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Kushinagar News: महापरिनिर्वाण स्थली पर सजेगा अंतरराष्ट्रीय मंच, जुटेंगे देश-विदेश के बौद्ध धर्मावलंबी
Thu, 19 Mar 2026 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 19 Mar 2026 12:15 AM IST
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- 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव, गूंजेगा बुद्ध का उपदेश
- बौद्ध भिक्षुओं ने आयोजन को बताया ऐतिहासिक
पडरौना। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर पहली बार होने जा रहे इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव को लेकर बौद्ध भिक्षुओं में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि कॉन्क्लेव से कुशीनगर दुनिया भर के बौद्ध धर्म के लोगों को जोड़ेगा। बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए उत्तर प्रदेश काफी खास है। बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल सारनाथ से लेकर महापरिनिर्वाण सहित तमाम प्रमुख स्थल इसी प्रांत में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने संबोधनों में बुद्ध के उपदेशों व कुशीनगर का जिक्र करते रहते हैं। यह कार्यक्रम 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।
बौद्ध भिक्षुओं का कहना है इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव का आयोजन अविस्मरणीय होगा। इससे कुशीनगर की ख्याति तो बढ़ेगी ही विश्व में चल रही अशांति के बीच में बुद्ध के शांति के संदेश भी इसके माध्यम से विश्व में गूंजेंगे। कार्यक्रम में देश-विदेश के बौद्ध भिक्षुओं व अनुयायियों का सैलाब उमड़ेगा तो कुशीनगर बुद्धमय दिखेगा। यहां सजने वाले अंतरराष्ट्रीय मंच से कुशीनगर के बुद्ध से जुड़े स्थलों के विकास का भी रोडमैप तैयार हो सकेगा।
बोले बौद्ध भिक्षु
कुशीनगर भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली है। यहां होने वाला इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह पूरी दुनिया को मैत्री और करुणा का मार्ग दिखाएगा। - भंते महेंद्र, प्रभारी, भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार, कुशीनगर
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देश-विदेश से आने वाले करीब दो हजार बौद्ध भिक्षुओं के लिए प्रशासन की तैयारियां सराहनीय हैं। हम सभी समन्वय बनाकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे। -भंते नंद रतन, श्रीलंका बुद्ध विहार, कुशीनगर
बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव से कुशीनगर की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी। लुंबिनी, सारनाथ और बोधगया से आने वाले भिक्षुओं के लिए यह एक पावन संगम होगा। - भंते बोध्यांग गौतम, कुशीनगर
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न देशों के व्यंजनों के माध्यम से अतिथियों को स्थानीय संस्कृति का अनुभव मिलेगा। यह आयोजन पर्यटन और विकास की नई इबारत लिखेगा। - भंते अशोक, कुशीनगर
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- बौद्ध भिक्षुओं ने आयोजन को बताया ऐतिहासिक
पडरौना। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर पहली बार होने जा रहे इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव को लेकर बौद्ध भिक्षुओं में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि कॉन्क्लेव से कुशीनगर दुनिया भर के बौद्ध धर्म के लोगों को जोड़ेगा। बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए उत्तर प्रदेश काफी खास है। बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल सारनाथ से लेकर महापरिनिर्वाण सहित तमाम प्रमुख स्थल इसी प्रांत में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने संबोधनों में बुद्ध के उपदेशों व कुशीनगर का जिक्र करते रहते हैं। यह कार्यक्रम 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।
बौद्ध भिक्षुओं का कहना है इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव का आयोजन अविस्मरणीय होगा। इससे कुशीनगर की ख्याति तो बढ़ेगी ही विश्व में चल रही अशांति के बीच में बुद्ध के शांति के संदेश भी इसके माध्यम से विश्व में गूंजेंगे। कार्यक्रम में देश-विदेश के बौद्ध भिक्षुओं व अनुयायियों का सैलाब उमड़ेगा तो कुशीनगर बुद्धमय दिखेगा। यहां सजने वाले अंतरराष्ट्रीय मंच से कुशीनगर के बुद्ध से जुड़े स्थलों के विकास का भी रोडमैप तैयार हो सकेगा।
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बोले बौद्ध भिक्षु
कुशीनगर भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली है। यहां होने वाला इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह पूरी दुनिया को मैत्री और करुणा का मार्ग दिखाएगा। - भंते महेंद्र, प्रभारी, भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार, कुशीनगर
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देश-विदेश से आने वाले करीब दो हजार बौद्ध भिक्षुओं के लिए प्रशासन की तैयारियां सराहनीय हैं। हम सभी समन्वय बनाकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे। -भंते नंद रतन, श्रीलंका बुद्ध विहार, कुशीनगर
बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव से कुशीनगर की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी। लुंबिनी, सारनाथ और बोधगया से आने वाले भिक्षुओं के लिए यह एक पावन संगम होगा। - भंते बोध्यांग गौतम, कुशीनगर
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न देशों के व्यंजनों के माध्यम से अतिथियों को स्थानीय संस्कृति का अनुभव मिलेगा। यह आयोजन पर्यटन और विकास की नई इबारत लिखेगा। - भंते अशोक, कुशीनगर