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Kushinagar News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.47 लाख वाद निस्तारित
Sun, 10 May 2026 02:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 10 May 2026 02:31 AM IST
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पडरौना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड 1,47,540 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार त्यागी और प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गुलाब सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजदारी, बैंक ऋण, राजस्व, पारिवारिक और मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया। फौजदारी के 6211 मामलों में 75,770 रुपये जुर्माना वसूल कर राजकीय कोष में जमा कराया गया। वहीं मोटर दुर्घटना से जुड़े 47 क्लेम मामलों में पीड़ितों और आश्रितों को 3. 96 करोड़ रुपये मुआवजा दिलाया गया।
बैंक ऋण से संबंधित 702 प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान करते हुए बैंकों ने 3.67 करोड़ टोकन मनी के रूप में वसूले। इसके अलावा 1169 राजस्व वादों का भी निस्तारण हुआ। पारिवारिक न्यायालयों में 50 मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। लोक अदालत में पारिवारिक विवादों में अलग रह रहे तीन जोड़ों को समझौते के बाद माला पहनाकर साथ विदा किया गया।
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मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेंद्र सिंह ने एक दुर्घटना मामले में पीड़ित पक्ष को 9.70 लाख रुपये भुगतान का आदेश दिया। कार्यक्रम में अपर जिला जज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में वादकारी मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भुवन समेत स्थायी लोक अदालत और एलएडीसीएस के पदाधिकारियों ने भी आयोजन में सहभागिता की।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजदारी, बैंक ऋण, राजस्व, पारिवारिक और मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया। फौजदारी के 6211 मामलों में 75,770 रुपये जुर्माना वसूल कर राजकीय कोष में जमा कराया गया। वहीं मोटर दुर्घटना से जुड़े 47 क्लेम मामलों में पीड़ितों और आश्रितों को 3. 96 करोड़ रुपये मुआवजा दिलाया गया।
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बैंक ऋण से संबंधित 702 प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान करते हुए बैंकों ने 3.67 करोड़ टोकन मनी के रूप में वसूले। इसके अलावा 1169 राजस्व वादों का भी निस्तारण हुआ। पारिवारिक न्यायालयों में 50 मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। लोक अदालत में पारिवारिक विवादों में अलग रह रहे तीन जोड़ों को समझौते के बाद माला पहनाकर साथ विदा किया गया।
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मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेंद्र सिंह ने एक दुर्घटना मामले में पीड़ित पक्ष को 9.70 लाख रुपये भुगतान का आदेश दिया। कार्यक्रम में अपर जिला जज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में वादकारी मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भुवन समेत स्थायी लोक अदालत और एलएडीसीएस के पदाधिकारियों ने भी आयोजन में सहभागिता की।