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21 हजार दीयों से जगमग हुआ बुढ़िया माई मंदिर परिसर

Sun, 23 Oct 2022 11:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 11:25 PM IST
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Budhiya Mai temple complex lit up with 21 thousand diyas
दीप प्रज्वलित करते मां नारायणी समाजिक कुंभ संस्था के सदस्य। - फोटो : KUSHINAGAR
21 हजार दीयों से जगमग हुआ बुढ़िया माई मंदिर परिसर
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नगर के मानस कॉलोनी स्थित बुढ़िया माता मंदिर परिसर स्थित छठ घाट के पास मनाया गया दीपोत्सव
पडरौना। नगर के जनरल विपिन रावत नगर की मानस कॉलोनी स्थित श्री बुढ़िया माता मंदिर के पास छठ घाट परिसर में रविवार शाम दीपोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें 21,000 दीप जलाए गए। इससे पूरा मंदिर परिसर रोशनी से नहा उठा।
इस अवसर पर मौजूद नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल ने कहा कि दीपावली प्रकाश का पर्व है। यह त्योहार अंधकार को त्याग कर प्रकाश अपनाने का मार्ग दिखाता है। इस उत्सव से जीवन में नकारात्मक भाव त्यागने की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि इस छठ घाट समेत आस-पास के स्थानों को सांस्कृतिक विरासत के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि पर्यटन के रूप में विकसित हो सके। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने 21 हजार दीप जलाए, जिससे छठ घाट जगमग हो उठा। इस कार्यक्रम को भाजपा जिला उपाध्यक्ष विजय शुक्ला, नगर अध्यक्ष प्रमोद साहा, देवेश मिश्रा, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल, अरुण सिंह, मालती देवी, सोनी देवी, सुशीला देवी, सारिका सिंह आदि ने संबोधित किया। इस दौरान मंजू देवी, प्रियंका देवी, सरोज देवी, सविता देवी, मनोज गुप्ता, संतोष चौहान, अजय शर्मा, आनंद रावत, आलोक विश्वकर्मा, बृजेश शर्मा, अमित जायसवाल, किशन गुप्ता, मंथन सिंह और विपिन जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुुसार मां नारायणी सामाजिक कुंभ आयोजन समिति की तरफ से रविवार को छितौनी बगहा रेल सड़क पुल के पास नारायणी नदी के पनियहवा घाट स्थित कुंभ स्थल परिसर में दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलित किया गया। मां नारायणी सामाजिक कुंभ के संयोजक मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि प्रकाश होने से ही आत्मतेज की अनुभूति होती है। दीपकों के तेल (स्नेह) की सुगंध से विषैले कीटाणुओं का नाश होता है। इसके अलावा वातावरण में शुद्धता व पवित्रता उत्पन्न होती है, जिससे लोगों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दौरान संरक्षक रामनयनदास, महंत सतेंद्र गिरी महाराज, बद्रीनाथ तिवारी, विकास सिंह, देवेंद्र मल, करन यादव, प्रभाकर पांडेय, अशोक निषाद, राकेश निषाद, सुनील यादव, मनीष शर्मा, मुन्ना सिंह और फूला देवी आदि मौजूद रहे।
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