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Kushinagar News: छितौनी रेल परियोजना जल्द होगी पूरी
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बंद पड़ा छितौनी रेलवे स्टेशन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। 18 वर्ष पूर्व यूपी-बिहार के इलाके में छितौनी-तमकुही रेल मार्ग के माध्यम से जोड़ते हुए बाढ़ प्रभावित इलाके में पिछड़ापन दूर कर कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियां उत्कृष्ट करने का जो सपना बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और रेल मंत्री लालू यादव ने देखा था, वह तमाम उलझनों को पार करती हुई विजय की ओर अग्रसर है।
इसमें कुशीनगर के वर्तमान सांसद विजय कुमार दुबे की मजबूत भूमिका रही है। समय-समय पर ठंडे बस्ते में पड़ी इस रेल परियोजना को चालू करने की मांग वह संसद में उठाते रहे।
इसका परिणाम यह रहा कि छितौनी-तमकुही रेल परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जमीन अधिग्रहण का कार्य पहले से पूर्ण होने के अंतिम दौर में है।
ऐसे में इस 62 किमी प्रस्तावित रेल मार्ग पर विद्युतीकरण और पटरी बिछाने का कार्य किया जाएगा। बिहार के भितहा, मधुबनी, ठकराहा और पिपरासी इससे जुड़े हैं, जबकि कुशीनगर यूपी के छितौनी, सेवरही और तमकुहीराज का भी जुड़ाव है।
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इस रेल परियोजना से न केवल बाढ़ प्रभावित इलाकों में पिछड़ापन कम होगा, बल्कि परिवहन की सुविधा बढ़ने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड से जुड़े छितौनी-तमकुही रेल परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। बजट मिलने और फिर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ बची हुई रेल पटरी बिछाने और रेल लाइन के लिए विद्युतीकरण में तेजी आएगी।परियोजना को धरातल पर उतरते देख छितौनी-तमकुही रेल चलाओ संघर्ष समिति के सदस्यों और कुशीनगर पश्चिम चंपारण के लोगों में खुशी का माहौल है।
साल 2007 में जो सपना तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहार के बाढ़ प्रभावित पश्चिम चंपारण के इलाकों को कुशीनगर से रेल मार्ग से जोड़ने का देखा था, वह अब पूरा होगा। इसके लिए सांसद विजय कुमार दूबे ने काफी प्रयास किया। वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी इंटर कॉलेज में छितौनी-तमकुही रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। शुरुआती दिनों में तीन किमी तक रेल लाइन बिछाकर उस पर ट्रायल भी किया गया।
छितौनी में रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुका था, लेकिन बजट के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ सका। वर्ष 2015-16 में फिर बजट मिला तो पश्चिम चंपारण के नैनहा तक रेलवे लाइन पर मिट्टी भराई और आधा दर्जन पुल का निर्माण कराया गया।
वर्ष 2018 में इस परियोजना को अनुपयोगी बताकर बंद कर दिया गया, लेकिन रेल चलाओ संघर्ष समिति और सांसद विजय कुमार डूबे के प्रयास के कारण अब वर्षों का सपना पूरा होते देखा जा रहा है।
बनेंगे पांच रेलवे स्टेशन: तमकुहीरोड से छितौनी के बीच दियारा क्षेत्र को रेल यातायात एवं विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 20 फरवरी 2007 को तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी के हायर सेकेंडरी स्कूल में 62.5 किमी लंबी रेल परियोजना की आधारशिला रखी थी।
इसके तहत 173.98 एकड़ भूमि का अधिग्रहण के साथ 35.70 लाख घन मीटर मिट्टी का कार्य, 10 बड़े और 47 छोटे पुलों का निर्माण कराया जाना था।
साथ ही तमकुहीरोड से छितौनी के बीच पिपरही, खैरा टोला, धनहा, धुबनी, जटहा पांच रेलवे स्टेशनों के निर्माण का कार्य भी प्रस्तावित था, लेकिन लालू के रेलमंत्री से हटने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने में अन्य रेलमंत्रियों ने रुचि नहीं दिखाई।
सांसद विजय दूबे 2019 में जब सदन पहुंचे तभी से छितौनी-तमकुही रेल परियोजना को बजट दिलाने की मांग उठाने लगे। सांसद ने सदन में इसकी मांग करने के साथ रेल मंत्री व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मिलकर इस परियोजना के लिए बजट आवंटित करने की मांग की।
