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मेडिकल कॉलेज से 22 बुजुुर्ग कुशीनगर फिर लौटे
kushinagar
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:37 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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कसया। यूपी भारती विकास संस्थान की ओर से कसया में संचालित वृद्धाश्रम का शुक्रवार को सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह ने निरीक्षण किया। सीएमओ ने आश्रम में बुजुर्गों को दी जानी वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। आश्रम के बेसमेंट से लेकर पहली मंजिल पर रह रहे बुजुर्गों से बातचीत कर फीड बैक भी लिया।
देवरिया के मां विंध्यवासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह कांड के बाद इसी संस्था से जुडे़ वृद्घाश्रम के 24 लोगों को बुधवार को कसया के वृद्धाश्रम में शिफ्ट किया गया था। इसी दिन इन 24 बुजुर्गों की सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके पांडेय की अगुवाई में चिकित्सकों की टीम ने चिकित्सकीय परीक्षण किया था। परीक्षण में देवरिया से आईं 20 महिलाएं और दो वृद्ध पुरुषों की शारीरिक और मानसिक हालत ठीक नहीं मिलने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। बृहस्पतिवार को इन्हें एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाया गया था। देर रात यह कहते हुए इन्हें वापस कर दिया गया कि यहां पर मानसिक विक्षिप्त लोगों के इलाज की व्यवस्था नहीं है। आश्रमकर्मियों का कहना है कि लौटते वक्त रास्ते में आठ बुजुर्गों की हालत गंभीर हो गई। उन्हें जिला अस्पताल कुशीनगर में भर्ती कराया गया है। सीएमओ के साथ जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन पांडेय, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार पांडेय और महिला चिकित्सक डॉ. निधि की देखरेख में मरीजों का इलाज हो रहा है।
अधिकांश मानसिक रोगी हैं: सीएमओ
सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह ने बताया कि देवरिया से आए 24 लोगों में से अधिकांश मानसिक रोगी हैं। इसके चलते इनकी देखभाल करने में दिक्कत आ रही है। जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए आठ में से कुछ की मानसिक हालत बेहत खराब है। वहीं एक के पैर में फ्रैक्चर है। कुछ में खून की कमी है। इनके उचित देखभाल के लिए जिले में कोई शेल्टर होम नहीं है। अब जिला समाज कल्याण अधिकारी बरेली अथवा आगरा में मानसिक लोगों के लिए बने शेल्टरों होम में इन्हें भेजने का प्रयास कर रहे हैं।
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देवरिया के मां विंध्यवासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह कांड के बाद इसी संस्था से जुडे़ वृद्घाश्रम के 24 लोगों को बुधवार को कसया के वृद्धाश्रम में शिफ्ट किया गया था। इसी दिन इन 24 बुजुर्गों की सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके पांडेय की अगुवाई में चिकित्सकों की टीम ने चिकित्सकीय परीक्षण किया था। परीक्षण में देवरिया से आईं 20 महिलाएं और दो वृद्ध पुरुषों की शारीरिक और मानसिक हालत ठीक नहीं मिलने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। बृहस्पतिवार को इन्हें एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाया गया था। देर रात यह कहते हुए इन्हें वापस कर दिया गया कि यहां पर मानसिक विक्षिप्त लोगों के इलाज की व्यवस्था नहीं है। आश्रमकर्मियों का कहना है कि लौटते वक्त रास्ते में आठ बुजुर्गों की हालत गंभीर हो गई। उन्हें जिला अस्पताल कुशीनगर में भर्ती कराया गया है। सीएमओ के साथ जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन पांडेय, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार पांडेय और महिला चिकित्सक डॉ. निधि की देखरेख में मरीजों का इलाज हो रहा है।
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अधिकांश मानसिक रोगी हैं: सीएमओ
सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह ने बताया कि देवरिया से आए 24 लोगों में से अधिकांश मानसिक रोगी हैं। इसके चलते इनकी देखभाल करने में दिक्कत आ रही है। जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए आठ में से कुछ की मानसिक हालत बेहत खराब है। वहीं एक के पैर में फ्रैक्चर है। कुछ में खून की कमी है। इनके उचित देखभाल के लिए जिले में कोई शेल्टर होम नहीं है। अब जिला समाज कल्याण अधिकारी बरेली अथवा आगरा में मानसिक लोगों के लिए बने शेल्टरों होम में इन्हें भेजने का प्रयास कर रहे हैं।
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