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छठीं के छात्राें ने गढ़ी अपहरण की कहानी
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Sat, 21 Nov 2015 11:59 PM IST
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पडरौना। छठीं कक्षा में पढ़ने वाले तीन छात्रों के अपहरण की सूचना से अभिभावक और पुलिस शनिवार को कई घंटे परेशान रही। उनकी तरफ से किए गए फोन नंबर का लोकेशन सर्विलांस के जरिए ट्रेस हुआ, जिसके बाद पुलिस ने छात्रों पकड़कर अभिभावकों के हवाले कर दिया।
पडरौना कोतवाली प्रभारी श्रीकांत राय ने बताया कि बावली चौक निवासी तीन छात्र शहर के ही एक निजी विद्यालय में छठीं कक्षा में पढ़ते हैं। इन बच्चों के अभिभावक दोपहर में कोतवाली आए और तीनों के अपहरण की सूचना दी। उन्होंने फोन नंबर दिया, जिसके आधार पर छानबीन की गई।
जिस नंबर से फोन आया था, सर्विलांस पर चेक किया गया तो कसया के ओवरब्रिज के पास लोकेशन मिला। वहां के एक एसआई को भेजकर उन छात्रों को पकड़ा गया। साइकिल से कसया तक गए छात्रों ने बताया कि रविवार को ‘पैरेंट्स डे’ पर विद्यालय की तरफ से कुछ रुपये मांगे गए थे।
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घर पर उन्होंने इसकी सूचना नहीं दी थी। स्कूल में पिटाई की डर से अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी का कहना था कि चूंकि बच्चे नाबालिग हैं, इसलिए उन्हें हिदायत देकर अभिभावकों के हवाले कर दिया गया।
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पडरौना कोतवाली प्रभारी श्रीकांत राय ने बताया कि बावली चौक निवासी तीन छात्र शहर के ही एक निजी विद्यालय में छठीं कक्षा में पढ़ते हैं। इन बच्चों के अभिभावक दोपहर में कोतवाली आए और तीनों के अपहरण की सूचना दी। उन्होंने फोन नंबर दिया, जिसके आधार पर छानबीन की गई।
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जिस नंबर से फोन आया था, सर्विलांस पर चेक किया गया तो कसया के ओवरब्रिज के पास लोकेशन मिला। वहां के एक एसआई को भेजकर उन छात्रों को पकड़ा गया। साइकिल से कसया तक गए छात्रों ने बताया कि रविवार को ‘पैरेंट्स डे’ पर विद्यालय की तरफ से कुछ रुपये मांगे गए थे।
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घर पर उन्होंने इसकी सूचना नहीं दी थी। स्कूल में पिटाई की डर से अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी का कहना था कि चूंकि बच्चे नाबालिग हैं, इसलिए उन्हें हिदायत देकर अभिभावकों के हवाले कर दिया गया।