सांसद ने बताया कि इस परियोजना के चालू होने से कुशीनगर के साथ-साथ पश्चिमी चंपारण का विकास होगा।
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कुशीनगर। 18 वर्ष पूर्व यूपी-बिहार के इलाके में छितौनी-तमकुही रेल मार्ग के माध्यम से जोड़ते हुए बाढ़ प्रभावित इलाके में पिछड़ापन दूर कर कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियां उत्कृष्ट करने का जो सपना बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और रेल मंत्री लालू यादव ने देखा था, वह तमाम उलझनों को पार करती हुई विजय की ओर अग्रसर है।
इसमें कुशीनगर के वर्तमान सांसद विजय कुमार दुबे की मजबूत भूमिका रही है। समय-समय पर ठंडे बस्ते में पड़ी इस रेल परियोजना को चालू करने की मांग वह संसद में उठाते रहे।
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इसका परिणाम यह रहा कि छितौनी-तमकुही रेल परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जमीन अधिग्रहण का कार्य पहले से पूर्ण होने के अंतिम दौर में है।
ऐसे में इस 62 किमी प्रस्तावित रेल मार्ग पर विद्युतीकरण और पटरी बिछाने का कार्य किया जाएगा। बिहार के भितहा, मधुबनी, ठकराहा और पिपरासी इससे जुड़े हैं, जबकि कुशीनगर यूपी के छितौनी, सेवरही और तमकुहीराज का भी जुड़ाव है।
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इस रेल परियोजना से न केवल बाढ़ प्रभावित इलाकों में पिछड़ापन कम होगा, बल्कि परिवहन की सुविधा बढ़ने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड से जुड़े छितौनी-तमकुही रेल परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। बजट मिलने और फिर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ बची हुई रेल पटरी बिछाने और रेल लाइन के लिए विद्युतीकरण में तेजी आएगी।परियोजना को धरातल पर उतरते देख छितौनी-तमकुही रेल चलाओ संघर्ष समिति के सदस्यों और कुशीनगर पश्चिम चंपारण के लोगों में खुशी का माहौल है।
साल 2007 में जो सपना तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहार के बाढ़ प्रभावित पश्चिम चंपारण के इलाकों को कुशीनगर से रेल मार्ग से जोड़ने का देखा था, वह अब पूरा होगा। इसके लिए सांसद विजय कुमार दूबे ने काफी प्रयास किया। वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी इंटर कॉलेज में छितौनी-तमकुही रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। शुरुआती दिनों में तीन किमी तक रेल लाइन बिछाकर उस पर ट्रायल भी किया गया।
छितौनी में रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुका था, लेकिन बजट के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ सका। वर्ष 2015-16 में फिर बजट मिला तो पश्चिम चंपारण के नैनहा तक रेलवे लाइन पर मिट्टी भराई और आधा दर्जन पुल का निर्माण कराया गया।
वर्ष 2018 में इस परियोजना को अनुपयोगी बताकर बंद कर दिया गया, लेकिन रेल चलाओ संघर्ष समिति और सांसद विजय कुमार डूबे के प्रयास के कारण अब वर्षों का सपना पूरा होते देखा जा रहा है।
बनेंगे पांच रेलवे स्टेशन: तमकुहीरोड से छितौनी के बीच दियारा क्षेत्र को रेल यातायात एवं विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 20 फरवरी 2007 को तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी के हायर सेकेंडरी स्कूल में 62.5 किमी लंबी रेल परियोजना की आधारशिला रखी थी।
इसके तहत 173.98 एकड़ भूमि का अधिग्रहण के साथ 35.70 लाख घन मीटर मिट्टी का कार्य, 10 बड़े और 47 छोटे पुलों का निर्माण कराया जाना था।
साथ ही तमकुहीरोड से छितौनी के बीच पिपरही, खैरा टोला, धनहा, धुबनी, जटहा पांच रेलवे स्टेशनों के निर्माण का कार्य भी प्रस्तावित था, लेकिन लालू के रेलमंत्री से हटने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने में अन्य रेलमंत्रियों ने रुचि नहीं दिखाई।
सांसद विजय दूबे 2019 में जब सदन पहुंचे तभी से छितौनी-तमकुही रेल परियोजना को बजट दिलाने की मांग उठाने लगे। सांसद ने सदन में इसकी मांग करने के साथ रेल मंत्री व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मिलकर इस परियोजना के लिए बजट आवंटित करने की मांग की।
सांसद ने बताया कि इस परियोजना के चालू होने से कुशीनगर के साथ-साथ पश्चिमी चंपारण का विकास होगा।