{"_id":"6aa2c88aeaebb55c7e080edc","slug":"major-cyber-fraud-network-busted-in-bemetara-rs-95-lakh-mule-account-racket-exposed-11-arrested-for-renting-out-bank-accounts-bemetara-news-c-1-1-noi1482-4710217-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेमेतरा: किराए के बैंक खातों से 95 लाख का साइबर फ्रॉड, पुलिस का बड़ा एक्शन, खाते बेचने वाले 11 आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेमेतरा: किराए के बैंक खातों से 95 लाख का साइबर फ्रॉड, पुलिस का बड़ा एक्शन, खाते बेचने वाले 11 आरोपी गिरफ्तार
Fri, 11 Sep 2026 09:10 AM IST
बेमेतरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेमेतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेमेतरा
Published by: बेमेतरा ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 09:10 AM IST
सार
बेमेतरा में पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते किराए पर देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जांच में खातों के जरिए करीब 95 लाख रुपए के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खातों को किराए पर देने वाले बड़े गिरोह पर शिकंजा कसते हुए 11 आरोपियों को जेल भेज दिया है। एसपी त्रिलोक बंसल के निर्देश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस जांच में आरोपियों के बैंक खातों में करीब 95 लाख रुपए का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा के एक खाते में साइबर ठगी की रकम जमा हो रही है। जांच में यह खाता जेवरा निवासी दुष्यंत साहू के नाम पर मिला। बैंक स्टेटमेंट की जांच करने पर सामने आया कि 18 सितंबर 2024 से 31 मई 2025 के बीच इस खाते में 95 लाख 9 हजार रुपए जमा हुए, जबकि 94 लाख 92 हजार रुपए निकाले गए। 2 जनवरी 2025 को दो अलग-अलग साइबर ठगी की रकम भी इसी खाते में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस के अनुसार विशाखापट्टनम के रामकृष्ण राजू से 9,800 रुपए और तमिलनाडु के गुरुशंकर से 9,200 रुपए की ऑनलाइन ठगी कर यह रकम उक्त खाते में भेजी गई थी।
पुलिस पूछताछ में दुष्यंत साहू ने पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। उसके अनुसार खाती गांव के राहुल साहू ने पैसे देकर उसका बैंक खाता खुलवाया था। राहुल ने ताला निवासी थनवार यादव, जिया निवासी शंकर वर्मा, तिलक साहू, गगन वर्मा और शुभम वर्मा के भी अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए और उनकी पासबुक, एटीएम कार्ड तथा सिम लेकर आगे बेच दिए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: सीजी: एमएलए चातुरी नंद को कांग्रेस संगठन में बड़ी जिम्मेदारी, छत्तीसगढ़ अजा विभाग की कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त
16 अन्य खातों में भी मिला साइबर ठगी का पैसा
जांच आगे बढ़ने पर इंडियन ओवरसीज बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के 16 अन्य खातों में भी साइबर ठगी की रकम मिलने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार इन खातों में करीब 1 लाख 67 हजार रुपए की ठगी की रकम जमा हुई थी। यह रकम अलग-अलग राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी कर जुटाई गई थी।
हर खाते के बदले मिलते थे 7 हजार
गिरफ्तार आरोपी संतोष साहू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह रेखराज कुर्रे और त्रिपुरारी साहू को पैसे देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम लेता था। इसके बाद वह इन्हें रायपुर के सैकी नाम के युवक को बेच देता था। पुलिस के अनुसार संतोष को प्रत्येक खाते के बदले 7 हजार रुपए मिलते थे।
पुलिस ने मामले में साहिल महिलांगे, नंदकुमार महिलांगे, थनवार यादव, सागर यादव, रेखराज कुर्रे, त्रिपुरारी साहू, करण चंद्राकर, शंकर वर्मा, गगन वर्मा, शुभम वर्मा और संतोष साहू को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2), 317(4), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी त्रिलोक बंसल ने बताया कि साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराना, यानी म्यूल अकाउंट बेचना और खरीदना, दोनों अपराध हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
विज्ञापन
पुलिस को सूचना मिली थी कि इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा के एक खाते में साइबर ठगी की रकम जमा हो रही है। जांच में यह खाता जेवरा निवासी दुष्यंत साहू के नाम पर मिला। बैंक स्टेटमेंट की जांच करने पर सामने आया कि 18 सितंबर 2024 से 31 मई 2025 के बीच इस खाते में 95 लाख 9 हजार रुपए जमा हुए, जबकि 94 लाख 92 हजार रुपए निकाले गए। 2 जनवरी 2025 को दो अलग-अलग साइबर ठगी की रकम भी इसी खाते में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस के अनुसार विशाखापट्टनम के रामकृष्ण राजू से 9,800 रुपए और तमिलनाडु के गुरुशंकर से 9,200 रुपए की ऑनलाइन ठगी कर यह रकम उक्त खाते में भेजी गई थी।
विज्ञापन
पुलिस पूछताछ में दुष्यंत साहू ने पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। उसके अनुसार खाती गांव के राहुल साहू ने पैसे देकर उसका बैंक खाता खुलवाया था। राहुल ने ताला निवासी थनवार यादव, जिया निवासी शंकर वर्मा, तिलक साहू, गगन वर्मा और शुभम वर्मा के भी अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए और उनकी पासबुक, एटीएम कार्ड तथा सिम लेकर आगे बेच दिए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: सीजी: एमएलए चातुरी नंद को कांग्रेस संगठन में बड़ी जिम्मेदारी, छत्तीसगढ़ अजा विभाग की कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त
16 अन्य खातों में भी मिला साइबर ठगी का पैसा
जांच आगे बढ़ने पर इंडियन ओवरसीज बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के 16 अन्य खातों में भी साइबर ठगी की रकम मिलने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार इन खातों में करीब 1 लाख 67 हजार रुपए की ठगी की रकम जमा हुई थी। यह रकम अलग-अलग राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी कर जुटाई गई थी।
हर खाते के बदले मिलते थे 7 हजार
गिरफ्तार आरोपी संतोष साहू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह रेखराज कुर्रे और त्रिपुरारी साहू को पैसे देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम लेता था। इसके बाद वह इन्हें रायपुर के सैकी नाम के युवक को बेच देता था। पुलिस के अनुसार संतोष को प्रत्येक खाते के बदले 7 हजार रुपए मिलते थे।
पुलिस ने मामले में साहिल महिलांगे, नंदकुमार महिलांगे, थनवार यादव, सागर यादव, रेखराज कुर्रे, त्रिपुरारी साहू, करण चंद्राकर, शंकर वर्मा, गगन वर्मा, शुभम वर्मा और संतोष साहू को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2), 317(4), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी त्रिलोक बंसल ने बताया कि साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराना, यानी म्यूल अकाउंट बेचना और खरीदना, दोनों अपराध हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।