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फर्जी आधारकार्ड बनाने वाले छह गिरफ्तार
Updated Mon, 19 Jun 2017 06:51 PM IST
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पडरौना (कुशीनगर)। पुलिस ने आधार की वेबसाइट पर बायोमीट्रिक और जीपीएस लोकेशन को बाईपास करके किसी भी यूजर की आईडी और पासवार्ड हैक करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जो गाजीपुर, फैजाबाद और कौशांबी से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस ने इनके पास से काफी मात्रा में लैपटॉप, मोबाइल, प्रिंटर, आधारकार्ड बनाने में प्रयुक्त होने वाला स्कैनर और बायोमीट्रिक सिस्टम बरामद किया है।
एसपी यमुना प्रसाद ने सोमवार को इसका खुलासा करते हुए बताया कि कुछ महीने पहले पडरौना कोतवाली पुलिस और स्वॉट टीम ने फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसकी विवेचना आगे बढ़ी तो दूसरे यूजर्स की आईडी व पासवर्ड हैक कर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला गिरोह सामने आया। एसपी ने बताया कि शैलेंद्र चतुर्वेदी नाम का एक व्यक्ति मरदह में अनामिका कंप्यूटर्स के नाम से दुकान खोलकर आधारकार्ड बनाता था। उसने साकेत एडवरटाइजमेंट प्राइवेट लिमिटेड से फ्रेंचाइजी लिया था, जो आधारकार्ड जारी करती थी। साकेत एडवरटाइजमेंट के अरविंद मौर्या ने यूआईडीएआई सीएससी (नॉन स्टेट रजिस्ट्रार) जारी कराई थी। अप्रैल में यूआईडीएआई ने बड़े पैमाने पर इनरोलमेंट एजेंसीज को बंद कर दिया और नया इनरोलमेंट वर्जन लांच कर दिया। इसमें कई एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स थे। अरविंद ने साकेत एडवरटाइजमेंट को छोड़कर हाइवे कंस्ट्रक्शन नाम के इनरोलमेंट एजेंसी में काम शुरू कर दिया, जे नॉन स्टेट रजिस्ट्रार से पंजीकृत है।
एसपी ने बताया कि अरविंद ने सभी बंद हुई एजेंसी के ऑपरेटर से संपर्क किया और उनका एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर बदलकर चालू करने का भरोसा दिलाया तथा उसके बदले प्रत्येक से दो-दो हजार रुपये मांगे। अरविंद ने शैलेंद्र चतुर्वेदी सहित अन्य सभी के सिस्टम को एनीडेस्क पर लेकर सॉफ्टवेयर क्रेक कर मैनुपुलेटेड सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया। इसकी प्रतियां तैयार कर मनमाफिक दाम पर बेचने लगे। इस तरह फर्जी आधारकार्ड बनाने का काम शुरू हो गया। पडरौना कोतवाली की पुलिस के सामने फर्जी आधारकार्ड की शिकायत आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और छानबीन शुरू की।
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एसपी का कहना था कि इस मामले में पिपनार थाना मरदह, गाजीपुर के आनंद सिंह व रामचंद्र, नरवर थाना मरदह गाजीपुर के शैलेंद्र चतुर्वेदी, अनुज विश्वकर्मा, जलालाबाद थाना कैंट, जनपद फैजाबाद के अरविंद मौर्य और चरवा थाना चरवा जिला कौशांबी के अविनाश केसरवानी को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से सात लैपटॉप, दस मोबाइल, तीन प्रिंटर, आधारकार्ड बनाने में प्रयुक्त होने वाले एक प्रिंटर व तीन फिंगरप्रिंट स्कैनर बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि इनकी गिरफ्तारी में पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजयराज सिंह, स्वॉट टीम के डॉ. विनय प्रकाश राय, संजय मिश्र, अमित सिंह, सत्यनारायण, शिवानंद सिंह, अमित चौधरी, रणजीत यादव, चंद्रभान वर्मा, अखिलेश, राजेश कुमार यादव, राजेश चौहान, मिथिलेेश यादव और आशीष कुमार शामिल थे।
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एसपी यमुना प्रसाद ने सोमवार को इसका खुलासा करते हुए बताया कि कुछ महीने पहले पडरौना कोतवाली पुलिस और स्वॉट टीम ने फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसकी विवेचना आगे बढ़ी तो दूसरे यूजर्स की आईडी व पासवर्ड हैक कर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला गिरोह सामने आया। एसपी ने बताया कि शैलेंद्र चतुर्वेदी नाम का एक व्यक्ति मरदह में अनामिका कंप्यूटर्स के नाम से दुकान खोलकर आधारकार्ड बनाता था। उसने साकेत एडवरटाइजमेंट प्राइवेट लिमिटेड से फ्रेंचाइजी लिया था, जो आधारकार्ड जारी करती थी। साकेत एडवरटाइजमेंट के अरविंद मौर्या ने यूआईडीएआई सीएससी (नॉन स्टेट रजिस्ट्रार) जारी कराई थी। अप्रैल में यूआईडीएआई ने बड़े पैमाने पर इनरोलमेंट एजेंसीज को बंद कर दिया और नया इनरोलमेंट वर्जन लांच कर दिया। इसमें कई एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स थे। अरविंद ने साकेत एडवरटाइजमेंट को छोड़कर हाइवे कंस्ट्रक्शन नाम के इनरोलमेंट एजेंसी में काम शुरू कर दिया, जे नॉन स्टेट रजिस्ट्रार से पंजीकृत है।
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एसपी ने बताया कि अरविंद ने सभी बंद हुई एजेंसी के ऑपरेटर से संपर्क किया और उनका एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर बदलकर चालू करने का भरोसा दिलाया तथा उसके बदले प्रत्येक से दो-दो हजार रुपये मांगे। अरविंद ने शैलेंद्र चतुर्वेदी सहित अन्य सभी के सिस्टम को एनीडेस्क पर लेकर सॉफ्टवेयर क्रेक कर मैनुपुलेटेड सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया। इसकी प्रतियां तैयार कर मनमाफिक दाम पर बेचने लगे। इस तरह फर्जी आधारकार्ड बनाने का काम शुरू हो गया। पडरौना कोतवाली की पुलिस के सामने फर्जी आधारकार्ड की शिकायत आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और छानबीन शुरू की।
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एसपी का कहना था कि इस मामले में पिपनार थाना मरदह, गाजीपुर के आनंद सिंह व रामचंद्र, नरवर थाना मरदह गाजीपुर के शैलेंद्र चतुर्वेदी, अनुज विश्वकर्मा, जलालाबाद थाना कैंट, जनपद फैजाबाद के अरविंद मौर्य और चरवा थाना चरवा जिला कौशांबी के अविनाश केसरवानी को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से सात लैपटॉप, दस मोबाइल, तीन प्रिंटर, आधारकार्ड बनाने में प्रयुक्त होने वाले एक प्रिंटर व तीन फिंगरप्रिंट स्कैनर बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि इनकी गिरफ्तारी में पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजयराज सिंह, स्वॉट टीम के डॉ. विनय प्रकाश राय, संजय मिश्र, अमित सिंह, सत्यनारायण, शिवानंद सिंह, अमित चौधरी, रणजीत यादव, चंद्रभान वर्मा, अखिलेश, राजेश कुमार यादव, राजेश चौहान, मिथिलेेश यादव और आशीष कुमार शामिल थे।