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दो दिन इंतजार के बाद भी नहीं आई केंद्रीय टीम
Updated Thu, 14 Dec 2017 04:57 PM IST
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कुशीगनर। गंडक नदी में आई बाढ़ से हुई क्षति के आंकलन लेने के लिए विशेषज्ञों की टीम सेवरही क्षेत्र में आने वाली थी। बुधवार को ही क्षेत्र में स्थित बंधे पर टीम के पहुंचने की सूचना थी, लेकिन बृहस्पतिवार तक भी यह टीम नहीं पहुंची। बाद में लोगों को पता चला कि टीम वापस लौट गई। इससे बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग निराश हैं।
बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव धर्मानंद रेड्डी, केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी दिग्विजय मिश्र और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि पंकज कुमार को जिले के अमवा, पिपराघाट, जंगली पट्टी, विरवट कोन्हवलिया, बाकखास, बाघाचौर और अहिरौलीदान में बाढ़ व कटान से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आना था। तमकुहीराज तहसील प्रशासन को इसकी सूचना मिलने पर संबंधित इलाके के राजस्व कर्मियों को सतर्क किया गया था। राजस्व कर्मियों की सक्रियता से आसपास के गांव वालों को भी इसकी जानकारी मिल गई थी। बाढ़ व कटान प्रभावित लोग इस टीम के आने का इंतजार कर रहे थे। इस क्षेत्र के रहने वाले मथुरा सिंह, अरविंद सिंह पटेल, जितेंद्र कुमार सिंह, हीरालाल यादव, शर्मा यादव, जेपी निषाद, सुजीत यादव, राजेश सिंह आदि का कहना था कि वे लोग इस बात के इंतजार में थे कि अफसरों के यहां पहुंचने पर उन्हें हर साल बरसात में होने वाली दिक्कतों से अवगत कराया जाएगा लेकिन कोई नहीं पहुंचा। बाद में पता चला कि टीम वापस लौट गई।
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बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव धर्मानंद रेड्डी, केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी दिग्विजय मिश्र और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि पंकज कुमार को जिले के अमवा, पिपराघाट, जंगली पट्टी, विरवट कोन्हवलिया, बाकखास, बाघाचौर और अहिरौलीदान में बाढ़ व कटान से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आना था। तमकुहीराज तहसील प्रशासन को इसकी सूचना मिलने पर संबंधित इलाके के राजस्व कर्मियों को सतर्क किया गया था। राजस्व कर्मियों की सक्रियता से आसपास के गांव वालों को भी इसकी जानकारी मिल गई थी। बाढ़ व कटान प्रभावित लोग इस टीम के आने का इंतजार कर रहे थे। इस क्षेत्र के रहने वाले मथुरा सिंह, अरविंद सिंह पटेल, जितेंद्र कुमार सिंह, हीरालाल यादव, शर्मा यादव, जेपी निषाद, सुजीत यादव, राजेश सिंह आदि का कहना था कि वे लोग इस बात के इंतजार में थे कि अफसरों के यहां पहुंचने पर उन्हें हर साल बरसात में होने वाली दिक्कतों से अवगत कराया जाएगा लेकिन कोई नहीं पहुंचा। बाद में पता चला कि टीम वापस लौट गई।
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