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बाजार में उमड़ी भीड़, जमकर हुई खरीदारी
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Tue, 17 Oct 2017 11:59 PM IST
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पडराौना में दुकानाोंं पर ख्ारीदारी करते लाोग
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। दीपावली से पूर्व धनभतेरस का विशेष महत्व है। इस दिन पीतल के सामान, आभूषण, बर्तन सहित कई सामान खरीदने का प्रचलन है। माना जाता है कि धनतेरस के दिन वस्तुओं को खरीदने से घर में समृद्घि आती है।
चूंकि धनतेरस के दिन ही समुद्र मंथन हुआ था, जिससे भगवान धनवंतरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए धनतेरस के दिन पीतल खरीदना शुभ माना जाता है। पीतल को भगवान धनवंतरी का धातु भी माना जाता है। यह भी मान्यता है कि धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने से धन-समृद्घि बढ़ती है। इससे भाग्य प्रबल होता है तथा इन धातुओं से बने सामान लाने से कारोबार में भी वृद्घि होती है। इसके अलावा दीपावली पर पूजा के लिए धनतेरस के दिन ही भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदी जाती है, जिससे घर धन-धान्य से भरा रहता है। इस दिन बर्तन खरीदने का भी रिवाज है। जो लोग सोना-चांदी नहीं खरीद पाते, वे बर्तन खरीदते हैं, क्योंकि इस दिन धातु खरीदना शुभ माना गया है। यही नहीं कुछ लोग कुबेर की मूर्ति भी खरीदकर ले जाते हैं और घर के मंदिर में रखकर पूजा-पाठ करते हैं।
इस तरह धनतेरस के अवसर पर आभूषण, बर्तन, मूर्ति सहित अन्य वस्तुएं खरीदने के लिए मंगलवार को बाजार में काफी भीड़ रही। महिलाएं और पुरुष अपनी मनमाफिक वस्तुएं खरीदने के लिए बाजार में पहुंचे थे। भीड़ इतनी अधिक रही कि पूरा नगर जाम के हवाले रहा। पडरौना नगर के कसया रोड, कठकुइयां रोड, रामकोला रोड, कोतवाली रोड, कॉलेज रोड, मेन बाजार रोड, धर्मशाला रोड, दरबार रोड, जटहां रोड सहित सभी सड़कों पर इस कदर भीड़ लगी रही कि लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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मूर्तियां भी जाने लगीं पंडालों में
पडरौना। दीपावली के अवसर पर माता लक्ष्मी और सिद्घि विनायक गणेशजी की पूजा का विशेष प्रावधान है। कुछ लोग घरों में इनकी मूर्तियां स्थापित कर पूजा करते हैं तो कई स्थानों पर पंडाल सजाकर उसमें लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की पूजा की जाती है। ऐसे ही पंडालों में मूर्तियां स्थापित करने के लिए लक्ष्मी पूजा समिति के सदस्य भी मंगलवार को काफी सक्रिय दिखे। छोटे-छोटे बच्चे भी हर साल की भांति मूर्तियां लेकर पंडाल में गए और उन्हें आकर्षक तरीके से सजाने में जुट गए।
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चूंकि धनतेरस के दिन ही समुद्र मंथन हुआ था, जिससे भगवान धनवंतरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए धनतेरस के दिन पीतल खरीदना शुभ माना जाता है। पीतल को भगवान धनवंतरी का धातु भी माना जाता है। यह भी मान्यता है कि धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने से धन-समृद्घि बढ़ती है। इससे भाग्य प्रबल होता है तथा इन धातुओं से बने सामान लाने से कारोबार में भी वृद्घि होती है। इसके अलावा दीपावली पर पूजा के लिए धनतेरस के दिन ही भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदी जाती है, जिससे घर धन-धान्य से भरा रहता है। इस दिन बर्तन खरीदने का भी रिवाज है। जो लोग सोना-चांदी नहीं खरीद पाते, वे बर्तन खरीदते हैं, क्योंकि इस दिन धातु खरीदना शुभ माना गया है। यही नहीं कुछ लोग कुबेर की मूर्ति भी खरीदकर ले जाते हैं और घर के मंदिर में रखकर पूजा-पाठ करते हैं।
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इस तरह धनतेरस के अवसर पर आभूषण, बर्तन, मूर्ति सहित अन्य वस्तुएं खरीदने के लिए मंगलवार को बाजार में काफी भीड़ रही। महिलाएं और पुरुष अपनी मनमाफिक वस्तुएं खरीदने के लिए बाजार में पहुंचे थे। भीड़ इतनी अधिक रही कि पूरा नगर जाम के हवाले रहा। पडरौना नगर के कसया रोड, कठकुइयां रोड, रामकोला रोड, कोतवाली रोड, कॉलेज रोड, मेन बाजार रोड, धर्मशाला रोड, दरबार रोड, जटहां रोड सहित सभी सड़कों पर इस कदर भीड़ लगी रही कि लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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मूर्तियां भी जाने लगीं पंडालों में
पडरौना। दीपावली के अवसर पर माता लक्ष्मी और सिद्घि विनायक गणेशजी की पूजा का विशेष प्रावधान है। कुछ लोग घरों में इनकी मूर्तियां स्थापित कर पूजा करते हैं तो कई स्थानों पर पंडाल सजाकर उसमें लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की पूजा की जाती है। ऐसे ही पंडालों में मूर्तियां स्थापित करने के लिए लक्ष्मी पूजा समिति के सदस्य भी मंगलवार को काफी सक्रिय दिखे। छोटे-छोटे बच्चे भी हर साल की भांति मूर्तियां लेकर पंडाल में गए और उन्हें आकर्षक तरीके से सजाने में जुट गए।