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एएनएम सेंटर के भवनों में बांध रहे पशु
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:56 PM IST
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सेंटर के सामने बंधा पशु।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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मथौली बाजार। मोतीचक ब्लॉक के विभिन्न गांवों में बने कई एएनएम सेंटर अतिक्रमण के शिकार हैं। कहीं इन केंद्रों में भूसा रखा जा रहा है तो कहीं मवेशी बांधे जा रहे हैं। देखरेख के अभाव में एएनएम सेंटर के भवनों को नुकसान पहुंच रहा है। वहां तैनात एएनएम भी कभी नहीं जाती हैं। इसकी वजह से एएनएम सेंटर का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है।
क्षेत्र के लोहेपार गांव के बाबा टोला में बना एएनएम सेंटर पर गांव के कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। उसके कमरों में लोग लकड़ी और भूसा रख रहे हैं। इसी तरह अजीजनगर गांव में बने एएनएम सेंटर की दीवार, छत और चहारदीवारी देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त होती जा रही है। इस गांव में तैनात एएनएम केंद्र पर कभी रात्रि निवास नहीं करती।
मोतीचक गांव में बना एएनएम सेंटर भी बेकार पड़ा है। गांव के कुछ लोगों ने उसमें लकड़ी और भूसा रखा है। इतना ही नहीं एएनएम केंद्र पर ही लोग अपने मवेशी भी बांध रहे हैं। इसके परिसर में ही गोबर भी रखा जाता है। यहां भी एएनएम के न आने के कारण लोग जच्चा-बच्चा के टीकाकरण आदि के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर जाते हैं।
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इसी तरह खैरेटवा गांव में बने एएनएम सेंटर को अर्द्घनिर्मित दशा में ही छोड़ दिया गया है। यहां के लोगों को भी गर्भवती महिलाओं के प्रसव तथा जच्चा-बच्चा के टीकाकरण के लिए मथौली स्थित सीएचसी लेकर जाना पड़ता है। इस गांव में बना एएनएम सेंटर अपूर्ण होने के कारण एएनएम रात्रि निवास नहीं करती। यही हाल हरपुर मुड़िला में बने एएनएम सेंटर का है। अथरहां में लगी चौपाल में इस गांव के लोगों ने एएनएम सेंटर की समस्या उठाई थी। इस पर कमिश्नर ने तत्काल एडीओ पंचायत को एएनएम सेंटर की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ।
भलुहां गांव में बने एएनएम सेंटर में भी गांव के लोग अपने मवेशियों के लिए भूसा रख रहे हैं, जिससे एएनएम गांव में रात्रि निवास नहीं करती और गर्भवती महिलाओं को प्रसव या गांव के जच्चा-बच्चा के टीकाकरण के लिए सीएचसी लेकर जाना पड़ता है। क्षेत्र के यशपाल राव, पशुपति सिंह, विजय साहनी, मोहन मल्ल, प्रेमचंद सिंह, उपेंदर सिंह सहित कई लोगों ने इन केंद्रों को दुरुस्त कराकर वहां एएनएम की तैनाती किए जाने की मांग की है।
इस संबंध में मथौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी सुधीर कुमार त्रिवारी का कहना है कि इन एएनएम सेंटर का लोक निर्माण विभाग के अभियंता के साथ सर्वे कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। विभाग से मांग की गई है कि जर्जर और अधूरे एएनएम सेंटर को ठीक कराकर वहां एएनएम की तैनाती कराई जाए।
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क्षेत्र के लोहेपार गांव के बाबा टोला में बना एएनएम सेंटर पर गांव के कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। उसके कमरों में लोग लकड़ी और भूसा रख रहे हैं। इसी तरह अजीजनगर गांव में बने एएनएम सेंटर की दीवार, छत और चहारदीवारी देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त होती जा रही है। इस गांव में तैनात एएनएम केंद्र पर कभी रात्रि निवास नहीं करती।
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मोतीचक गांव में बना एएनएम सेंटर भी बेकार पड़ा है। गांव के कुछ लोगों ने उसमें लकड़ी और भूसा रखा है। इतना ही नहीं एएनएम केंद्र पर ही लोग अपने मवेशी भी बांध रहे हैं। इसके परिसर में ही गोबर भी रखा जाता है। यहां भी एएनएम के न आने के कारण लोग जच्चा-बच्चा के टीकाकरण आदि के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर जाते हैं।
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इसी तरह खैरेटवा गांव में बने एएनएम सेंटर को अर्द्घनिर्मित दशा में ही छोड़ दिया गया है। यहां के लोगों को भी गर्भवती महिलाओं के प्रसव तथा जच्चा-बच्चा के टीकाकरण के लिए मथौली स्थित सीएचसी लेकर जाना पड़ता है। इस गांव में बना एएनएम सेंटर अपूर्ण होने के कारण एएनएम रात्रि निवास नहीं करती। यही हाल हरपुर मुड़िला में बने एएनएम सेंटर का है। अथरहां में लगी चौपाल में इस गांव के लोगों ने एएनएम सेंटर की समस्या उठाई थी। इस पर कमिश्नर ने तत्काल एडीओ पंचायत को एएनएम सेंटर की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ।
भलुहां गांव में बने एएनएम सेंटर में भी गांव के लोग अपने मवेशियों के लिए भूसा रख रहे हैं, जिससे एएनएम गांव में रात्रि निवास नहीं करती और गर्भवती महिलाओं को प्रसव या गांव के जच्चा-बच्चा के टीकाकरण के लिए सीएचसी लेकर जाना पड़ता है। क्षेत्र के यशपाल राव, पशुपति सिंह, विजय साहनी, मोहन मल्ल, प्रेमचंद सिंह, उपेंदर सिंह सहित कई लोगों ने इन केंद्रों को दुरुस्त कराकर वहां एएनएम की तैनाती किए जाने की मांग की है।
इस संबंध में मथौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी सुधीर कुमार त्रिवारी का कहना है कि इन एएनएम सेंटर का लोक निर्माण विभाग के अभियंता के साथ सर्वे कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। विभाग से मांग की गई है कि जर्जर और अधूरे एएनएम सेंटर को ठीक कराकर वहां एएनएम की तैनाती कराई जाए।