{"_id":"5c3246febdec2256a50a4666","slug":"131546798846-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेशन्स न्यायाधीश के कोर्ट में दाखिल की गई थी याचिका","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सेशन्स न्यायाधीश के कोर्ट में दाखिल की गई थी याचिका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुदही रेल हादसा: स्कूल वैन के चालक की जमानत याचिका रद्द
26 अप्रैल की सुबह बहपुरवा रेलवे क्रॉसिंग पर हुई थी
अमर उजाला ब्यूरो
दुदही। 26 अप्रैल की सुबह दुदही के बहपुरवा रेलवे क्रासिंग पर हुए रेल हादसे में शामिल स्कूल वैन के चालक की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। यह याचिका सत्र न्यायालय में दाखिल की गई थी।
दुदही बाजार के पास बहपुरवा में मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर 26 अप्रैल 2018 को सुबह पौने सात बजे दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था। स्कूलवैन के चालक की गलती से वैन ट्रेन से जा टकराई थी, जिससे वैन में सवार 14 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों का इलाज काफी दिनों तक मेडिकल कॉलेज में हुआ था। इस हादसे में वैनचालक भी घायल हुआ था। ट्रेन और वैन की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनी गई थी, जिसमें अनस, अरशद, कमरान, फ़रहान, मुस्कान, अनूप, रागिनी, रवि, हरिओम, साजिदा और तमन्ना सहित 13 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इनके अलावा कृष्णा, रोशनी, समीर, कलीम और चालक नियाज का इलाज मेडिकल कालेज में हुआ था। इस दुर्घटना के चार घंटे के अंदर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी भी मौके पर पहुंच गए थे। उधर, विद्यालय के प्रबंधक करीमजहां खां ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था।
इस मामले में करीबजहां खां एवं चालक नियाज के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। प्रबंधक की चार माह पहले ही जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत खारिज हो चुकी है। चालक नियाज की जमानत याचिका भी सत्र न्यायाधीश एजाज अहमद अंसारी ने खारिज कर दी है। वह ईयरफोन लगाकर स्कूलवैन चलाता बताया गया था और इसे घटना में मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
26 अप्रैल की सुबह बहपुरवा रेलवे क्रॉसिंग पर हुई थी
अमर उजाला ब्यूरो
दुदही। 26 अप्रैल की सुबह दुदही के बहपुरवा रेलवे क्रासिंग पर हुए रेल हादसे में शामिल स्कूल वैन के चालक की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। यह याचिका सत्र न्यायालय में दाखिल की गई थी।
दुदही बाजार के पास बहपुरवा में मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर 26 अप्रैल 2018 को सुबह पौने सात बजे दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था। स्कूलवैन के चालक की गलती से वैन ट्रेन से जा टकराई थी, जिससे वैन में सवार 14 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों का इलाज काफी दिनों तक मेडिकल कॉलेज में हुआ था। इस हादसे में वैनचालक भी घायल हुआ था। ट्रेन और वैन की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनी गई थी, जिसमें अनस, अरशद, कमरान, फ़रहान, मुस्कान, अनूप, रागिनी, रवि, हरिओम, साजिदा और तमन्ना सहित 13 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इनके अलावा कृष्णा, रोशनी, समीर, कलीम और चालक नियाज का इलाज मेडिकल कालेज में हुआ था। इस दुर्घटना के चार घंटे के अंदर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी भी मौके पर पहुंच गए थे। उधर, विद्यालय के प्रबंधक करीमजहां खां ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था।
विज्ञापन
इस मामले में करीबजहां खां एवं चालक नियाज के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। प्रबंधक की चार माह पहले ही जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत खारिज हो चुकी है। चालक नियाज की जमानत याचिका भी सत्र न्यायाधीश एजाज अहमद अंसारी ने खारिज कर दी है। वह ईयरफोन लगाकर स्कूलवैन चलाता बताया गया था और इसे घटना में मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
विज्ञापन