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कुशीनगर: मरम्मत की राह देख रही पडरौना बाईपास सड़क
Sun, 19 Feb 2023 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 19 Feb 2023 12:35 AM IST
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पीडब्ल्यूडी नहीं करा रहा मरम्मत कार्य, आवाजाही में लोगों की बढ़ी परेशानी
पडरौना (कुशीनगर )। नगर के भीतर पीडब्ल्यूडी की प्रमुख सड़कें मरम्मत की राह देख रही हैं। प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्ति अभियान की समय सीमा खत्म होने के बाद भी सड़कों की सेहत नहीं सुधरी है जिससे इन सड़कों पर आवागमन करने वालों की सेहत खराब हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत का वादा किया गया था, जो पूरा नहीं हो सका। पडरौना नगर के भीतर पीडब्ल्यूडी की सड़क कठकुईया मोड़ से होते हुए सड़क स्टेशन रोड से अंबे चौक होकर बेलवा चुंगी से जटहा रोड में मिलती है। जटहा रोड से बांसी के पास बिहार में जाकर मिलती है। इस सड़क से पडरौना और कुशीनगर के अलावा बिहार के लोग बड़ी संख्या में आवागमन करते हैं।
छोटे वाहनों से लेकर बड़े मालवाहक गुजरते हैं। पडरौना नगर में रेलवे स्टेशन के पास करीब एक किलोमीटर रेलवे की जद में है, इसके अतिरिक्त पूरी सड़क पीडब्ल्यूडी की है। सड़क करीब दो साल से टूटी हुई है। वर्ष 2022 में बरसात के पूर्व सड़क के मरम्मत की मांग उठी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। बरसात में लोगों ने तकलीफ बर्दाश्त करके आवागमन किया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दिसंबर तक मरम्मत कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि जो सड़क रेलवे के हिस्से में है। उसकी मरम्मत रेलवे नहीं करा पा रहा है, जो पीडब्ल्यूडी के जिम्मे है। वह भी लावारिस हाल छूटी है। पडरौना नगर के जनप्रतिनिधि भी इस सड़क की मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं है। इस वजह से नोनिया पट्टी, स्टेशन रोड, अंबे चौक सहित कई जगहों पर सड़क में सिर्फ गड्ढे बचे हैं।
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परिचर्चा
कुछ सड़क रेलवे के हिस्से में हैं, तो कुछ पीडब्ल्यूडी की हैं। दो विभागों के चक्कर में जनता पिस रही है। आवागमन करके देख लीजिए। यहां से दो चक्कर लगाना पड़ जाए तो परेशान हो जाएंगे।
जितेंद्र मिश्र, ट्रांसपोर्टर
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यह सड़क करीब दो साल से खराब है। बीच में करीब तीन सौ मीटर सड़क बनी है। बाकी हिस्सा छोड़ दिया गया है। एक ओर रेलवे है तो दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी, ऐसे में मरम्मत नहीं हो पा रही।
जगदंबा अग्रवाल, नागरिक
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सड़क के क्षतिग्रस्त होने को सबसे ज्यादा दर्द आसपास के लोग भुगत रहे हैं। सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण बाहर कपड़े सुखाना मुश्किल है। उम्मीद थी कि बरसात के बाद सड़क बन जाएगी, लेकिन नतीजा शून्य है।
कृष्णा वर्मा, नागरिक
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सड़क किसी विभाग की हो, इसके लिए जनप्रतिनिधियों को पहल करनी चाहिए। पडरौना नगर की सड़क है। फिर भी इसे उपेक्षित किया गया है।
राजेश अग्रवाल, व्यवसायी
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पीडब्ल्यूडी की सड़कों की मरम्मत कराई गई है। कुछ सड़कों के पुनर्निर्माण की योजना भी है। इसके बारे में पूरी जानकारी लेंगे। रेलवे के हिस्से को छोड़कर बाकी सड़क बनवाई जाएगी।
मृत्युंजय कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, कुशीनगर
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रेलवे स्टेशन रोड के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। ताकि रेलवे के अधीन सड़क का काम पूरा कराया जा सके।
