{"_id":"652d8ecbc20e45f7980046f4","slug":"99-percent-resolution-of-portal-complaints-crowd-of-complainants-remains-the-same-kushinagar-news-c-205-1-sgkp1016-6211-2023-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: पोर्टल की शिकायतों का निस्तारण 99 प्रतिशत, फरियादियों की भीड़ जस की तस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: पोर्टल की शिकायतों का निस्तारण 99 प्रतिशत, फरियादियों की भीड़ जस की तस
विज्ञापन
- भू-माफियाओं पर प्रशासन की कार्रवाई, सिर्फ कागजों में
- एंटी भू-माफिया पोर्टल की शिकायतें बढ़ीं, डीएम के पहुंच रहे फरियादी
- कुल 96 भू-माफिया में एक पर भी नहीं हुई बेदखली की कार्रवाई
पडरौना। एंटी भू-माफिया पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण प्रशासनिक अमला सिर्फ कागजों में कर दे रहा है। इसकी रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। शिकायतों के निस्तारण में जिले का रैंक भी सुधर रहा है। पोर्टल पर अब तक मिली 4,085 शिकायतें में प्रशासन ने कागजों पर 4,078 को निस्तरित कर दिया है। जबकि जमीनी हकीकत इससे इतर है। इसकी गवाही जिलाधिकारी कार्यालय पर रोज सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे फरियादियों की लंबी लाइनें दे रही हैं।
पूरे जिले में 69 को भू-माफिया घोषित किया गया है। इनके खिलाफ दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई की रफ्तार काफी धीमी है। डीएम कार्यालय में 9 जमीन के खरीदफरोख्त करने वालों का नाम भू-माफिया में दर्ज है तो वहीं छह तहसीलों में इस तरह के 10-10 नाम शामिल किए गए हैं। पर, इन सभी द्वारा किए गए जमीनों पर कब्जे को प्रशासनिक अमला खाली नहीं करा सका। सिर्फ कागजों में आदेश तो दे दिया जाता है। पर, जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। आदेश देने के बाद प्रशासनिक अमला लापरवाही बरतने लगता है। जिसके कारण उनके आदेश के खिलाफ ये माफिया हाईकोर्ट और निचली अदालतों से स्थगन आदेश हासिल कर लेते हैं। इसके बाद सारी कार्रवाई ठप हो जाती है। हालांकि, देवरिया में जमीन विवाद को लेकर हुए नरसंहार के बाद मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिला प्रशासन भू-माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी है। एंटी भू-माफिया पोर्टल 4,085 शिकायतें मिली, जिनमें 4,078 का निस्तारण हुआ है। बचे सात का मामला कोर्ट में लंबित होना बताया जा रहा है।
बिना जांच के ही हो रहा निस्तारण
पोर्टल की शिकायतों के निस्तारण पर पीड़ित सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना किसी जांच के ही शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। सोमवार को डीएम उमेश मिश्रा से फरियाद के लिए पहुंचे कतार में लगे कई ऐसे लोग मिले। इसमें ज्यादातर लोगों ने एंटी भू-माफिया पोर्टल पर शिकायतें की हैं। लेकिन उनसे बिना पूछे ही निस्तारित कर दिया गया।
विज्ञापन
पांच साल में भू-माफिया सूची में बदलाव नहीं
जिला प्रशासन के अभिलेखों में पांच वर्ष पहले बनी भू-माफियाओं की सूची में सिर्फ नौ नाम थे। जो आज भी बरकरार हैं। इनमें न तो किसी को निकाला गया और न ही किसी का नाम जोड़ा गया। हालांकि, तहसील प्रशासन की ओर से दस-दस भू माफियाओं की सूची तैयार की गई है। अधिकारी भले ही इन पर कार्रवाई का दावा कर रहे है। पर, जमीन पर कब्जा और जमीन के विवाद में कोई कमी नहीं दिख रही है।यह सभी भू-माफियाओं को राजस्व विभाग के कर्मचारियों की पूरी मदद मिलती है।
