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Kushinagar News: पुल निर्माण में गड़बड़ी का आरोप, जेई ने रोका काम
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पुल निर्माण में गड़बड़ी का आरोप, जेई ने रोका काम
तुर्कपट्टी। महासोंन गांव के निकट मधुरिया रजबाहा पर बन रहे पुल में खराब गिट्टी और पुरानी ईंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे जेई ने गिट्टी की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए कार्य रोकवा दिया है।
मधुरिया रजबाहा पर स्थित महासोंन गांव के पास सिंचाई विभाग की संस्तुति पर करीब 28 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण चल रहा है। वर्तमान में पुल का रॉफ्ट (पुलिया निर्माण के लिए जमीन पर बन रही फर्श) तैयार किया जा रहा है। इसमें एक साल पुरानी ईंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। छत निर्माण के लिए मंगाई गई गिट्टी भी दोयम दर्जे की है। पुल के निर्माण के संबंध में कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।
पुल निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के खराब होने पर लोगों ने आपत्ति जताई है। स्थानीय ग्रामीण रामेश्वर प्रसाद, महेंद्र यादव, सुनील तिवारी, चंद्र प्रकाश यादव, राणा सिंह, भोला सिंह, अंशुमान तिवारी, कन्हैया गोंड़ आदि का कहना है कि तुर्कपट्टी-कसया मार्ग को जोड़ने वाला यह पुल बेहद महत्वपूर्ण है। भारी वाहन बड़ी संख्या में गुजरते हैं। ऐसे में पुल की गुणवत्ता से समझौता करना आगे चलकर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर सोमवार को अवर अभियंता अमरेंद्र बर्नवाल जांच करने पहुंचे। उन्होंने खराब सामग्री को बदलने की हिदायत देकर काम रोक दिया। अवर अभियंता ने बताया कि गिट्टी बदलने को कहा गया है। जमीन की खुदाई से निकलने वाले पानी की रोकथाम के लिए पुरानी ईंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दूधनाथ राम ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई होगी।
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तुर्कपट्टी। महासोंन गांव के निकट मधुरिया रजबाहा पर बन रहे पुल में खराब गिट्टी और पुरानी ईंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे जेई ने गिट्टी की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए कार्य रोकवा दिया है।
मधुरिया रजबाहा पर स्थित महासोंन गांव के पास सिंचाई विभाग की संस्तुति पर करीब 28 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण चल रहा है। वर्तमान में पुल का रॉफ्ट (पुलिया निर्माण के लिए जमीन पर बन रही फर्श) तैयार किया जा रहा है। इसमें एक साल पुरानी ईंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। छत निर्माण के लिए मंगाई गई गिट्टी भी दोयम दर्जे की है। पुल के निर्माण के संबंध में कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।
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पुल निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के खराब होने पर लोगों ने आपत्ति जताई है। स्थानीय ग्रामीण रामेश्वर प्रसाद, महेंद्र यादव, सुनील तिवारी, चंद्र प्रकाश यादव, राणा सिंह, भोला सिंह, अंशुमान तिवारी, कन्हैया गोंड़ आदि का कहना है कि तुर्कपट्टी-कसया मार्ग को जोड़ने वाला यह पुल बेहद महत्वपूर्ण है। भारी वाहन बड़ी संख्या में गुजरते हैं। ऐसे में पुल की गुणवत्ता से समझौता करना आगे चलकर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर सोमवार को अवर अभियंता अमरेंद्र बर्नवाल जांच करने पहुंचे। उन्होंने खराब सामग्री को बदलने की हिदायत देकर काम रोक दिया। अवर अभियंता ने बताया कि गिट्टी बदलने को कहा गया है। जमीन की खुदाई से निकलने वाले पानी की रोकथाम के लिए पुरानी ईंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दूधनाथ राम ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई होगी।