अशोक कुमार, पीआरओ, वाराणसी मंडल
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पडरौना (कुशीनगर )। नगर के भीतर पीडब्ल्यूडी की प्रमुख सड़कें मरम्मत की राह देख रही हैं। प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्ति अभियान की समय सीमा खत्म होने के बाद भी सड़कों की सेहत नहीं सुधरी है जिससे इन सड़कों पर आवागमन करने वालों की सेहत खराब हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत का वादा किया गया था, जो पूरा नहीं हो सका। पडरौना नगर के भीतर पीडब्ल्यूडी की सड़क कठकुईया मोड़ से होते हुए सड़क स्टेशन रोड से अंबे चौक होकर बेलवा चुंगी से जटहा रोड में मिलती है। जटहा रोड से बांसी के पास बिहार में जाकर मिलती है। इस सड़क से पडरौना और कुशीनगर के अलावा बिहार के लोग बड़ी संख्या में आवागमन करते हैं।
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छोटे वाहनों से लेकर बड़े मालवाहक गुजरते हैं। पडरौना नगर में रेलवे स्टेशन के पास करीब एक किलोमीटर रेलवे की जद में है, इसके अतिरिक्त पूरी सड़क पीडब्ल्यूडी की है। सड़क करीब दो साल से टूटी हुई है। वर्ष 2022 में बरसात के पूर्व सड़क के मरम्मत की मांग उठी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। बरसात में लोगों ने तकलीफ बर्दाश्त करके आवागमन किया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दिसंबर तक मरम्मत कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि जो सड़क रेलवे के हिस्से में है। उसकी मरम्मत रेलवे नहीं करा पा रहा है, जो पीडब्ल्यूडी के जिम्मे है। वह भी लावारिस हाल छूटी है। पडरौना नगर के जनप्रतिनिधि भी इस सड़क की मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं है। इस वजह से नोनिया पट्टी, स्टेशन रोड, अंबे चौक सहित कई जगहों पर सड़क में सिर्फ गड्ढे बचे हैं।
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परिचर्चा
कुछ सड़क रेलवे के हिस्से में हैं, तो कुछ पीडब्ल्यूडी की हैं। दो विभागों के चक्कर में जनता पिस रही है। आवागमन करके देख लीजिए। यहां से दो चक्कर लगाना पड़ जाए तो परेशान हो जाएंगे।
जितेंद्र मिश्र, ट्रांसपोर्टर
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यह सड़क करीब दो साल से खराब है। बीच में करीब तीन सौ मीटर सड़क बनी है। बाकी हिस्सा छोड़ दिया गया है। एक ओर रेलवे है तो दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी, ऐसे में मरम्मत नहीं हो पा रही।
जगदंबा अग्रवाल, नागरिक
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सड़क के क्षतिग्रस्त होने को सबसे ज्यादा दर्द आसपास के लोग भुगत रहे हैं। सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण बाहर कपड़े सुखाना मुश्किल है। उम्मीद थी कि बरसात के बाद सड़क बन जाएगी, लेकिन नतीजा शून्य है।
कृष्णा वर्मा, नागरिक
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सड़क किसी विभाग की हो, इसके लिए जनप्रतिनिधियों को पहल करनी चाहिए। पडरौना नगर की सड़क है। फिर भी इसे उपेक्षित किया गया है।
राजेश अग्रवाल, व्यवसायी
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पीडब्ल्यूडी की सड़कों की मरम्मत कराई गई है। कुछ सड़कों के पुनर्निर्माण की योजना भी है। इसके बारे में पूरी जानकारी लेंगे। रेलवे के हिस्से को छोड़कर बाकी सड़क बनवाई जाएगी।
मृत्युंजय कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, कुशीनगर
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रेलवे स्टेशन रोड के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। ताकि रेलवे के अधीन सड़क का काम पूरा कराया जा सके।
अशोक कुमार, पीआरओ, वाराणसी मंडल
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