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Kushinagar News: बच्चों को लोकगीत और पर्यावरण संरक्षण की मिलेगी जानकारी
Sun, 30 Mar 2025 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 30 Mar 2025 01:47 AM IST
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पडरौना। जिले के परिषदीय विद्यालयों में नए सत्र 2025-26 में कक्षा तीन में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें पढ़ाई जाएंगी। इन किताबों में स्थानीय स्तर पर क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़ी सामग्री शामिल की गई हैं। छात्रों को क्षेत्रीय बोलियों में लोकगीत व पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। प्रदेश के उत्सव और पर्व के बारे में भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी की ओर से हिंदी, अंग्रेजी व गणित के पाठ्यक्रम में आंशिक बदलाव स्थानीय स्तर पर किया गया है। इसके तहत अब कक्षा तीन के छात्र क्षेत्रीय बोलियों ब्रज, अवधी, बुंदेली व भोजपुरी में भी सीखेंगे। इन बोलियों में लोकगीत, पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी चीजें आदि को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इससे छात्र प्रदेश की भाषाई विविधता से समृद्ध होंगे। ताकि छात्र अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस करें। वहीं, कक्षा छह के पाठ्यक्रम में भी भारतीय विरासत और आधुनिक तकनीक जैसे कोडिंग की बुनियादी जानकारी को शामिल किया गया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत अनुभवात्मक और कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है।
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पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी की ओर से हिंदी, अंग्रेजी व गणित के पाठ्यक्रम में आंशिक बदलाव स्थानीय स्तर पर किया गया है। इसके तहत अब कक्षा तीन के छात्र क्षेत्रीय बोलियों ब्रज, अवधी, बुंदेली व भोजपुरी में भी सीखेंगे। इन बोलियों में लोकगीत, पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी चीजें आदि को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इससे छात्र प्रदेश की भाषाई विविधता से समृद्ध होंगे। ताकि छात्र अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस करें। वहीं, कक्षा छह के पाठ्यक्रम में भी भारतीय विरासत और आधुनिक तकनीक जैसे कोडिंग की बुनियादी जानकारी को शामिल किया गया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत अनुभवात्मक और कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है।
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