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Kushinagar News: 32.32 फीसदी विद्यालयों ने पोर्टल पर प्रोग्रेसिव रिपोर्ट नहीं की अपलोड
Tue, 26 May 2026 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 26 May 2026 02:13 AM IST
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पडरौना। शिक्षा विभाग की बार-बार की चेतावनी के बावजूद जिले के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के जिम्मेदार गंभीर नहीं हो रहे हैं। विभाग के कड़े निर्देश के बाद भी जिले के 32.32 फीसदी विद्यालयों ने अब तक पोर्टल पर विद्यार्थियों की प्रोग्रेसिव रिपोर्ट अपलोड नहीं की है। छात्रों को अगली कक्षा में अपग्रेड करने की रफ्तार इतनी धीमी है कि अब तक मात्र 68 फीसदी स्कूल ही इस कार्य को पूरा कर पाए हैं। इस सुस्ती पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित प्रधानाध्यापकों से जवाब-तलब करने की तैयारी कर ली है।
नियमों के मुताबिक, नया सत्र शुरू होने के साथ ही सभी विद्यालयों को अपने यहां उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का डेटा शिक्षा विभाग के निर्धारित पोर्टल पर अपडेट करना होता है। इसके तहत छात्र-छात्राओं को पिछली कक्षा से अगली कक्षा में प्रमोट (अपग्रेड) किया जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में लापरवाही के कारण आगे की योजनाओं और छात्रवृत्ति जैसे लाभों में देरी होने की आशंका बनी रहती है।
विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में कुल 4838 विद्यालय संचालित हैं। इसमें पिछले वर्ष 7,61,722 छात्र-छात्राएं नामांकित थे, जिसमें अभी तक 5,12,541 छात्र-छात्राओं को ही अपग्रेड किया जा सका है, जबकि अभी भी 249181 विद्यार्थियों को उत्तीर्ण होने के बाद भी उन्हें विभागीय पोटल पर प्रमोट नहीं किया गया है। शैक्षिक सत्र शुरू हुए करीब 50 दिन बीतने के बाद 32.32 प्रतिशत विद्यार्थियों को प्रमोट नहीं करना विद्यालय संचालिकों की बड़ी लापरवाही है। उधर विद्यालय संचालक तकनीकी खामियों या स्टाफ की कमी का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ रहे हैं, जिसे विभाग ने अनुशासनहीनता माना है।
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बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्या ने बताया कि विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत विद्यालयों ने छात्रों का डेटा अपग्रेड नहीं किया, तो संबंधित प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को अपग्रेड करने के लिए डीआईओएस को पत्र लिखा गया है। परिषद की तरफ से संचालित सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।
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नियमों के मुताबिक, नया सत्र शुरू होने के साथ ही सभी विद्यालयों को अपने यहां उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का डेटा शिक्षा विभाग के निर्धारित पोर्टल पर अपडेट करना होता है। इसके तहत छात्र-छात्राओं को पिछली कक्षा से अगली कक्षा में प्रमोट (अपग्रेड) किया जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में लापरवाही के कारण आगे की योजनाओं और छात्रवृत्ति जैसे लाभों में देरी होने की आशंका बनी रहती है।
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विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में कुल 4838 विद्यालय संचालित हैं। इसमें पिछले वर्ष 7,61,722 छात्र-छात्राएं नामांकित थे, जिसमें अभी तक 5,12,541 छात्र-छात्राओं को ही अपग्रेड किया जा सका है, जबकि अभी भी 249181 विद्यार्थियों को उत्तीर्ण होने के बाद भी उन्हें विभागीय पोटल पर प्रमोट नहीं किया गया है। शैक्षिक सत्र शुरू हुए करीब 50 दिन बीतने के बाद 32.32 प्रतिशत विद्यार्थियों को प्रमोट नहीं करना विद्यालय संचालिकों की बड़ी लापरवाही है। उधर विद्यालय संचालक तकनीकी खामियों या स्टाफ की कमी का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ रहे हैं, जिसे विभाग ने अनुशासनहीनता माना है।
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बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्या ने बताया कि विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत विद्यालयों ने छात्रों का डेटा अपग्रेड नहीं किया, तो संबंधित प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को अपग्रेड करने के लिए डीआईओएस को पत्र लिखा गया है। परिषद की तरफ से संचालित सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।