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कहीं धान खरीद बंद तो कहीं केंद्र प्रभारी लापता
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कहीं धान खरीद बंद तो कहीं केंद्र प्रभारी लापता
एक माह में हुई तीन हजार मीट्रिक टन धान खरीद
विशुनपुुरा का धान क्रय केंद्र पडरौना में होता है संचालित
धान खरीद के लिए 96,800 मीट्रिक टन है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिले में धान खरीद की गति काफी सुस्त है। धान खरीद शुरू हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक तीन हजार तीन सौ मीट्रिक टन ही धान खरीद हो पाई है। जबकि धान खरीद का लक्ष्य 96,800 मीट्रिक टन है। इसके लिए कुल 63 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन अधिकतर क्रय केंद्र किसानों की अपेक्षाओं पर पूरे नहीं उतर पा रहे हैं। विशुनपुरा ब्लॉक का क्रय केंद्र पडरौना शहर में संचालित होता है। ऐसे ही कई क्रय केंद्र हैं, जहां या तो ताला बंद रह रहा है या फिर वहां खरीदारी नहीं हो रही है। शुक्रवार को ऐसे कुछ क्रय केंद्रों की पड़ताल कराई गई।
खाद्य विभाग का क्रय केंद्र भटवलिया के निकट पडरौना-रामकोला रोड के किनारे है। यह विशुनपुरा ब्लॉक का क्रय केंद्र है, जो पडरौना में संचालित हो रहा है। शुक्रवार को क्रय केंद्र खुला था, लेकिन केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद एक मजदूर ने बताया कि उसे देखरेख के लिए छोड़ा गया है। केंद्र प्रभारी गोरखपुर से आते हैं। उस समय केंद्र पर कोई किसान नहीं था। जो नंबर क्रय केंद्र पर दर्शाया गया था, वह दोपहर में करीब एक बजे बंद था। इससे कुछ ही दूरी पर एफसीआई का क्रय केंद्र भी है। यहां धान बेचने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली बाहर गेट पर लाइन में खड़े किए गए थे।
कोरया खिरिया में बंद थी धान की खरीद
गुरवलिया बाजार। किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड कोरया खिरिया केंद्र शुक्रवार को खुला था। केंद्र के सचिव एवं धान क्रय केंद्र प्रभारी संजय शाही किसानों को उर्वरक बेच रहे थे। खिरिया निवासी रामधनी प्रसाद, गुरवलिया निवासी अरविंद शाही, रमेश शाही, सेमरा हर्दोपट्टी निवासी संतोष सिंह, प्रेमशंकर सिंह, सोन्दिया बुजुर्ग निवासी प्रभाकर पांडेय उर्वरक की खरीदारी कर रहे थे। केंद्र प्रभारी ने बताया कि वहां 400 बोरी डीएपी है और 1200 रुपये प्रति बोरी बिक रहा है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि आठ नवंबर से इस केंद्र पर धान की खरीदारी हो रही है। अब तक किसानों से 400 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। किसान रजनीश राय, सुरेश सिंह, मनीष राय, नीरज पाठक, प्रेमशंकर सिंह व संतोष सिंह ने कहा कि क्रय केंद्र पर धान की खरीद नहीं हो रही है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि अभी तक परिवहन ठेकेदार और राइस मिलों की तरफ से धान का उठाव और हॉलिंग नहीं की गई है। इस कारण गोदाम धान से भरा हुआ है। इसलिए खरीदारी नहीं हो पा रही है।
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बबुइया हरपुर में शुरू नहीं हुई धान खरीद, बंद रहा केंद्र
जटहां बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक में धान खरीद सुस्त गति से चल रही है। किसान धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकने के लिए विवश हैं। शुक्रवार को किसान सहकारी समिति बबुइया हरपुर पर ताला बंद था। वहां के लोगों ने बताया कि अभी तक इस समिति पर धान की खरीद शुरू नहीं हुई है। इस समिति के सचिव एवं केंद्र प्रभारी मुस्तकीम अंसारी ने बताया कि तबीयत खराब है। इसलिए समिति बंद है। उन्होंने बताया कि मिलरों के हड़ताल की वजह से धान खरीद शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि केवल दो किसानों का करीब एक सौ दस क्विंटल धान खरीदा गया है।
मिलर नहीं कर रहे धान की कुटाई, धान खरीद प्रभावित
