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खोटहीं कांड में महिला की मौत, पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
कुशीनगर
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:15 PM IST
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खोटहीं गांव में कृष्णावती देवी की मौत के बाद केरवनिया चौराहे पर शव रखकर धरने पर बैठी महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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रामकोला। खोटहीं गांव के रामबर भरटोली टोले में पुलिस के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कई दिनों से दबिश दे रही है। बुधवार की शाम को दबिश के दौरान कृष्णावती देवी नाम की बुजुर्ग की मौत हो गई।
उनके बेटे को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को गांव की महिलाओं ने रखकर प्रदर्शन किया। लोगों ने दबिश में शामिल पुलिस सहित पूर्व प्रधान पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे।
वहां पहुंचे एसडीएम कप्तानगंज और सीओ खड्डा को महिलाओं ने ज्ञापन दिया। सीओ का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
खोटहीं गांव में होली के दिन दो पक्षों के बीच जमीन के विवाद के दौरान रामकोला पुलिस पर वर्तमान प्रधान के समर्थकों की तरफ से हमला करने का आरोप है। पुलिस ने प्रधान समर्थकों सहित गांववालों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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पुलिस ने सोमवार को चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था, उनमें कृष्णावती देवी का बेटा विनोद गुप्ता भी था, जिसे पुलिस ने जेल भेज दिया। इससे विनोद की मां आहत थीं। बुधवार की शाम रामकोला पुलिस ने गांव में दबिश दी और दो लोगों को पकड़कर थाने ले गई। इसी बीच कृष्णावती देवी की मौत हो गई। कोई सदमे के कारण मौत बता रहा था तो कोई पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगा रहा था।
इसके बाद गांव की महिलाएं पुलिस के खिलाफ लामबंद हो गईं और कार्रवाई की मांग करने लगीं। बृहस्पतिवार की सुबह कृष्णावती का शव लेकर महिलाएं केरवनिया चौराहे पर पहुंचीं, जहां शव रखकर प्रदर्शन करने लगीं।
इसकी जानकारी होने पर भाजपा नेता रामानंद बौद्ध और ब्रह्माशंकर चौधरी, कांग्रेस नेता राधेश्याम पासवान सहित कई लोग पुलिस पर निर्दोष लोगों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और पूर्व ग्राम प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे।
साथ ही कृष्णावती देवी की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताते हुए दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करने लगे। उन लोगों ने मौके पर पहुंचे एसडीएम सचिन सिंह और सीओ खड्डा गोरखनाथ को ज्ञापन दिया। एसडीएम ने कहा कि पारिवारिक लाभ योजना के तहत 25 हजार रुपये तत्काल दिए जा रहे हैं और बाकी रकम मुख्यमंत्री कोष से मिलेगी।
वहीं सीओ खड्डा ने कहा कि महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर महिला थाने की एसओ विभा पांडेय, कप्तानगंज थाने से शंभू सिंह के अलावा निर्मला साहनी उपस्थित रहीं। प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने खोटहीं में हुई घटना की निंदा की।
उन्होंने कहा कि पुलिस निर्दोष लोगों को परेशान कर रही है। इसलिए एसपी से कहा गया है कि दोषियों को चिंह्ति कर कार्रवाई की जाए। ताकि पुलिस के डर से जिन लोगों ने गांव छोड़ा है, वे घर वापस आ जाएं। वहीं पूर्व विधायक दीपलाल भारती वृद्धा की मौत की खबर सुनकर गांव में पहुंचकर घटना की निंदा की।
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उनके बेटे को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को गांव की महिलाओं ने रखकर प्रदर्शन किया। लोगों ने दबिश में शामिल पुलिस सहित पूर्व प्रधान पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे।
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वहां पहुंचे एसडीएम कप्तानगंज और सीओ खड्डा को महिलाओं ने ज्ञापन दिया। सीओ का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
खोटहीं गांव में होली के दिन दो पक्षों के बीच जमीन के विवाद के दौरान रामकोला पुलिस पर वर्तमान प्रधान के समर्थकों की तरफ से हमला करने का आरोप है। पुलिस ने प्रधान समर्थकों सहित गांववालों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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पुलिस ने सोमवार को चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था, उनमें कृष्णावती देवी का बेटा विनोद गुप्ता भी था, जिसे पुलिस ने जेल भेज दिया। इससे विनोद की मां आहत थीं। बुधवार की शाम रामकोला पुलिस ने गांव में दबिश दी और दो लोगों को पकड़कर थाने ले गई। इसी बीच कृष्णावती देवी की मौत हो गई। कोई सदमे के कारण मौत बता रहा था तो कोई पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगा रहा था।
इसके बाद गांव की महिलाएं पुलिस के खिलाफ लामबंद हो गईं और कार्रवाई की मांग करने लगीं। बृहस्पतिवार की सुबह कृष्णावती का शव लेकर महिलाएं केरवनिया चौराहे पर पहुंचीं, जहां शव रखकर प्रदर्शन करने लगीं।
इसकी जानकारी होने पर भाजपा नेता रामानंद बौद्ध और ब्रह्माशंकर चौधरी, कांग्रेस नेता राधेश्याम पासवान सहित कई लोग पुलिस पर निर्दोष लोगों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और पूर्व ग्राम प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे।
साथ ही कृष्णावती देवी की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताते हुए दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करने लगे। उन लोगों ने मौके पर पहुंचे एसडीएम सचिन सिंह और सीओ खड्डा गोरखनाथ को ज्ञापन दिया। एसडीएम ने कहा कि पारिवारिक लाभ योजना के तहत 25 हजार रुपये तत्काल दिए जा रहे हैं और बाकी रकम मुख्यमंत्री कोष से मिलेगी।
वहीं सीओ खड्डा ने कहा कि महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर महिला थाने की एसओ विभा पांडेय, कप्तानगंज थाने से शंभू सिंह के अलावा निर्मला साहनी उपस्थित रहीं। प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने खोटहीं में हुई घटना की निंदा की।
उन्होंने कहा कि पुलिस निर्दोष लोगों को परेशान कर रही है। इसलिए एसपी से कहा गया है कि दोषियों को चिंह्ति कर कार्रवाई की जाए। ताकि पुलिस के डर से जिन लोगों ने गांव छोड़ा है, वे घर वापस आ जाएं। वहीं पूर्व विधायक दीपलाल भारती वृद्धा की मौत की खबर सुनकर गांव में पहुंचकर घटना की निंदा की।