{"_id":"70-84745","slug":"Kushinagar-84745-70","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 दिन से जमीन के एक टुकड़े का भी बैनामा नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 दिन से जमीन के एक टुकड़े का भी बैनामा नहीं
Kushinagar
Updated Tue, 25 Mar 2014 05:30 AM IST
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हाटा। निबंधन कार्यालय के जर्जर भवन को गिरा कर उसी जगह पर नया भवन बनने तक कार्यालय को अस्थायी रूप से चलाने के लिए तय किए गए भवन कोलेकर हाटा तहसील के अधिवक्ता और निबंधन विभाग आमने- सामने हैं। इस कारण से 12 दिनों से निबंधन कार्यालय में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। इस गतिरोध के कारण लगभग 50 लाख रुपये राजस्व के नुकसान होने का अनुमान है। बैनामा कराने वालों को भी निराश होना पड़ रहा है।
हाटा तहसील परिसर के बगल में स्थित उप निबंधक कार्यालय का भवन जर्जर हो गया है। इसी को देखते हुए विभाग ने उसी जगह पर नया भवन बनाने के लिए बजट मिला है। निर्माण कार्य के दौरान वहा पर कार्यालय चलाना संभव नहीं है। इसके लिए निबंधन विभाग ने अस्थाई रूप से कार्यालय चलाने के लिए कस्बे के पूर्वी छोर पर स्थित पेट्रोलपंप के बगल में एक भवन को किराए पर लेकर कार्यालय को नौ मार्च को उसमें स्थानांतरित कर दिया। दो दिन तक तो सब कुछ ठीक था। 12 मार्च को इस पर अधिवकक्ता संघ की ओर से कस्बे के बाहर कार्यालय ले जाने पर आपत्ति जताते हुए आशंका जताई गई कि भूमि के बैनामे के दौरान बड़ी मात्रा में रुपये का लेन देन होता है।
इस वजह से यह स्थान कार्यालय चलाने के लिए सुरक्षित नहीं है। इस लिए निबंधन कार्यालय को तहसील परिसर या पास के किसी भवन में लाने की मांग करने लगे। जब विभाग ने विभाग के उच्चाधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए ऐसा करने से मना कर दिया तो अधिवक्ता संघ ने कार्यालय नगर में लाने तक बैनाम कार्य के बहिष्कार की घोषणा कर दी। इसी गतिरोध के कारण 12 मार्च से ही निबंधन कार्यालय में एक भी बैनामा नहीं हो चका है। जबकि कई लोग भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिए प्रति दिन तहसील का चक्कर काट रहे हैं। सुकरौली निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि उन्हें एक जमीन की रजिस्ट्री करानी है, लेकिन तहसील में कोई बैनामा लिखने को तैयार नहीं है। इस संबंध में प्रभारी सब रजिस्ट्रार राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अगर कोई बैनामा करने आता है तो वह करने को तैयार हैं। प्रमुख सचिव निबंधक के आदेश के अनुपालन में उन्होंने कार्यालय यहां स्थापित किया है। अगर विभाग से कोई अन्य आदेश प्राप्त होता है तो उसका पालन किया जाएगा।
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हाटा तहसील परिसर के बगल में स्थित उप निबंधक कार्यालय का भवन जर्जर हो गया है। इसी को देखते हुए विभाग ने उसी जगह पर नया भवन बनाने के लिए बजट मिला है। निर्माण कार्य के दौरान वहा पर कार्यालय चलाना संभव नहीं है। इसके लिए निबंधन विभाग ने अस्थाई रूप से कार्यालय चलाने के लिए कस्बे के पूर्वी छोर पर स्थित पेट्रोलपंप के बगल में एक भवन को किराए पर लेकर कार्यालय को नौ मार्च को उसमें स्थानांतरित कर दिया। दो दिन तक तो सब कुछ ठीक था। 12 मार्च को इस पर अधिवकक्ता संघ की ओर से कस्बे के बाहर कार्यालय ले जाने पर आपत्ति जताते हुए आशंका जताई गई कि भूमि के बैनामे के दौरान बड़ी मात्रा में रुपये का लेन देन होता है।
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इस वजह से यह स्थान कार्यालय चलाने के लिए सुरक्षित नहीं है। इस लिए निबंधन कार्यालय को तहसील परिसर या पास के किसी भवन में लाने की मांग करने लगे। जब विभाग ने विभाग के उच्चाधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए ऐसा करने से मना कर दिया तो अधिवक्ता संघ ने कार्यालय नगर में लाने तक बैनाम कार्य के बहिष्कार की घोषणा कर दी। इसी गतिरोध के कारण 12 मार्च से ही निबंधन कार्यालय में एक भी बैनामा नहीं हो चका है। जबकि कई लोग भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिए प्रति दिन तहसील का चक्कर काट रहे हैं। सुकरौली निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि उन्हें एक जमीन की रजिस्ट्री करानी है, लेकिन तहसील में कोई बैनामा लिखने को तैयार नहीं है। इस संबंध में प्रभारी सब रजिस्ट्रार राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अगर कोई बैनामा करने आता है तो वह करने को तैयार हैं। प्रमुख सचिव निबंधक के आदेश के अनुपालन में उन्होंने कार्यालय यहां स्थापित किया है। अगर विभाग से कोई अन्य आदेश प्राप्त होता है तो उसका पालन किया जाएगा।
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