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अनोखा शिकायत
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:37 PM IST
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साहब कुंवारा हूं तो नहीं मिल रहा शौचालय का लाभ
फोटो के साथ
- एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर सुनाई दांस्ता
खडडा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शासन की ओर से हर घर में शौचालय बनाए जाने की मुहिम छिड़ी है। वहीं एक शख्स अकेलेपन में जिंदगी गुजार रहा और उसे इस वजह से शौचालय की प्रोत्साहन धनराशि नहीं मिल पा रही है कि वह अविवाहित है। ऐसी शिकायत लेकर जब वह एसडीएम खड्डा के समक्ष उपस्थित हुआ और अपनी दांस्ता सुनाई तो वहां मौजूद लोग पहले ठहाका लगाए, फिर उसके सवालों पर गंभीर हो गए। उसका सवाल गंभीर है कि विवाह से शौचालय का क्या तालमेल हो सकता है। तहसील क्षेत्र के पड़रही गांव निवासी 45 वर्षीय मैनेजर एसडीएम के कार्यालय में पहुंचे और प्रार्थना पत्र दिए। मैनेजर ने एसडीएम अरविंद कुमार को बताया कि वह अकेले रहते हैं। उनकी शादी नहीं हुई है और परिवार में कोई और सदस्य भी नहीं है। शौचालय नहीं होने से कष्ट होता है। इसके लिए प्रधान से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि कुंवारे हो कोई परिवार नहीं है, ऐसे में शौचालय नहीं बन सकता। यही बात सचिव भी दोहराए। अब आप ही बताए कि क्या किसी अविवाहित को शौचालय का लाभ मिलना चाहिए अथवा नहीं। एसडीएम उसकी बाते सुनकर गंभीर हो गए और एडीओ पंचायत खड्डा को समस्या समाधान करने का निर्देश दे दिया है। एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि स्वच्छ रहने का हक सबको है। मैनेजर के शौचालय निर्माण के लिए संबंधित जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है।
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फोटो के साथ
- एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर सुनाई दांस्ता
खडडा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शासन की ओर से हर घर में शौचालय बनाए जाने की मुहिम छिड़ी है। वहीं एक शख्स अकेलेपन में जिंदगी गुजार रहा और उसे इस वजह से शौचालय की प्रोत्साहन धनराशि नहीं मिल पा रही है कि वह अविवाहित है। ऐसी शिकायत लेकर जब वह एसडीएम खड्डा के समक्ष उपस्थित हुआ और अपनी दांस्ता सुनाई तो वहां मौजूद लोग पहले ठहाका लगाए, फिर उसके सवालों पर गंभीर हो गए। उसका सवाल गंभीर है कि विवाह से शौचालय का क्या तालमेल हो सकता है। तहसील क्षेत्र के पड़रही गांव निवासी 45 वर्षीय मैनेजर एसडीएम के कार्यालय में पहुंचे और प्रार्थना पत्र दिए। मैनेजर ने एसडीएम अरविंद कुमार को बताया कि वह अकेले रहते हैं। उनकी शादी नहीं हुई है और परिवार में कोई और सदस्य भी नहीं है। शौचालय नहीं होने से कष्ट होता है। इसके लिए प्रधान से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि कुंवारे हो कोई परिवार नहीं है, ऐसे में शौचालय नहीं बन सकता। यही बात सचिव भी दोहराए। अब आप ही बताए कि क्या किसी अविवाहित को शौचालय का लाभ मिलना चाहिए अथवा नहीं। एसडीएम उसकी बाते सुनकर गंभीर हो गए और एडीओ पंचायत खड्डा को समस्या समाधान करने का निर्देश दे दिया है। एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि स्वच्छ रहने का हक सबको है। मैनेजर के शौचालय निर्माण के लिए संबंधित जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है।