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हल्की धूप के बाद भी नहीं मिली ठंड से राहत
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:04 AM IST
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अाग तापते लाेग
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। शीतलहर से मंगलवार को भी पडरौना नगर के लोग कांपते रहे। हालांकि सुबह 11 बजे के बाद हल्की धूप निकल गई लेकिन ठंडी हवा और गलन के कारण सर्दी का असर कम नहीं हुआ। मौसम में हो रहे बदलाव से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।
शाम को गलन बढ़ने की वजह से बाजार की रौनक काफी कम हो गई थी।
जिले में एक सप्ताह से शीतलहर का प्रभाव है। तापमान में गिरावट का क्रम जारी है। हालांकि वर्ष के पहले दिन सोमवार को चटख धूप थी और रात में भी आकाश साफ था। इससे कोहरा तो कम हुआ लेकिन सर्दी का प्रभाव बना रहा। मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे धूप निकली। परंतु सर्द हवा के चलते धूप का असर महसूस नहीं हो रहा था। दिन ढलने के साथ ही गलन और बढ़ गई थी। लोग अपने जरूरी कार्य निपटाकर जल्दी घर लौट गए। दिन में भी बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं। इस गलन भरी ठंडक से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। मौसम के इस बदलाव से अस्पतालों में सांस और निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ठंड से बचने के लिए लोग चाय की दुकानों और चौराहों पर जल रहे अलाव के पास नजर आ रहे हैं।
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शाम को गलन बढ़ने की वजह से बाजार की रौनक काफी कम हो गई थी।
जिले में एक सप्ताह से शीतलहर का प्रभाव है। तापमान में गिरावट का क्रम जारी है। हालांकि वर्ष के पहले दिन सोमवार को चटख धूप थी और रात में भी आकाश साफ था। इससे कोहरा तो कम हुआ लेकिन सर्दी का प्रभाव बना रहा। मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे धूप निकली। परंतु सर्द हवा के चलते धूप का असर महसूस नहीं हो रहा था। दिन ढलने के साथ ही गलन और बढ़ गई थी। लोग अपने जरूरी कार्य निपटाकर जल्दी घर लौट गए। दिन में भी बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं। इस गलन भरी ठंडक से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। मौसम के इस बदलाव से अस्पतालों में सांस और निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ठंड से बचने के लिए लोग चाय की दुकानों और चौराहों पर जल रहे अलाव के पास नजर आ रहे हैं।
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