे पूछताछ में जंग बहादुर थापा को गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में उसने और अन्य तस्करों ने लामा को गिरोह का सरगना होना बताया है। सुराग के आधार तस्करों के गिरोह में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। बरामद बाघ की खाल और अन्य अंगों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के प्रयास से पकड़े गए दस तस्करों से पूछताछ के बाद यह बात सामने आई है।
वाल्मीकि ब्याघ्र परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक परियोजना और उससे जुड़े वन्य क्षेत्रों में लामा का नेटवर्क फैला हुआ है।
नेटवर्क में शामिल सभी तस्करों और शिकारियों का ब्योरा लामा के पास है। 19 जनवरी को दिल्ली के वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के प्रयास से लौकरिया थाना के बरवा कला से पकड़े गए दो तस्करों की निशानदेही पर आठ और तस्कर गिरफ्तार किए गए।
इनसे पूछताछ में पता चला है कि वन्य जीवों की तस्करी का मुख्य सरगना लामा है। वहीं नेपाल के जंगबहादुर थापा की गिरफ्तारी के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग भी हाथ लगे हैं।
वन विभाग के अधिकारी नेपाल के अधिकारियों से लामा के संबंध में सूचना जुटा रहे हैं। संभावना है कि नेपाल के चितवन नेशनल पार्क एवं वाल्मीकि ब्याघ्र परियोजना की सीमा खुली हुई है, जिससे दोनों वन क्षेत्रों के जानवरों का विचरण इधर-उधर होता है।
मदनपुर रेंज के डीएफओ अमित कुमार ने बताया कि पकड़े गए आठ तस्करों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनसे पूछताछ में जंग बहादुर थापा को गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में उसने और अन्य तस्करों ने लामा को गिरोह का सरगना होना बताया है। सुराग के आधार तस्करों के गिरोह में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। बरामद बाघ की खाल और अन्य अंगों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।