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Kushinagar News: 250 करोड़ से नारायणी नदी पर बनेगा पुल, पांच लाख लोगों को मिलेगा लाभ

Sun, 11 Oct 2026 01:56 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:56 AM IST
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Bridge to be built over Narayani River at a cost of 250 crore; five lakh people to benefit.
- अमवादिगर से भरथ पट्टी तक बनेगा पक्का पुल, पांच लाख से अधिक आबादी को मिलेगी राहत
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- नाव के सहारे नदी पार करने की मजबूरी होगी दूर, यूपी और बिहार के बीच सीधा संपर्क होगा मजबूत
- किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने में मिलेगी सहूलियत, हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को होगा लाभ

पडरौना/गोड़रिया। अमवादिगर से भरथ पट्टी के बीच नारायणी (गंडक) नदी पर करीब 200 मीटर लंबा पक्का बनाया जाएगा। इस पुल के निर्माण पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। निर्माण शुरू कराने के लिए धनराशि भी जारी हो गई है। पुल का निर्माण कार्य पूरा होने पर पांच लाख से अधिक आबादी को आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। अभी नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। पुल बनने से उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सीधा संपर्क भी मजबूत होगा।

गंडक नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों के लोग वर्षों से आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं। नारायणी (गंडक) नदी के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए नाव या लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। बरसात में जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और मुश्किल हो जाती है। ऐसे में अमवादिगर से भरथ पट्टी के बीच प्रस्तावित पुल को क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। फिलहाल नदी पार करने के लिए ग्रामीणों को नाव पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं।
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पक्का पुल बनने से लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन का विकल्प मिल जाएगा। गंडक नदी के आसपास के गांवों में बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। नदी के कारण खेतों और बाजारों के बीच सीधा संपर्क नहीं होने से किसानों को उपज ले जाने में दिक्कत होती है। पुल बनने से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना आसान होगा। इससे परिवहन खर्च और समय की बचत हो सकती है। क्षेत्र की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि के किसानों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
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बेहतर संपर्क से खाद, बीज और कृषि उपकरणों की उपलब्धता भी आसान हो सकती है। अमवादिगर से भरथ पट्टी तक पुल बनने से नदी के दोनों ओर बसे गांवों के बीच दूरी घटेगी। लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय बाजारों में कारोबार बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी संभावना है। तीन पुलों के निर्माण की योजना से पूरे क्षेत्र में आवागमन के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

लंबे इंतजार के बाद मिलेगा पुल
क्षेत्र के गोरख, सुंदर, धुर्प, संजय और मनोज का कहना है कि गंडक नदी पर पक्के पुल की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अभी नाव से नदी पार करना पड़ता है या दूसरे रास्तों से होकर जाना होता है। इससे समय की बर्बादी के साथ कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ती है। पुल बनने से खेती-किसानी से जुड़े काम आसान होंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि परियोजना का निर्माण जल्द शुरू होगा और उन्हें वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलेगी।

13 गांवों के लोग कई दिनों से फंसे थे नदी के पार
बरवापट्टी। वर्ष 2021 के जून माह में नारायणी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से अमवाखास दियारा क्षेत्र के उस पार भगवानपुर, खुरहुरिया, गोखुला, रक्तहिया, गीधवना, बनरही, सम्पूर्णा नगर, कौआखोर, महुअवा, बक्सर, किशुनवा, करवतही, कैथवलिया समेत कई गांव के सैकड़ों ग्रामीणों फंस गए थे। नदी पार फंसे लोगों को वापस लाने के लिए प्रशासन ने मोटरचालित नाव भेजा था। नाव करीब 150 लोगों को लेकर लौट रही थी लेकिन एक मोटरचालित नाव बीच धारा में फंस गई थी। बहाव के कारण नाव करीब पांच किलोमीटर दूर परोराही गांव के सामने जाकर अटक गई थी। इसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने नाव पर सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था।

वर्जन
गंडक नदी पर पुल की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पुल निर्माण होने की खबर से क्षेत्रवासियों में खुशी है। पुल का निर्माण होने से यूपी बिहार के बीच सीधा संपर्क जुड़ जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

- सुनील गौड़, निवासी पडुरही।

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गंडक नदी पर पुल बनने से सबसे अधिक लाभ क्षेत्र के किसानों को होगा। उन्हें गंडक नदी पार अपने खेतों तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी। अभी लोग नाव से ही नदी पार करते हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर होगी।

- गोरख, निवासी अमवादिगर।

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नारायणी नदी पर पुल बनने से क्षेत्र के कई गांव के लोगों को अपने खेतों तक पहुंच आसान हो जाएगी। पुल और सड़क बनने से किसानों की जमीन की कीमत भी बढ़ जाएगी। सुविधाएं बढ़ने से खेती-किसानी को बढ़ावा मिलेगा।

- सुनर, निवासी अमवादिगर।

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नदी की कटान में उनका घर उजड़ गया था। अब नदी के इस पार घर बनाकर रह रहे हैं। खेती करने के लिए नाव से गंडक नदी पार कर खेत तक जाना पड़ता है। नदी पर पुल बनने से क्षेत्र के लोगों का आवागमन आसान होगा।


- ध्रूप, निवासी, अमवादिगर।
वर्जन

दुदही क्षेत्र के अमवादिगर से भरथ पट्टी तक गंडक नदी पर पुल निर्माण को स्वीकृति मिली है। 200 मीटर पुल के निर्माण कार्य पर 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम को जिम्मेदारी मिली है।

- राहुल सोनी, एई, पीडब्ल्यूडी।
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