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हमलावर कुत्तों के झुंड से सहमे गांव के लोग
kushinagar
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:06 PM IST
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डॉगी
- फोटो : dogy
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पिपरा बाजार। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बेलवा बाबूराम गांव में नौ कुत्तों का एक झुंड ग्रामीण को भयभीत किए हुए है। गांव के लोग सुबह-शाम खेतों की ओर अकेले जाने से भी परहेज करने लगे हैं। कुत्तों के हमले में गांव के तीन-चार लोग जख्मी हो चुके हैं। लोगों ने पशु चिकित्सा विभाग से इन आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।
बेलवा गांव के रामवृक्ष यादव बुधवार की सुबह कंधे पर कुदाल रखे खेत की ओर निकले थे। गांव से बाहर चारों तरफ से कुत्तों के झुंड ने घेर लिया। रामवृक्ष दहशत में आ गए। मदद के लिए चीखने के साथ ही कुदाल भांजनी शुरु कर दी। किसी तरह कुत्तों को भगाकर वापस घर लौटे।
तीन दिन पहले सुखारी गोंड भी कुत्तों के हमले का शिकार हो गए। चारों तरफ से घेरकर कुत्तों ने उनको काट लिया। संयोग ठीक था कि खेतों की ओर से आ रहे कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और सुखारी को बचाकर घर ले आए। इसी गांव के राजवंशी यादव और कोमल यादव भी आवारा कुत्तों के इस झुंड में घिर चुके हैं। विनोद शर्मा ने फिक्र जताते हुए कहा कि पुरुष तो लाठी-डंडे का इस्तेमाल कर खुद को बचा भी सकते हैं, छोटे बच्चों ओर महिलाओं से इसकी भी उम्मीद मुश्किल है। गांव के लोगों ने पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों को पत्र भेजकर इन आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।
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बेलवा गांव के रामवृक्ष यादव बुधवार की सुबह कंधे पर कुदाल रखे खेत की ओर निकले थे। गांव से बाहर चारों तरफ से कुत्तों के झुंड ने घेर लिया। रामवृक्ष दहशत में आ गए। मदद के लिए चीखने के साथ ही कुदाल भांजनी शुरु कर दी। किसी तरह कुत्तों को भगाकर वापस घर लौटे।
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तीन दिन पहले सुखारी गोंड भी कुत्तों के हमले का शिकार हो गए। चारों तरफ से घेरकर कुत्तों ने उनको काट लिया। संयोग ठीक था कि खेतों की ओर से आ रहे कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और सुखारी को बचाकर घर ले आए। इसी गांव के राजवंशी यादव और कोमल यादव भी आवारा कुत्तों के इस झुंड में घिर चुके हैं। विनोद शर्मा ने फिक्र जताते हुए कहा कि पुरुष तो लाठी-डंडे का इस्तेमाल कर खुद को बचा भी सकते हैं, छोटे बच्चों ओर महिलाओं से इसकी भी उम्मीद मुश्किल है। गांव के लोगों ने पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों को पत्र भेजकर इन आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।
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