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चरवा समेत 30 गांवों में पानी के लिए हाहाकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:29 AM IST
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पानी के इंतजाम में भटक रहे लोग
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मोटर फुंकने से चरवा पंपहाउस से 48 घंटे से जलापूर्ति ठप है। इससे चरवा समेत 30 गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। जलापूर्ति बंद होने और ज्यादातर हैंडपंपों के खराब होने से इन गांवों में रहने वाली 30 हजार की आबादी पानी को भटक रही है। सुबह-शाम लोग साइकिल और सिर पर डिब्बा, बाल्टी लेकर पानी ढो रहे हैं।
चायल तहसील क्षेत्र के चरवा में जलनिगम की टंकी लगी है। जहां से चरवा, बलीपुर टाटा, सझिया, अयोध्या का पुरा, धमसेड़ा, कलापत का पुरा, मीरनपुर, रायभान का पुरा, पहाड़पुर, बहादुरपुर, पिपरी, बाबातारा, मडूकी, सिरसी, चरवा खुर्द आदि 30 गांवों में पानी की सप्लाई की जाती है। जलापूर्ति के लिए चरवा पंप हाउस में 2 मोटर लगाई गई थी। चरवा गांव के रहने वाले नीतेश केसरवानी, सुभाषचंद्र, राम नारायण भारतीय, रामसरन निर्मल, विश्राम सिंह, मुकेश जायसवाल, हंसराज पांडेय आदि ने बताया कि एक मोटर तो करीब 3 महीने से फुंकी पड़ी थी। शुक्रवार की शाम दूसरी मोटर भी फूंक गई। दोनों मोटर जल जाने से जलापूर्ति ठप हो गई। पानी की सप्लाई नहीं होने से 48 घंटे से 30 गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण बताते हैं कि चरवा गांव में 65 इंडिया मार्का हैडंपप लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से 45 से ज्यादा हैंडपंप दो साल से खराब पड़े हैं। इसके कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोग सुबह-शाम बाल्टी, डिब्बा लेकर घर से दूर लगे हैंडपंपों से पानी भरकर साइकिल से ढोने को मजबूर हैं। आक्रोश है कि शिकायत के बाद भी अब तक पंपहाउस की जली हुई मोटर को ठीक नहीं कराया जा सका है।
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चायल तहसील क्षेत्र के चरवा में जलनिगम की टंकी लगी है। जहां से चरवा, बलीपुर टाटा, सझिया, अयोध्या का पुरा, धमसेड़ा, कलापत का पुरा, मीरनपुर, रायभान का पुरा, पहाड़पुर, बहादुरपुर, पिपरी, बाबातारा, मडूकी, सिरसी, चरवा खुर्द आदि 30 गांवों में पानी की सप्लाई की जाती है। जलापूर्ति के लिए चरवा पंप हाउस में 2 मोटर लगाई गई थी। चरवा गांव के रहने वाले नीतेश केसरवानी, सुभाषचंद्र, राम नारायण भारतीय, रामसरन निर्मल, विश्राम सिंह, मुकेश जायसवाल, हंसराज पांडेय आदि ने बताया कि एक मोटर तो करीब 3 महीने से फुंकी पड़ी थी। शुक्रवार की शाम दूसरी मोटर भी फूंक गई। दोनों मोटर जल जाने से जलापूर्ति ठप हो गई। पानी की सप्लाई नहीं होने से 48 घंटे से 30 गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण बताते हैं कि चरवा गांव में 65 इंडिया मार्का हैडंपप लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से 45 से ज्यादा हैंडपंप दो साल से खराब पड़े हैं। इसके कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोग सुबह-शाम बाल्टी, डिब्बा लेकर घर से दूर लगे हैंडपंपों से पानी भरकर साइकिल से ढोने को मजबूर हैं। आक्रोश है कि शिकायत के बाद भी अब तक पंपहाउस की जली हुई मोटर को ठीक नहीं कराया जा सका है।
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