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Kushinagar News: जहन्नम से निजात का अशरा आज से शुरू
Fri, 21 Mar 2025 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:13 AM IST
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जानकीनगर। रमजान मोमिनों के लिए खुदा की तरफ से रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना है। अल्लाह ने इस मुबारक महीने को तीन अशरों में बांट दिया है।
पहला अशरा खुदा की तरफ से रहमत वाला है। पहले अशरे में दस दिनों तक अल्लाह की रहमत से सभी सराबोर होते रहें। एक से दस रमजान यानी पहले अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती थी। पहला और दूसरा अशरा बीत चुका है और तीसरा अशरा जोकि जहन्नम से आजादी का है वह शुक्रवार से शुरू हो जाएगा।
क्षेत्र के पिपरा जटामपुर के ईमाम मौलाना मुख्तार अहमद निजामी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की एक हदीस है, जिसका खुलासा है कि रमजान का पहला अशरा रहमत वाला है। दूसरा अशरा अपने गुनाहों की माफी मांगने का है और तीसरा अशरा जहन्नम की आग से छुटकारा पाने का और अल्लाह की पनाह चाहने वालों का है। रमजान का तीसरा अशरा शुरू हो रहा है। ऐसे में अब लोगों को जहन्नम की आग से अल्लाह की पनाह मांगनी चाहिए। रमजान वक्त की पाबंदी का अभ्यास कराता है। रमजान का हर पल महत्व रखता है। रमजान में समय पर नमाज अदा करना, समय पर तिलावत करना, समय पर इफ्तार करना, समय पर सेहरी करना सब इबादत है।
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पहला अशरा खुदा की तरफ से रहमत वाला है। पहले अशरे में दस दिनों तक अल्लाह की रहमत से सभी सराबोर होते रहें। एक से दस रमजान यानी पहले अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती थी। पहला और दूसरा अशरा बीत चुका है और तीसरा अशरा जोकि जहन्नम से आजादी का है वह शुक्रवार से शुरू हो जाएगा।
क्षेत्र के पिपरा जटामपुर के ईमाम मौलाना मुख्तार अहमद निजामी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की एक हदीस है, जिसका खुलासा है कि रमजान का पहला अशरा रहमत वाला है। दूसरा अशरा अपने गुनाहों की माफी मांगने का है और तीसरा अशरा जहन्नम की आग से छुटकारा पाने का और अल्लाह की पनाह चाहने वालों का है। रमजान का तीसरा अशरा शुरू हो रहा है। ऐसे में अब लोगों को जहन्नम की आग से अल्लाह की पनाह मांगनी चाहिए। रमजान वक्त की पाबंदी का अभ्यास कराता है। रमजान का हर पल महत्व रखता है। रमजान में समय पर नमाज अदा करना, समय पर तिलावत करना, समय पर इफ्तार करना, समय पर सेहरी करना सब इबादत है।
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