फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Books not reached in many council schools

परिषदीय सकूलों का लाइव

Thu, 23 Sep 2021 10:50 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 10:50 PM IST
विज्ञापन
Books not reached in many council schools
कई परिषदीय स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें
विज्ञापन

विद्यालय के बच्चों ने कहा कि जब पुस्तकें नहीं आईं, तो कैसे करें पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवापट्टी। इन दिनों शिक्षा विभाग ‘सब पढ़े, सब बढ़ें’ का नारा देकर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। लेकिन सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी कई परिषदीय स्कूलों के बच्चों को किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इससे विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही हैं।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें उपलब्ध करानी हैं। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता की वजह से दुदही ब्लॉक क्षेत्र के कई स्कूलों में अभी तक नि:शुल्क पुस्तकें नहीं पहुंच सकी हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी पढ़ रही हैं। इससे परेशानी होने के साथ कान्वेंट स्कूलों को मात देने की सरकार की परिकल्पना भी साकार होती नहीं दिख रही है। बृहस्पतिवार को दुदही ब्लॉक क्षेत्र के पिपरहीं, अमवाखास, बरवपट्टी और दशाहवा गांव स्थित परिषदीय स्कूलों का पड़ताल की गई। तो किसी भी स्कूल में अभी तक विद्यार्थियों को पुस्तक नहीं दिया गया था। प्राथमिक विद्यालय पिपरही में 178 विद्यार्थी नामांकित हैं। इसमें से बृहस्पतिवार को 130 विद्यार्थी उपस्थित थे। प्राथमिक विद्यालय अमवाखास में नामांकित 129 छात्र-छात्राओं में से 55 विद्यार्थी उपस्थित थे। जूनियर हाईस्कूल बरवापट्टी में नामांकित 84 छात्र-छात्राओं में से 58 उपस्थित रहे। प्राथमिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशाहवा में नामांकित 436 छात्र-छात्राओं में से 260 विद्यार्थी ही बृहस्पतिवार को पढ़ने आए थे। लेकिन किसी भी विद्यालय में अभी तक सरकार की तरफ से मिलने वाली पुस्तकें नहीं मिलने से छात्र-छात्राओं में वितरित नहीं हो सका था। छात्रा प्रतिमा कुमारी ने बताया कि हमारी कक्षा के किसी भी विद्यार्थी को पुस्तकें नहीं मिली हैं। इसलिए बिना किताब के ही स्कूल में पढ़ने आते हैं। छात्रा शबनम खातून ने बताया कि नए सत्र की किताबें नहीं मिली हैं। पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए गांव के दूसरे बच्चों से पुराना किताब मांग कर पढ़ाई कर रहे हैं। छात्र नीरज पटेल ने कहा कि किताब नहीं होने से पढ़ाई नहीं हो पा रहा है। शिक्षक से पूछने पर बताया कि विभाग की तरफ से पुस्तक मिलने पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। प्रिंस कुमार ने बताया कि पुस्तक के बिना पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। इसलिए अभी पिछली कक्षा के किताबों से ही पढ़ाई कर रहे हैं। इस बाबत दुदही बीईओ अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि विभाग से पुस्तकें बीआरसी को उपलब्ध हो गई हैं। इसके वितरण की तैयारी की जा रही है। शीघ्र ही सभी विद्यालयों में नि:शुल्क वितरण होने वाली पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed