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कौआसार ड्रेन में बांध बनाकर लोग मारते हैं मछली
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:39 PM IST
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रामकोला (कुशीनगर)। मछली मारने के लिए कौवासार ड्रेन में फिर लोगों ने अवैध बांध बना दिया था, जिसे सोमवार को एसडीएम कप्तानगंज ने तोड़वाया। पिछले महीने भी इस ड्रेन में अवैध बांधों को तोड़ा गया था। मछली मारने के लिए बनाए जा रहे इन बांधों के चलते जलभराव से सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो चुकी है।
रामकोला क्षेत्र के दमोदरी, बंधवा, बभनौली, पुरनका डीह, बिहुली निस्फी, हनुमानगंज आदि गांवों के खेतों के बीच से कौवासार ड्रेन निकला है। बरसात में खेतों में भरा पानी इस ड्रेन के रास्ते निकलता है। बरसात में आसपास के गांवों के कुछ लोग मछली मारने के लिए ड्रेन में जगह-जगह अस्थाई बांध बना देते हैं। इसकी वजह से ड्रेन का बहाव रुक जाता है और सैकड़ों एकड़ फसलें डूबकर बर्बाद हो जाती हैं। पिछले महीने भी इस तरह की स्थिति आने पर एसडीएम कप्तानगंज त्रिभुवन ने पुलिस फोर्स के साथ जाकर आधा दर्जन जगहों पर बने बांध को तोड़वाया था। परंतु कुछ दिन बाद फिर लोगों ने बांध बना लिया। मंगलवार को फिर किसानों ने एसडीएम को इसकी जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने एसओ रामकोला अजय सिंह के साथ मौके पर जाकर खेदू छपरा, विशुनपुरा, मांडेराय, नौगावां आदि के सामने बने बांधों को तोड़वाया। एसडीएम ने एसओ को निर्देशित किया कि अस्थाई बांध बनाकर जलप्रवाह रोकने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करें। इस दौरान दयाशंकर मिश्र, प्रभाष चंद्र मिश्रा, संतोष राय समेत कई लोग मौजूद थे।
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रामकोला क्षेत्र के दमोदरी, बंधवा, बभनौली, पुरनका डीह, बिहुली निस्फी, हनुमानगंज आदि गांवों के खेतों के बीच से कौवासार ड्रेन निकला है। बरसात में खेतों में भरा पानी इस ड्रेन के रास्ते निकलता है। बरसात में आसपास के गांवों के कुछ लोग मछली मारने के लिए ड्रेन में जगह-जगह अस्थाई बांध बना देते हैं। इसकी वजह से ड्रेन का बहाव रुक जाता है और सैकड़ों एकड़ फसलें डूबकर बर्बाद हो जाती हैं। पिछले महीने भी इस तरह की स्थिति आने पर एसडीएम कप्तानगंज त्रिभुवन ने पुलिस फोर्स के साथ जाकर आधा दर्जन जगहों पर बने बांध को तोड़वाया था। परंतु कुछ दिन बाद फिर लोगों ने बांध बना लिया। मंगलवार को फिर किसानों ने एसडीएम को इसकी जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने एसओ रामकोला अजय सिंह के साथ मौके पर जाकर खेदू छपरा, विशुनपुरा, मांडेराय, नौगावां आदि के सामने बने बांधों को तोड़वाया। एसडीएम ने एसओ को निर्देशित किया कि अस्थाई बांध बनाकर जलप्रवाह रोकने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करें। इस दौरान दयाशंकर मिश्र, प्रभाष चंद्र मिश्रा, संतोष राय समेत कई लोग मौजूद थे।
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