{"_id":"613256af8ebc3e74e856d6e5","slug":"bathinda-s-fortified-rice-will-heal-children-kushinagar-news-gkp407837297","type":"story","status":"publish","title_hn":"बटिंडा का फोर्टीफाइड चावल बच्चों को बनाएगा चंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बटिंडा का फोर्टीफाइड चावल बच्चों को बनाएगा चंगा
विज्ञापन
संशोधित
भटिंडा को बटिंडा किया गया है।
बटिंडा का फोर्टीफाइड चावल बच्चों को बनाएगा चंगा
जूनियर तक के बच्चों के एमडीएम के साथ दिया जाएगा चावल
सामान्य चावल की पिसाई के बाद पोषक तत्व मिश्रित कर तैयार किया गया
जनपद स्तर पर भी फोर्टीफाइड चावल तैयार करने पर चल रही कोशिश
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। पिछले तीन दिनों से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर प्लास्टिक का चावल आने की आशंका से राशन कार्डधारक परेशान हैं। इसे लेकर बृहस्पतिवार को नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के खानूछपरा में कार्डधारकों ने हंगामा भी किया था। आपूर्ति विभाग और खाद्य एवं विपणन विभाग की मानें तो यह फोर्टीफाइड चावल है, जो प्रोटीन, मिनरल और अन्य पोषक तत्वों से युक्त है। इसे एक निर्धारित मात्रा में सभी चावल के बोरियों में मिलाया गया है। इसे जूनियर तक के विद्यालयों में बच्चों को मिड-डे मील में दिया जाएगा। बटिंडा से इसकी आपूर्ति हो रही है।
बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील को और पौष्टिक बनाने के लिए फोर्टीफाइड चावल का आवंटन शुरू किया गया है। यह एक प्रकार का पोषाहार है। इसमें प्रोटीन, मिनरल सहित अन्य पोषक तत्वों का मिश्रण किया गया है। एक निर्धारित मात्रा में इसे चावल की बोरियों में मिश्रित किया गया है। इन बोरियों को एमडीएम के लिए विद्यालयों में भेजा जाना है। चूंकि इसके बारे में चावल की बोरियों पर टैग अथवा किसी प्रकार का निशान या मुहर नहीं होने की वजह से कुछ कोटेदार इसे अलग नहीं कर पाए हैं और अनजाने में एमडीएम के फोर्टीफाइड चावल को राशन कार्डधारकों को देने लगे हैं। क्योंकि सभी बोरे भी एक जैसे ही हैं। ऐसे में कार्डधारक पहली बार फोर्टीफाइड चावल को प्लास्टिक का चावल समझ रहे हैं। खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश के आयुक्त एवी राजमौली की तरफ से संभागीय खाद्य नियंत्रक उत्तर प्रदेश और जिला खाद्य विपणन अधिकारी को पत्र भेजकर इस फोर्टीफाइड चावल के बारे में अवगत भी कराया गया है। संवाद
ऐसे तैयार होता है फोर्टीफाइड चावल
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि चावल की पहले पिसाई होती है। फिर इसमें प्रोटीन, मिनरल और अन्य पोषक तत्व मशीन से मिश्रण किया जाता है। फिर उसे अलग मशीन में डालकर चावल के रूप में तैयार किया जाता है। जनपद स्तर पर भी इसे तैयार किया जाना है। इसके लिए जनपद के राइस मिलरों से वार्ता की गई है, लेकिन उनके पास ऐसी मशीनें नहीं हैं, मशीनें लगाने में खर्च अधिक है। फिलहाल बटिंडा (पंजाब) से आपूर्ति हो रही है।
विज्ञापन
फोर्टीफाइड चावल की विशेषता
फोर्टीफाइड चावल का मतलब है, पोषणयुक्त चावल। इसमें प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी-12, फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा की वजह से फोर्टीफाइड चावल की न्यूट्रीशनल वैल्यू भी काफी ज्यादा होती है। यानी इस चावल का सेवन करने पर बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं होंगे। जिस प्रकार कंपनियां विटामिन और मिनरल को खाद्य पदार्थों में प्रोसेसिंग के जरिए मिलाती हैं, यानी अलग से विटामिन और मिनरल खाने में पहुंचाया जाता है, उस तरह फोर्टीफाइड चावल भी तैयार किया जा रहा है।
यह फोर्टीफाइड चावल है। इसकी आपूर्ति जूनियर कक्षाओं तक के बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील के लिए की जा रही है। इसी मंशा से सरकार इसकी आपूर्ति कर रही है। कोटे के चावल और फोर्टीफाइड चावल के बोरे एक जैसे हैं और उनकी पहचान के लिए कोई टैग नहीं लगा है, इसलिए इन चावलों को देखकर लोग हैरान हैं।
- विनय प्रताप सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
राशन की दुकानों पर जो अलग प्रकार का चावल हैं, उसके बारे में पता किया गया है। वह प्लास्टिक के चावल नहीं हैं। पोषक तत्वों से भरपूर चावल हैं। इसलिए राशन कार्डधारक प्लास्टिक के चावल को लेकर अफवाह में न पड़ें।