बोदरवार। कप्तानगंज क्षेत्र के बोदरवार, भड़सर खास, बड़हरा, बसंतपुर, घोड़ादेउर सहित पांच क्रय केंद्र संचालित हैं। बोदरवार क्रय केंद्र में 297.75 क्विंटल, भड़सर खास में 399.57 क्विंटल बड़हरा में 125 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। किसान खूबलाल गोंड ने कहा कि 50 क्विंटल धान बाहर रखा है, जिसकी बिक्री नहीं हो पा रही है। किसान प्रमोद तिवारी ने कहा कि हम लोग छोटे किसान हैं। अभी खाद-बीज खरीदना है, जिसके लिए रुपये की जरूरत है। क्रय केंद्र पर बोरा नहीं है। धान की बिक्री कैसे हो। किसान नत्थू यादव ने कहा कि मुझे 200 क्विंटल धान बेचना है। भड़सर निवासी लालजी ने कहा कि क्रय केंद्र पर बोरा न होने से धान नहीं खरीदा जा रहा है। इस वजह से 1100-1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान आढ़तियों के हाथों में बेचना पड़ रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी गौतम सिंह ने बताया कि केंद्र को एक हजार बोरे मिले थे। चार सौ क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। गोदाम भर गया है। बोरे की डिमांड की गई है।
जनपद में धान खरीद की स्थिति (मीट्रिक टन में)
एजेंसी का नाम क्रय केंद्रों की संख्या लक्ष्य अब तक हुई धान खरीद
खाद्य विभाग 21 33,800 2029.76
भारतीय खाद्य निगम 01 2000 101.00
पीसीएफ 24 40,000 603.55
यूपीएसएस 05 9000 149.72
पीसीयू 07 12,000 344.76
नेफेड 05 0 88.30
योग 63 96,800 3317.09
डिप्टी आरएमओ बोले
जनपद में धान खरीद की गति मिलरों की हड़ताल की वजह से सुस्त थी। क्योंकि धान की कुटाई न होने की वजह से क्रय केंद्रों के गोदामों में जगह नहीं है। मिलरों से वार्ता चल रही है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी। धान खरीद बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सभी क्रय केंद्र निर्धारित समय पर खुलने हैं और वहां केंद्र प्रभारी को मौजूद रहना है। निरीक्षण में जिसकी लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
-विनय प्रताप सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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एक माह में हुई तीन हजार मीट्रिक टन धान खरीद
विशुनपुुरा का धान क्रय केंद्र पडरौना में होता है संचालित
धान खरीद के लिए 96,800 मीट्रिक टन है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिले में धान खरीद की गति काफी सुस्त है। धान खरीद शुरू हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक तीन हजार तीन सौ मीट्रिक टन ही धान खरीद हो पाई है। जबकि धान खरीद का लक्ष्य 96,800 मीट्रिक टन है। इसके लिए कुल 63 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन अधिकतर क्रय केंद्र किसानों की अपेक्षाओं पर पूरे नहीं उतर पा रहे हैं। विशुनपुरा ब्लॉक का क्रय केंद्र पडरौना शहर में संचालित होता है। ऐसे ही कई क्रय केंद्र हैं, जहां या तो ताला बंद रह रहा है या फिर वहां खरीदारी नहीं हो रही है। शुक्रवार को ऐसे कुछ क्रय केंद्रों की पड़ताल कराई गई।
खाद्य विभाग का क्रय केंद्र भटवलिया के निकट पडरौना-रामकोला रोड के किनारे है। यह विशुनपुरा ब्लॉक का क्रय केंद्र है, जो पडरौना में संचालित हो रहा है। शुक्रवार को क्रय केंद्र खुला था, लेकिन केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद एक मजदूर ने बताया कि उसे देखरेख के लिए छोड़ा गया है। केंद्र प्रभारी गोरखपुर से आते हैं। उस समय केंद्र पर कोई किसान नहीं था। जो नंबर क्रय केंद्र पर दर्शाया गया था, वह दोपहर में करीब एक बजे बंद था। इससे कुछ ही दूरी पर एफसीआई का क्रय केंद्र भी है। यहां धान बेचने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली बाहर गेट पर लाइन में खड़े किए गए थे।
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कोरया खिरिया में बंद थी धान की खरीद
