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बीते आठ मई को हुआ था अस्पताल का उद्घाटन
Updated Sat, 22 Jul 2017 04:46 PM IST
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कुशीनगर। कम समय में बेशुमार कमाई और तरक्की की चाहत रखने वाले कुछ धंधेबाजों ने माननीयों की लोकप्रियता को भी अपना औजार बना लिया है। इस तरह के लोगों ने माननीयों को झांसे में लेकर अपना हित साधना शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक मामला पडरौना नगर में बीते आठ मई को खुले एक निजी अस्पताल का सामने आया है, जिसके संचालक ने अपने फर्जी अस्पताल का उद्घाटन सांसद और एक पूर्व विधायक के हाथों करा लिया था। तेजी से भीड़ भी जुटने लगी, लेकिन इस अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत होते ही जो हकीकत सामने आई है, वह वास्तव में चौंकाने वाली है।
पडरौना नगर में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किनारे आठ मई 2017 को प्रभात हास्पीटल नाम से एक नया अस्पताल खुला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद राजेश पांडेय और विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक विजय कुमार दुबे ने इसका उद्घाटन किया। दो विशिष्ट व्यक्तियों के हाथों अस्पताल का शुभारंभ होने से इसमें मरीजों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी। पडरौना शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी इलाज के लिए यहां आने लगे। बीते 16 जुलाई की शाम को इस अस्पताल में जटहां बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी सहोदरपट्टी गांव निवासी गुलाब गुप्ता की 45 वर्षीय पत्नी सुुमित्रा की बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण 17 जुलाई को उनकी मौत के बाद घरवालों ने अस्पताल में हंगामा किया, जिसके बाद संचालक सहित पूरा स्टॉफ अस्पताल बंद कर भाग गया था। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति की तहरीर पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। उसके दो दिन बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोतवाल के साथ पहुंचकर अस्पताल को सील भी कर दिया। इस अस्पताल के डॉक्टर और संचालक दोनों को पुलिस की तलाश है। कहा तो यह भी जा रहा है कि महिला का ऑपरेशन करने वाला व्यक्ति अस्पताल संचालक का पिता है, जो बिहार में झोला छाप दवा करता है। पुलिस को दोनों की तलाश है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार का कहना है कि उनके विभाग में न तो इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है और न ही डॉक्टर ने अपना पंजीकरण कराया है। पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजयराज सिंह ने भी इस अस्पताल का फर्जी तरीके से संचालन किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अस्पताल के आरोपी डॉक्टर और संचालक की तलाश की जा रही है।
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पडरौना नगर में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किनारे आठ मई 2017 को प्रभात हास्पीटल नाम से एक नया अस्पताल खुला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद राजेश पांडेय और विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक विजय कुमार दुबे ने इसका उद्घाटन किया। दो विशिष्ट व्यक्तियों के हाथों अस्पताल का शुभारंभ होने से इसमें मरीजों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी। पडरौना शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी इलाज के लिए यहां आने लगे। बीते 16 जुलाई की शाम को इस अस्पताल में जटहां बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी सहोदरपट्टी गांव निवासी गुलाब गुप्ता की 45 वर्षीय पत्नी सुुमित्रा की बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण 17 जुलाई को उनकी मौत के बाद घरवालों ने अस्पताल में हंगामा किया, जिसके बाद संचालक सहित पूरा स्टॉफ अस्पताल बंद कर भाग गया था। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति की तहरीर पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। उसके दो दिन बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोतवाल के साथ पहुंचकर अस्पताल को सील भी कर दिया। इस अस्पताल के डॉक्टर और संचालक दोनों को पुलिस की तलाश है। कहा तो यह भी जा रहा है कि महिला का ऑपरेशन करने वाला व्यक्ति अस्पताल संचालक का पिता है, जो बिहार में झोला छाप दवा करता है। पुलिस को दोनों की तलाश है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार का कहना है कि उनके विभाग में न तो इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है और न ही डॉक्टर ने अपना पंजीकरण कराया है। पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजयराज सिंह ने भी इस अस्पताल का फर्जी तरीके से संचालन किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अस्पताल के आरोपी डॉक्टर और संचालक की तलाश की जा रही है।
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