- दिलीप कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
भटिंडा को बटिंडा किया गया है।
बटिंडा का फोर्टीफाइड चावल बच्चों को बनाएगा चंगा
जूनियर तक के बच्चों के एमडीएम के साथ दिया जाएगा चावल
सामान्य चावल की पिसाई के बाद पोषक तत्व मिश्रित कर तैयार किया गया
जनपद स्तर पर भी फोर्टीफाइड चावल तैयार करने पर चल रही कोशिश
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। पिछले तीन दिनों से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर प्लास्टिक का चावल आने की आशंका से राशन कार्डधारक परेशान हैं। इसे लेकर बृहस्पतिवार को नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के खानूछपरा में कार्डधारकों ने हंगामा भी किया था। आपूर्ति विभाग और खाद्य एवं विपणन विभाग की मानें तो यह फोर्टीफाइड चावल है, जो प्रोटीन, मिनरल और अन्य पोषक तत्वों से युक्त है। इसे एक निर्धारित मात्रा में सभी चावल के बोरियों में मिलाया गया है। इसे जूनियर तक के विद्यालयों में बच्चों को मिड-डे मील में दिया जाएगा। बटिंडा से इसकी आपूर्ति हो रही है।
बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील को और पौष्टिक बनाने के लिए फोर्टीफाइड चावल का आवंटन शुरू किया गया है। यह एक प्रकार का पोषाहार है। इसमें प्रोटीन, मिनरल सहित अन्य पोषक तत्वों का मिश्रण किया गया है। एक निर्धारित मात्रा में इसे चावल की बोरियों में मिश्रित किया गया है। इन बोरियों को एमडीएम के लिए विद्यालयों में भेजा जाना है। चूंकि इसके बारे में चावल की बोरियों पर टैग अथवा किसी प्रकार का निशान या मुहर नहीं होने की वजह से कुछ कोटेदार इसे अलग नहीं कर पाए हैं और अनजाने में एमडीएम के फोर्टीफाइड चावल को राशन कार्डधारकों को देने लगे हैं। क्योंकि सभी बोरे भी एक जैसे ही हैं। ऐसे में कार्डधारक पहली बार फोर्टीफाइड चावल को प्लास्टिक का चावल समझ रहे हैं। खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश के आयुक्त एवी राजमौली की तरफ से संभागीय खाद्य नियंत्रक उत्तर प्रदेश और जिला खाद्य विपणन अधिकारी को पत्र भेजकर इस फोर्टीफाइड चावल के बारे में अवगत भी कराया गया है। संवाद
विज्ञापन
ऐसे तैयार होता है फोर्टीफाइड चावल
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि चावल की पहले पिसाई होती है। फिर इसमें प्रोटीन, मिनरल और अन्य पोषक तत्व मशीन से मिश्रण किया जाता है। फिर उसे अलग मशीन में डालकर चावल के रूप में तैयार किया जाता है। जनपद स्तर पर भी इसे तैयार किया जाना है। इसके लिए जनपद के राइस मिलरों से वार्ता की गई है, लेकिन उनके पास ऐसी मशीनें नहीं हैं, मशीनें लगाने में खर्च अधिक है। फिलहाल बटिंडा (पंजाब) से आपूर्ति हो रही है।
विज्ञापन
फोर्टीफाइड चावल की विशेषता
फोर्टीफाइड चावल का मतलब है, पोषणयुक्त चावल। इसमें प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी-12, फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा की वजह से फोर्टीफाइड चावल की न्यूट्रीशनल वैल्यू भी काफी ज्यादा होती है। यानी इस चावल का सेवन करने पर बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं होंगे। जिस प्रकार कंपनियां विटामिन और मिनरल को खाद्य पदार्थों में प्रोसेसिंग के जरिए मिलाती हैं, यानी अलग से विटामिन और मिनरल खाने में पहुंचाया जाता है, उस तरह फोर्टीफाइड चावल भी तैयार किया जा रहा है।
यह फोर्टीफाइड चावल है। इसकी आपूर्ति जूनियर कक्षाओं तक के बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील के लिए की जा रही है। इसी मंशा से सरकार इसकी आपूर्ति कर रही है। कोटे के चावल और फोर्टीफाइड चावल के बोरे एक जैसे हैं और उनकी पहचान के लिए कोई टैग नहीं लगा है, इसलिए इन चावलों को देखकर लोग हैरान हैं।
- विनय प्रताप सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
राशन की दुकानों पर जो अलग प्रकार का चावल हैं, उसके बारे में पता किया गया है। वह प्लास्टिक के चावल नहीं हैं। पोषक तत्वों से भरपूर चावल हैं। इसलिए राशन कार्डधारक प्लास्टिक के चावल को लेकर अफवाह में न पड़ें।
- दिलीप कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी