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26 आंगनबाड़ी केंद्रों का शुरू नहीं हुआ निर्माण, 24 निर्माणाधीन

Fri, 17 Dec 2021 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 10:57 PM IST
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aaganbadi centre related news
मोतीचक ब्लॉक के तेलिगांवा गांव में उपयोग से पहले ही टूटकर गिर रहा आंगनवाड़ी केंद्र।संवाद। - फोटो : KUSHINAGAR
26 आंगनबाड़ी केंद्रों का शुरू नहीं हुआ निर्माण, 24 निर्माणाधीन
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- कहीं आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन नहीं तो कहीं विवाद के पेंच में नहीं शुरू हुआ निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण अभी भी सुस्त गति से जारी है। यहां मौजूदा वित्तीय वर्ष में आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवनों के निर्माण के साथ ही चार वर्षों से अधूरे या अब तक किन्हीं कारणों से निर्माण पूर्ण न होने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वीकृत 101 आंगनबाड़ी केंद्रों में से दिसंबर का आधा महीना बीत जाने के बाद भी सिर्फ 51 ही पूर्ण हो पाए हैं। अभी भी 24 आंगनबाड़ी केंद्र निर्माणाधीन हैं, जबकि 26 का निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया है। इसकी वजह कहीं जमीन को लेकर विवाद तो कहीं अन्य कारण बताए जा रहे हैं। इस वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों के अतिरिक्त कक्षों में पढ़ाना पड़ रहा है। इसी तरह पूर्व के वित्तीय वर्षों में भी कई ऐसे केंद्र हैं, जिनका निर्माण नहीं हुआ है अथवा जहां निर्माण हुआ है वह पूरे नहीं हो पाए हैं।
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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से बच्चों, किशोरियों और धात्री महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति काफी दयनीय है। विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिले में कुल दो सौ आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनवाने की स्वीकृति मिली थी। इसमें से दो आंगनबाड़ी केंद्रों का अभी तक निर्माण कार्य कार्य पूरा ही नहीं हुआ, जबकि 27 आंगनबाड़ी केंद्र अधूरे हैं।
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वर्ष 2017-18 में 233 आंगनबाड़ी केंद्र बनने थे। इसमें से 27 केंद्रों के निर्माण के लिए अभी तक एक भी ईट नहीं रखी गई, जबकि 45 केंद्रों का निर्माण अधर में लटका है। वर्ष 2018-19 में भी कुल 63 केंद्र बनने थे, जिसमें से सात का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, जबकि आठ आंगनबाड़ी भवन निर्माणाधीन हैं।
इसी तरह वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले में 101 आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए स्वीकृति मिली थी। इसमें से 26 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हुआ है, जबकि 24 निर्माणाधीन हैं।
भवन के अभाव में नहीं मिलती योजनाओं की जानकारी
मोतीचक ब्लॉक के मुड़िला हरपुर निवासी अरविंद सिंह ने कहा कि भुड़वा टोला में आंगनबाड़ी केंद्र बीते कई वर्ष से निर्माणाधीन है। इसके चलते गांव की महिलाओं समेत अन्य को विभाग की तरफ से संचालित योजनाओं की जानकारी नहीं मिलती है। विशुनपुरा ब्लॉक के त्रिलोकपुर खुर्द निवासी विवेक पांडेय ने कहा कि कुछ वर्ष पहले गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। लेकिन अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते गांव के बच्चों को दूसरे गांव में जाकर पढ़ना पड़ता है।
इन गांवों में लटका निर्माण कार्य
फाजिलनगर ब्लॉक के गांगीटीकर, भठहीं खुर्द, दहारीपट्टी, नारायनपुर, तरुअनवा, अशोगवा खुर्द खड्डा ब्लॉक के नरकहवां, बसडीला जंगल, बुलहवां (बाजार टोला), बुलहवां (बड़हरा टोला), दरगौली और सुकरौली के देवतहां नंबर दो व भगवानपुर बुजुर्ग समेत कुल 13 गांव में स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र का भवन निर्माण स्थल विवादित होने अथवा जमीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से यहां अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब तक के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की सूची बना ली गई है। अधूरे आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य आगामी मार्च तक हर हाल में पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके निर्माण कार्य में कुछ बाधाएं आ रही हैं। इसके लिए एसडीएम समेत अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिलकर निर्माण में आने वाली समस्याओं को दूर कराने का प्रयास चल रहा है।
- शैलेंद्र राय, डीपीओ
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