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आठ वर्ष पूर्व मूर्ति चोरी के मामले में आंदोलन को लेकर दर्ज हुआ था केस
Updated Fri, 14 Sep 2018 11:36 PM IST
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पूर्व राज्यमंत्री का कोर्ट में समर्पण, मुचलके पर रिहा
फोटो के साथ
जमानत नहीं कराने पर एसीजेएम कोर्ट ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट
अमर उजाला ब्यूरो
कसया (कुशीनगर)। पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने शुक्रवार को एसीजेएम की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। 50 हजार रुपये की दो मुचलके भरने के बाद न्यायालय ने उन्हें रिहा कर दिया। आठ वर्ष पूर्व हाटा कोतवाली क्षेत्र के सिकटिया गांव में चोरी गई मूर्ति की बरामदगी के लिए आंदोलन के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी मामले में कोर्ट की तरफ से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।
वर्ष 2010 में सिकटिया गांव के रामजानकी मंदिर से करोड़ों रुपये की बेशकीमती मूर्तियां चोरी चली गई थीं। मुकदमा दर्ज कराने के लिए सपा नेता राधेश्याम सिंह ने गांव के लोगों के साथ आंदोलन किया था। उस मामले में पुलिस ने राधेश्याम सिंह सहित 21 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामला कसया न्यायायल में पहुंचा तो किसी ने जमानत नहीं कराई। इसी बीच प्रदेश में सपा की सरकार बनी और राधेश्याम सिंह राज्यमंत्री बन गए। उन्होंने इस दौरान प्रदेश सरकार की तरफ से मुकदमे को वापस लेने का आदेश कराया, लेकिन न्यायालय ने उस आदेश को खारिज कर दिया। आदेश के खिलाफ वह हाईकोर्ट गए, तभी से यह मामला लंबित था। न्यायालय से बृहस्पतिवार को राधेश्याम सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। उन्होंने शुक्रवार को कसया दीवानी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वहां एसीजेएम चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने दोपहर बाद पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के खिलाफ कोर्ट में चल रहे इस मामले में 50 हजार रुपये के दो मुचलके लेकर रिहाई का आदेश दे दिया।
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जमानत नहीं कराने पर एसीजेएम कोर्ट ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट
अमर उजाला ब्यूरो
कसया (कुशीनगर)। पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने शुक्रवार को एसीजेएम की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। 50 हजार रुपये की दो मुचलके भरने के बाद न्यायालय ने उन्हें रिहा कर दिया। आठ वर्ष पूर्व हाटा कोतवाली क्षेत्र के सिकटिया गांव में चोरी गई मूर्ति की बरामदगी के लिए आंदोलन के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी मामले में कोर्ट की तरफ से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।
वर्ष 2010 में सिकटिया गांव के रामजानकी मंदिर से करोड़ों रुपये की बेशकीमती मूर्तियां चोरी चली गई थीं। मुकदमा दर्ज कराने के लिए सपा नेता राधेश्याम सिंह ने गांव के लोगों के साथ आंदोलन किया था। उस मामले में पुलिस ने राधेश्याम सिंह सहित 21 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामला कसया न्यायायल में पहुंचा तो किसी ने जमानत नहीं कराई। इसी बीच प्रदेश में सपा की सरकार बनी और राधेश्याम सिंह राज्यमंत्री बन गए। उन्होंने इस दौरान प्रदेश सरकार की तरफ से मुकदमे को वापस लेने का आदेश कराया, लेकिन न्यायालय ने उस आदेश को खारिज कर दिया। आदेश के खिलाफ वह हाईकोर्ट गए, तभी से यह मामला लंबित था। न्यायालय से बृहस्पतिवार को राधेश्याम सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। उन्होंने शुक्रवार को कसया दीवानी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वहां एसीजेएम चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने दोपहर बाद पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के खिलाफ कोर्ट में चल रहे इस मामले में 50 हजार रुपये के दो मुचलके लेकर रिहाई का आदेश दे दिया।
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