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परिषदीय विद्यालयों की अर्द्घवार्षिक परीक्षा में दिखी अव्यवस्था

Sat, 03 Nov 2018 12:11 AM IST
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:11 AM IST
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परिषदीय विद्यालयों की अर्द्घवार्षिक परीक्षा में दिखी अव्यवस्था
पढ़ाई की अंग्रेजी में, प्रश्नपत्र आ गया हिंदी में
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ऑवर एन्वायरमेंट विषय की जगह ‘परख’ का आया पेपर
अंग्रेजी माध्यम के 78 विद्यालयों में हैं आठ हजार विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। बेसिक विभाग की ओर से इन स्कूलों में भी हिंदी माध्यम के प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिए जाने से विद्यार्थियों गए को नए तरीके के इम्तिहान से गुजरना पड़ रहा है। शुक्र वार को गणित विषय की परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों को इस समस्या से जूझना पड़ा। यही नहीं, ऑवर एन्वायरमेंट विषय के स्थान पर ‘परख’ का प्रश्नपत्र भेजा गया है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में घट रही छात्र संख्या को बढ़ाने और प्राइवेट स्कूलों को मात देने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से जिले में अंग्रेजी माध्यम से 78 विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में करीब आठ हजार बच्चों का नामांकन है।
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विभागीय सूत्रों का कहना है कि इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम के प्रश्नपत्र के स्थान पर हिंदी माध्यम के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए हैं। अध्यापक हिंदी माध्यम के पेपर को ही अंग्रेजी में अनुवाद कर जैसे-तैसे परीक्षा करा रहे हैं। कक्षा दो से पांच तक पढ़ाए जाने वाले विज्ञान विषय में ऑवर एन्वायरमेंट की जगह हिंदी माध्यम के विज्ञान ‘परख’ का पेपर उपलब्ध कराया गया है। इसका पाठ्यक्रम अंग्रेजी माध्यम के पाठ्यक्रम से बिल्कुल अलग है। 10 नवंबर को इस विषय की परीक्षा कैसे होगी, इसको लेकर अध्यापकों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।
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शिव कुमार गौंड़, महेंद्र शर्मा, पारस कुशवाहा आदि अभिभावकों ने बताया कि बच्चे अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हैं और पेपर हिंदी माध्यम का आया है। इससे प्रश्नपत्र हल करने में मुश्किल हो रही है। जिस माध्यम से बच्चे पढ़ाई किए हैं, उन्हें उसी माध्यम का पेपर मिलना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो अगले सत्र से दूसरे विकल्प पर विचार किया जाएगा।

बीएसए अरुण कुमार ने बताया कि समय सारणी में इसका ध्यान नहीं रखा गया होगा। यदि ऐसा है तो कमेटी बनाकर इस पर विचार किया जाएगा, जिससे आगे की परीक्षाओं में इस तरह की परेशानी न हो।
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