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Kushinagar News: राशन में कटौती पर धौरहरा के कोटेदार पर प्राथमिकी दर्ज
Sun, 28 Dec 2025 02:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 28 Dec 2025 02:08 AM IST
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पडरौना। विकास खंड विशुनपुरा के ग्रामपंचायत धौरहरा में उचित दर विक्रेता (कोटेदार) के खिलाफ खाद्यान की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। जांच में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और अंत्योदय योजना के तहत मिलने वाले गेहूं, चावल और चीनी की कमी पाए जाने पर डीएम के आदेश पर कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
धौरहरा के कोटेदार राजकुमार यादव ने कार्डधारकों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर कई दिनों बाद राशन दिया, वह भी निर्धारित मात्रा से कम वितरण किया। जांच के दौरान 17 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें अधिकतर ने कहा कि राशन प्लास्टिक की बाल्टी से तौला जाता था। गेहूं, चावल में कटौती की जाती थी।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की ओर से 20 दिसंबर को की गई औचक जांच में दुकान पर सिर्फ छह बोरी चावल (करीब तीन क्विंटल) और चार बोरी चीनी (करीब दो क्विंटल) पाई गई, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार दुकान पर इससे कहीं अधिक खाद्यान होना चाहिए था। गणना में पाया गया कि गेहूं 46.59 क्विंटल, चावल 67.52 क्विंटल और चीनी 0.52 क्विंटल कम है।
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कोटेदार की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण में ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर और मुहर लगी होने का दावा किया गया था, लेकिन जांच में ग्राम प्रधान ने हस्ताक्षर और मुहर को अपना नहीं बताया। रिपोर्ट में पता चला कि कोटेदार ने अक्टूबर 2025 से दिसंबर तक मिड-डे-मील और आंगनबाड़ी केंद्रों को खाद्यान उपलब्ध नहीं कराया। कोतवाल हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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धौरहरा के कोटेदार राजकुमार यादव ने कार्डधारकों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर कई दिनों बाद राशन दिया, वह भी निर्धारित मात्रा से कम वितरण किया। जांच के दौरान 17 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें अधिकतर ने कहा कि राशन प्लास्टिक की बाल्टी से तौला जाता था। गेहूं, चावल में कटौती की जाती थी।
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क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की ओर से 20 दिसंबर को की गई औचक जांच में दुकान पर सिर्फ छह बोरी चावल (करीब तीन क्विंटल) और चार बोरी चीनी (करीब दो क्विंटल) पाई गई, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार दुकान पर इससे कहीं अधिक खाद्यान होना चाहिए था। गणना में पाया गया कि गेहूं 46.59 क्विंटल, चावल 67.52 क्विंटल और चीनी 0.52 क्विंटल कम है।
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कोटेदार की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण में ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर और मुहर लगी होने का दावा किया गया था, लेकिन जांच में ग्राम प्रधान ने हस्ताक्षर और मुहर को अपना नहीं बताया। रिपोर्ट में पता चला कि कोटेदार ने अक्टूबर 2025 से दिसंबर तक मिड-डे-मील और आंगनबाड़ी केंद्रों को खाद्यान उपलब्ध नहीं कराया। कोतवाल हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।