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Kushinagar News: बाघ के हमले में बाल-बाल बची महिला
Sun, 21 May 2023 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 21 May 2023 12:01 AM IST
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बाघ को बेहोश कर पिंजरे में डालते वन विभाग के कर्मचारी ।संवाद
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर घर में घुस गया था बाघ
पश्चिमी चंपारण जिले के गौनहा प्रखंड के रुपवलिया गांव की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। पड़ोसी राज्य बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से बाहर निकले एक रॉयल बंगाल टाइगर ने शनिवार को एक घर में घुसकर महिला पर हमला कर दिया। महिला उसके हमले में बाल-बाल बची। वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश कर बाघ को काबू किया और उसे पटना लेकर चली गई।
पड़ोसी बिहार प्रांत के पश्चिमी चंपारण जिले के गौनहा प्रखंड के रुपवलिया गांव निवासी कमलेश उरांव के घर में जंगल से निकलकर बाघ घुस गया। घर में मौजूद कमलेश की पत्नी पर झपटा, लेकिन वह बाल-बाल बच गईं। वह शोर मचाते हुए भागी। इसके बाद गांववालों में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के माहौल में लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। बाघ ने कमलेश के घर में डेरा जमा लिया।
डीएफओ गौरव ओझा वन विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारियों के साथ पहुंचे। उनके साथ गई निशानेबाजों की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद बेहोश करने वाली बंदूक से बाघ पर निशाना साधा और उसे बेहोश किया। बेहोश होने के बाद बाघ को पिंजरे में बंद किया गया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बाघ को पटना चिड़िया घर ले जाया गया।
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इस संबंध में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के डीएफओ प्रद्युम्न ने बताया कि घर में घुसे बाघ का सफल रेस्क्यू किया गया है। उसे स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पटना ले जाया जा रहा है।
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पश्चिमी चंपारण जिले के गौनहा प्रखंड के रुपवलिया गांव की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। पड़ोसी राज्य बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से बाहर निकले एक रॉयल बंगाल टाइगर ने शनिवार को एक घर में घुसकर महिला पर हमला कर दिया। महिला उसके हमले में बाल-बाल बची। वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश कर बाघ को काबू किया और उसे पटना लेकर चली गई।
पड़ोसी बिहार प्रांत के पश्चिमी चंपारण जिले के गौनहा प्रखंड के रुपवलिया गांव निवासी कमलेश उरांव के घर में जंगल से निकलकर बाघ घुस गया। घर में मौजूद कमलेश की पत्नी पर झपटा, लेकिन वह बाल-बाल बच गईं। वह शोर मचाते हुए भागी। इसके बाद गांववालों में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के माहौल में लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। बाघ ने कमलेश के घर में डेरा जमा लिया।
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डीएफओ गौरव ओझा वन विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारियों के साथ पहुंचे। उनके साथ गई निशानेबाजों की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद बेहोश करने वाली बंदूक से बाघ पर निशाना साधा और उसे बेहोश किया। बेहोश होने के बाद बाघ को पिंजरे में बंद किया गया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बाघ को पटना चिड़िया घर ले जाया गया।
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इस संबंध में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के डीएफओ प्रद्युम्न ने बताया कि घर में घुसे बाघ का सफल रेस्क्यू किया गया है। उसे स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पटना ले जाया जा रहा है।