गुरवलिया बाजार। किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड कोरया खिरिया केंद्र शुक्रवार को खुला था। केंद्र के सचिव एवं धान क्रय केंद्र प्रभारी संजय शाही किसानों को उर्वरक बेच रहे थे। खिरिया निवासी रामधनी प्रसाद, गुरवलिया निवासी अरविंद शाही, रमेश शाही, सेमरा हर्दोपट्टी निवासी संतोष सिंह, प्रेमशंकर सिंह, सोन्दिया बुजुर्ग निवासी प्रभाकर पांडेय उर्वरक की खरीदारी कर रहे थे। केंद्र प्रभारी ने बताया कि वहां 400 बोरी डीएपी है और 1200 रुपये प्रति बोरी बिक रहा है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि आठ नवंबर से इस केंद्र पर धान की खरीदारी हो रही है। अब तक किसानों से 400 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। किसान रजनीश राय, सुरेश सिंह, मनीष राय, नीरज पाठक, प्रेमशंकर सिंह व संतोष सिंह ने कहा कि क्रय केंद्र पर धान की खरीद नहीं हो रही है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि अभी तक परिवहन ठेकेदार और राइस मिलों की तरफ से धान का उठाव और हॉलिंग नहीं की गई है। इस कारण गोदाम धान से भरा हुआ है। इसलिए खरीदारी नहीं हो पा रही है।
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बबुइया हरपुर में शुरू नहीं हुई धान खरीद, बंद रहा केंद्र
जटहां बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक में धान खरीद सुस्त गति से चल रही है। किसान धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकने के लिए विवश हैं। शुक्रवार को किसान सहकारी समिति बबुइया हरपुर पर ताला बंद था। वहां के लोगों ने बताया कि अभी तक इस समिति पर धान की खरीद शुरू नहीं हुई है। इस समिति के सचिव एवं केंद्र प्रभारी मुस्तकीम अंसारी ने बताया कि तबीयत खराब है। इसलिए समिति बंद है। उन्होंने बताया कि मिलरों के हड़ताल की वजह से धान खरीद शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि केवल दो किसानों का करीब एक सौ दस क्विंटल धान खरीदा गया है।
मिलर नहीं कर रहे धान की कुटाई, धान खरीद प्रभावित
बोदरवार। कप्तानगंज क्षेत्र के बोदरवार, भड़सर खास, बड़हरा, बसंतपुर, घोड़ादेउर सहित पांच क्रय केंद्र संचालित हैं। बोदरवार क्रय केंद्र में 297.75 क्विंटल, भड़सर खास में 399.57 क्विंटल बड़हरा में 125 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। किसान खूबलाल गोंड ने कहा कि 50 क्विंटल धान बाहर रखा है, जिसकी बिक्री नहीं हो पा रही है। किसान प्रमोद तिवारी ने कहा कि हम लोग छोटे किसान हैं। अभी खाद-बीज खरीदना है, जिसके लिए रुपये की जरूरत है। क्रय केंद्र पर बोरा नहीं है। धान की बिक्री कैसे हो। किसान नत्थू यादव ने कहा कि मुझे 200 क्विंटल धान बेचना है। भड़सर निवासी लालजी ने कहा कि क्रय केंद्र पर बोरा न होने से धान नहीं खरीदा जा रहा है। इस वजह से 1100-1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान आढ़तियों के हाथों में बेचना पड़ रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी गौतम सिंह ने बताया कि केंद्र को एक हजार बोरे मिले थे। चार सौ क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। गोदाम भर गया है। बोरे की डिमांड की गई है।
जनपद में धान खरीद की स्थिति (मीट्रिक टन में)
एजेंसी का नाम क्रय केंद्रों की संख्या लक्ष्य अब तक हुई धान खरीद
खाद्य विभाग 21 33,800 2029.76
भारतीय खाद्य निगम 01 2000 101.00
पीसीएफ 24 40,000 603.55
यूपीएसएस 05 9000 149.72
पीसीयू 07 12,000 344.76
नेफेड 05 0 88.30
योग 63 96,800 3317.09
डिप्टी आरएमओ बोले
जनपद में धान खरीद की गति मिलरों की हड़ताल की वजह से सुस्त थी। क्योंकि धान की कुटाई न होने की वजह से क्रय केंद्रों के गोदामों में जगह नहीं है। मिलरों से वार्ता चल रही है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी। धान खरीद बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सभी क्रय केंद्र निर्धारित समय पर खुलने हैं और वहां केंद्र प्रभारी को मौजूद रहना है। निरीक्षण में जिसकी लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
-विनय प्रताप सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी