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Kaushambi News: मौसम के मिजाज किसानों को डराया, छाए रहे बादल, बूंदाबांदी से लुढ़का पारा
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मंझनपुर चौराहे पर दोपहर के समय सुहावने मौसम में बाजार में आते-जाते लोग। संवाद
मौसम के बदले मिजाज से बृहस्पतिवार की सुबह सर्द हो गई। दिन भर घने बादल छाए रहे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बादलों का घेरा गहरा होता गया। इस दौरान हवाओं की गति भी तेज रही। दोपहर बाद चायल क्षेत्र में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई, कहीं भी तेज बारिश नहीं हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ रहा चक्रवात प्रभावी है। तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इससे मौसम सर्द हो गया है। मौसम का बदला मिजाज किसानों को डरा रहा है। फसल खराब होने की आशंका से उनकी चिंता बढ़ गई है। वहीं मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार और शनिवार को बारिश हो सकती है। तेज हवाएं भी चलेंगी।
सर्दी की आहट के साथ ही लोगों ने गर्म कपड़े और कंबल निकालने शुरू कर दिए हैं। दिन में लोग तेज हवाओं से बचने के लिए इनर पहने रहे। कुछ लोगों ने जैकेट, स्वेटर आदि भी पहन लिए। माना जा रहा है कि इसी के साथ सर्दी का असर बढ़ जाएगा।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके मुकाबले बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था। उन्होंने शुक्रवार को बारिश होने की संभावना जताई है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है।
किसानों को सता रहा धान की तैयार फसल खराब होने का डर
हल्की बारिश और काले बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें धान की कटाई के इस दौर में मौसम खराब होने से फसल को नुकसान पहुंचने का डर सताने लगा है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, वे अपनी उपज को सुरक्षित रखने में जुटे हैं।
धान के फसल की कटाई कर उपज घर पर रख ली है। मौसम इसी तरह बना रहा और धूप नहीं निकली तो धान में नमी आने से उसके खराब होने का डर है। ऐसे में उपज को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाएगा। — अनिल कुमार सरोज, किसान
बृहस्पतिवार को ही मशीन से करीब तीन बीघा धान की कटाई कराई है। बारिश की आशंका को देखते हुए धान को बोरियों में भर दिया है। धूप नहीं निकली तो पूरी उपज खराब होने का खतरा है। — राजू पांडेय, किसान
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मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ रहा चक्रवात प्रभावी है। तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इससे मौसम सर्द हो गया है। मौसम का बदला मिजाज किसानों को डरा रहा है। फसल खराब होने की आशंका से उनकी चिंता बढ़ गई है। वहीं मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार और शनिवार को बारिश हो सकती है। तेज हवाएं भी चलेंगी।
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सर्दी की आहट के साथ ही लोगों ने गर्म कपड़े और कंबल निकालने शुरू कर दिए हैं। दिन में लोग तेज हवाओं से बचने के लिए इनर पहने रहे। कुछ लोगों ने जैकेट, स्वेटर आदि भी पहन लिए। माना जा रहा है कि इसी के साथ सर्दी का असर बढ़ जाएगा।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके मुकाबले बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था। उन्होंने शुक्रवार को बारिश होने की संभावना जताई है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है।
किसानों को सता रहा धान की तैयार फसल खराब होने का डर
हल्की बारिश और काले बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें धान की कटाई के इस दौर में मौसम खराब होने से फसल को नुकसान पहुंचने का डर सताने लगा है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, वे अपनी उपज को सुरक्षित रखने में जुटे हैं।
धान के फसल की कटाई कर उपज घर पर रख ली है। मौसम इसी तरह बना रहा और धूप नहीं निकली तो धान में नमी आने से उसके खराब होने का डर है। ऐसे में उपज को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाएगा। — अनिल कुमार सरोज, किसान
बृहस्पतिवार को ही मशीन से करीब तीन बीघा धान की कटाई कराई है। बारिश की आशंका को देखते हुए धान को बोरियों में भर दिया है। धूप नहीं निकली तो पूरी उपज खराब होने का खतरा है। — राजू पांडेय, किसान

मंझनपुर चौराहे पर दोपहर के समय सुहावने मौसम में बाजार में आते-जाते लोग। संवाद

मंझनपुर चौराहे पर दोपहर के समय सुहावने मौसम में बाजार में आते-जाते लोग। संवाद