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Kushinagar News: शीतलहर का रेड अलर्ट, छह डिग्री गिरा पारा, घरों में दुबके लोग
Fri, 19 Dec 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 19 Dec 2025 12:45 AM IST
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अलाव सेंकते लोग।संवाद
कुशीनगर। शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के आसपास है। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया की मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर तक स्थिति ऐसे ही रहने का अनुमान है। इस वजह से यह पूरा इलाका रेड अलर्ट जोन में रखा गया है। लोगों को बचाव करना चाहिए। वृद्ध लोग घरों ने जरूरी होने पर ही निकलें।
बुधवार से ही मौसम पूरी तरह से बदल गया था। इसका असर रेल और सड़क परिवहन पर भी पड़ा है। हालांकि बृहस्पतिवार को दिन में कुछ देर के लिए धूप हुई, लेकिन हवा के कारण तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। जिससे पूरे जनमानस में ठिठुरन का असर देखा गया। हाईवे पर विजिबिलिटी काफॅी कम होने से वाहनों की रफ्तार काफी कम हो गई है।
रैन बसेरा बना सहारा
रैन बसेरे में बृहस्पतिवार को बेहतर व्यवस्था देखने को मिली। वहां सबसे ज्यादा स्थानीय कस्बों में भिक्षाटन करके जीवन यापन करने वालों को शरण लेने की बात बताई गई। देखभाल कर रहे वरुण राय ने बताया कि ऐसे 27 लोग वहां रात को पहुंचते हैं। उनके आधार कार्ड की पुष्टि के बाद रहने की अनुमति दी जाती है। उनमें जिनके आधार नहीं हैं,उनको चिन्हित करके बनवाने की व्यवस्था की जा रही है। छपरा निवासी दीपक बताते हैं कि वह परीक्षा देने आज आए हैं।
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बुधवार से ही मौसम पूरी तरह से बदल गया था। इसका असर रेल और सड़क परिवहन पर भी पड़ा है। हालांकि बृहस्पतिवार को दिन में कुछ देर के लिए धूप हुई, लेकिन हवा के कारण तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। जिससे पूरे जनमानस में ठिठुरन का असर देखा गया। हाईवे पर विजिबिलिटी काफॅी कम होने से वाहनों की रफ्तार काफी कम हो गई है।
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रैन बसेरा बना सहारा
रैन बसेरे में बृहस्पतिवार को बेहतर व्यवस्था देखने को मिली। वहां सबसे ज्यादा स्थानीय कस्बों में भिक्षाटन करके जीवन यापन करने वालों को शरण लेने की बात बताई गई। देखभाल कर रहे वरुण राय ने बताया कि ऐसे 27 लोग वहां रात को पहुंचते हैं। उनके आधार कार्ड की पुष्टि के बाद रहने की अनुमति दी जाती है। उनमें जिनके आधार नहीं हैं,उनको चिन्हित करके बनवाने की व्यवस्था की जा रही है। छपरा निवासी दीपक बताते हैं कि वह परीक्षा देने आज आए हैं।
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