जिले के नौ भू-माफिया
जिला प्रशासन के रिकार्ड में भू-माफिया जंगल सिंघापट्टी का राजेश्वर उर्फ रामेश्वर, बांसी चिरगोड़ा निवासी उपेंद्र, जंगल सिंघापट्टी निवासी फेंकू, उमेश यादव, जन्मेजय शर्मा, उमाशंकर शर्मा, बसहिया उर्फ कप्तानगंज निवासी कमलेश यादव का नाम दर्ज है।
भू-माफिया पोर्टल पर भी शिकायत निस्तारण में लापरवाही
डीएम कार्यालय पर सोमवार को 100 से अधिक लोग शिकायत लेकर पहुंचे थे। अधिकांश जमीन विवाद की शिकायत लेकर आए थे। आरोप था कि मुख्यमंत्री पोर्टल और भू-माफिया पोर्टल पर शिकायत के बाद भी मौके पर निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इसके कारण डीएम, एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
प्रधानपति दबंगई दिखाते हुए निजी जमीन से झोपड़ी उजाड़ दी। वहीं दरवाजे के सामने खलिहान की जमीन पर दूसरे को रुपए लेकर कब्जा करा दिया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी लेखपाल गांव में नहीं जाते हैं और प्रधानपति के कहने पर गलत रिपोर्ट लगा देते हैं। दो माह से इसके लिए चक्कर काट रहा हूं।
बिहारी विश्वकर्मा, सिंघनजोड़ी
-- -- -- -- -- -- -
गांव में मेरी जमीन पर दूसरा कोई कब्जा कर लिया है। राजस्व के नक्शे में गड़बड़ी भी कराया है। तहसील प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं लेखपाल दौड़ा रहे हैं। कई बार विवाद भी हो चुका है। भू-माफिया पोर्टल पर भी छह महीने पहले शिकायत की, लेकिन लेखपाल गोलमोल रिपोर्ट लगाकर निस्तारण कर दिए।
मुस्तफा, जंगल खिरकिया
राजस्व से संबंधित मामलों की शिकायतें अधिक आ रही हैं। कार्य संभालने के बाद से भूमि विवाद के कई मामले सामने आए। इनके निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है। इसी लिए तहसील आपके द्वार अभियान शुरू किया। तहसील के अधिकारी गांव में जाकर भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। भू-माफियाओं पर भी कार्रवाई होगी।
उमेश मिश्रा, जिलाधिकारी
विज्ञापन
- एंटी भू-माफिया पोर्टल की शिकायतें बढ़ीं, डीएम के पहुंच रहे फरियादी
- कुल 96 भू-माफिया में एक पर भी नहीं हुई बेदखली की कार्रवाई
पडरौना। एंटी भू-माफिया पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण प्रशासनिक अमला सिर्फ कागजों में कर दे रहा है। इसकी रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। शिकायतों के निस्तारण में जिले का रैंक भी सुधर रहा है। पोर्टल पर अब तक मिली 4,085 शिकायतें में प्रशासन ने कागजों पर 4,078 को निस्तरित कर दिया है। जबकि जमीनी हकीकत इससे इतर है। इसकी गवाही जिलाधिकारी कार्यालय पर रोज सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे फरियादियों की लंबी लाइनें दे रही हैं।
पूरे जिले में 69 को भू-माफिया घोषित किया गया है। इनके खिलाफ दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई की रफ्तार काफी धीमी है। डीएम कार्यालय में 9 जमीन के खरीदफरोख्त करने वालों का नाम भू-माफिया में दर्ज है तो वहीं छह तहसीलों में इस तरह के 10-10 नाम शामिल किए गए हैं। पर, इन सभी द्वारा किए गए जमीनों पर कब्जे को प्रशासनिक अमला खाली नहीं करा सका। सिर्फ कागजों में आदेश तो दे दिया जाता है। पर, जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। आदेश देने के बाद प्रशासनिक अमला लापरवाही बरतने लगता है। जिसके कारण उनके आदेश के खिलाफ ये माफिया हाईकोर्ट और निचली अदालतों से स्थगन आदेश हासिल कर लेते हैं। इसके बाद सारी कार्रवाई ठप हो जाती है। हालांकि, देवरिया में जमीन विवाद को लेकर हुए नरसंहार के बाद मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिला प्रशासन भू-माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी है। एंटी भू-माफिया पोर्टल 4,085 शिकायतें मिली, जिनमें 4,078 का निस्तारण हुआ है। बचे सात का मामला कोर्ट में लंबित होना बताया जा रहा है।
