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जंगलीपट्टी के सामने भी शुरू हुआ कटान
Updated Thu, 14 Dec 2017 07:01 PM IST
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कुशीनगर। अहिरौलीदान के खैरखूंटा टोले के साथ ही गंडक नदी अब जंगली पट्टी के सामने भी कटान करने लगी है। कटान रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जाने के चलते यहां के लोग भी सहमे हुए हैं। नदी जंगली पट्टी में बने बंधे की ओर बढ़ रही है। जंगली पट्टी में बने नए ठोकर को क्षति पहुंची तो पिपराघाट पुल भी कटान की चपेट में आ सकता है।
इस वर्ष उत्तर प्रदेश एवं बिहार प्रांत में आधा दर्जन से अधिक टोलों का वजूद मिटा चुकी गंडक नदी अब भी कटान कर रही है। नदी अहिरौलीदान के खैरखूंटा गांव के सामने एक पखवारे से कटान कर रही है। इसके साथ ही अब नदी जंगली पट्टी के सामने भी कटान करने लगी है। जंगली पट्टी के कई किसानों के खेत फसल समेत कटान की चपेट में आ चुके हैं। नदी नए बने ठोकर की ओर बढ़ रही है। पिपराघाट पुल के पास भी कटान हो रहा है। क्षेत्र में रहने वाले जेके सिंह, ओसियर सिंह, राधेश्याम, अरविंद सिंह पटेल, हीरालाल, अनिल यादव, अतुल, राजकुमार आदि ने नदी का कटान रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाने की मांग की है।
इस संबंध में बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पीसी त्रिपाठी का कहना है कि कटान की रिपोर्ट शासन को भेज कर वहां से आने वाले निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। बजट मिले बगैर बाढ़ खंड डिवीजन कोई कार्य नहीं करा सकता।
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इस वर्ष उत्तर प्रदेश एवं बिहार प्रांत में आधा दर्जन से अधिक टोलों का वजूद मिटा चुकी गंडक नदी अब भी कटान कर रही है। नदी अहिरौलीदान के खैरखूंटा गांव के सामने एक पखवारे से कटान कर रही है। इसके साथ ही अब नदी जंगली पट्टी के सामने भी कटान करने लगी है। जंगली पट्टी के कई किसानों के खेत फसल समेत कटान की चपेट में आ चुके हैं। नदी नए बने ठोकर की ओर बढ़ रही है। पिपराघाट पुल के पास भी कटान हो रहा है। क्षेत्र में रहने वाले जेके सिंह, ओसियर सिंह, राधेश्याम, अरविंद सिंह पटेल, हीरालाल, अनिल यादव, अतुल, राजकुमार आदि ने नदी का कटान रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाने की मांग की है।
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इस संबंध में बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पीसी त्रिपाठी का कहना है कि कटान की रिपोर्ट शासन को भेज कर वहां से आने वाले निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। बजट मिले बगैर बाढ़ खंड डिवीजन कोई कार्य नहीं करा सकता।
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