विज्ञापन
बिना जांच के ही हो रहा निस्तारण
पोर्टल की शिकायतों के निस्तारण पर पीड़ित सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना किसी जांच के ही शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। सोमवार को डीएम उमेश मिश्रा से फरियाद के लिए पहुंचे कतार में लगे कई ऐसे लोग मिले। इसमें ज्यादातर लोगों ने एंटी भू-माफिया पोर्टल पर शिकायतें की हैं। लेकिन उनसे बिना पूछे ही निस्तारित कर दिया गया।
विज्ञापन
पांच साल में भू-माफिया सूची में बदलाव नहीं
जिला प्रशासन के अभिलेखों में पांच वर्ष पहले बनी भू-माफियाओं की सूची में सिर्फ नौ नाम थे। जो आज भी बरकरार हैं। इनमें न तो किसी को निकाला गया और न ही किसी का नाम जोड़ा गया। हालांकि, तहसील प्रशासन की ओर से दस-दस भू माफियाओं की सूची तैयार की गई है। अधिकारी भले ही इन पर कार्रवाई का दावा कर रहे है। पर, जमीन पर कब्जा और जमीन के विवाद में कोई कमी नहीं दिख रही है।यह सभी भू-माफियाओं को राजस्व विभाग के कर्मचारियों की पूरी मदद मिलती है।
जिले के नौ भू-माफिया
जिला प्रशासन के रिकार्ड में भू-माफिया जंगल सिंघापट्टी का राजेश्वर उर्फ रामेश्वर, बांसी चिरगोड़ा निवासी उपेंद्र, जंगल सिंघापट्टी निवासी फेंकू, उमेश यादव, जन्मेजय शर्मा, उमाशंकर शर्मा, बसहिया उर्फ कप्तानगंज निवासी कमलेश यादव का नाम दर्ज है।
भू-माफिया पोर्टल पर भी शिकायत निस्तारण में लापरवाही
डीएम कार्यालय पर सोमवार को 100 से अधिक लोग शिकायत लेकर पहुंचे थे। अधिकांश जमीन विवाद की शिकायत लेकर आए थे। आरोप था कि मुख्यमंत्री पोर्टल और भू-माफिया पोर्टल पर शिकायत के बाद भी मौके पर निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इसके कारण डीएम, एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
प्रधानपति दबंगई दिखाते हुए निजी जमीन से झोपड़ी उजाड़ दी। वहीं दरवाजे के सामने खलिहान की जमीन पर दूसरे को रुपए लेकर कब्जा करा दिया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी लेखपाल गांव में नहीं जाते हैं और प्रधानपति के कहने पर गलत रिपोर्ट लगा देते हैं। दो माह से इसके लिए चक्कर काट रहा हूं।
बिहारी विश्वकर्मा, सिंघनजोड़ी
गांव में मेरी जमीन पर दूसरा कोई कब्जा कर लिया है। राजस्व के नक्शे में गड़बड़ी भी कराया है। तहसील प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं लेखपाल दौड़ा रहे हैं। कई बार विवाद भी हो चुका है। भू-माफिया पोर्टल पर भी छह महीने पहले शिकायत की, लेकिन लेखपाल गोलमोल रिपोर्ट लगाकर निस्तारण कर दिए।
मुस्तफा, जंगल खिरकिया
राजस्व से संबंधित मामलों की शिकायतें अधिक आ रही हैं। कार्य संभालने के बाद से भूमि विवाद के कई मामले सामने आए। इनके निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है। इसी लिए तहसील आपके द्वार अभियान शुरू किया। तहसील के अधिकारी गांव में जाकर भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। भू-माफियाओं पर भी कार्रवाई होगी।
उमेश मिश्रा, जिलाधिकारी