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आंकड़ों में भिन्नता पर वीवीपैट पर्चियों की गिनती होगी मान्य
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विधानसभा निर्वाचन की मतगणना के लिए मंगलवार को कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में कार्मिकों को द्वितीय व अंतिम प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बताया गया कि मतगणना में वीवीपैट की गिनती ही अंतिम होगी। यह नियम तब लागू होगा जब ईवीएम के कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट की गिनती में कोई भिन्नता हो।
दस मार्च को नवीन मंडी में चार विधानसभा सीटों के लिए मतों की गणना होगी। इसमें ईवीएम से वोटों की गिनती के लिए 228 कार्मिक लगाए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पंडाल में 14-14 टेबल गणना के लिए लगाईं जाएंगी। वहीं, पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए दो-दो टेबल प्रत्येक विधानसभा में अलग से लगाईं जाएंगी।
सबसे पहले कंट्रोल यूनिट से प्रत्याशियों को मिले वोटों की जानकारी दी जाएगी। सभी अभिकर्ताओं के संतुष्ट होने पर दूसरी कंट्रोल यूनिट लाने के लिए विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूसरी कंट्रोल यूनिट तभी लाई जाएगी, जब सभी टेबलों पर पहले से मौजूद कंट्रोल यूनिट से वोटों की गिनती कर ली गई हो और उस पर किसी को कोई आपत्ति न हो।
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मतगणना पूरी होने के बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की पांच वीवीपैट गिनीं जाएंगी। इनका चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। गिनती के बाद इसका मिलान कंट्रोल यूनिट से भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉटरी के दौरान एक वीवीपैट का चयन करने के बाद पहले उसकी पर्चियां गिनीं जाएंगी। इसके बाद ही द्वितीय वीवीपैट का चयन किया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम सदर प्रखर उत्तम, एसडीएम विनय कुमार गुप्ता, राजेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
बोर्ड पर प्रदर्शित होगा प्रत्येक राउंड का परिणाम
प्रत्येक राउंड पूर्ण होने के बाद उसका परिणाम पंडाल के बाहर लगे बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने बोर्ड का आकार छह बाई आठ फुट का रखने का आदेश दिया है। इस पर हर राउंड के बाद प्रत्याशी को मिले वोटों को दर्ज किया जाएगा। वहीं, गणना टेबलों से प्रत्येक राउंड के वोटों को प्राप्त कर उसके टैबुलेशन के लिए दो अतिरिक्त टेबलें भी लगाई गईं हैं।
आपत्ति की दशा में आरओ और प्रेक्षक करेंगे निर्णय
मतगणना के दौरान अगर किसी गणना अभिकर्ता या प्रत्याशी को मतों की गिनती को लेकर कोई आपत्ति है तो उसका निदान गणना टेबल पर नहीं होगा। इसके लिए अभिकर्ता, गणना सुपरवाइजर को कंट्रोल यूनिट के साथ आरओ टेबल पर जाना होगा। यहां प्रेक्षक की मौजूदगी में आरओ ही आपत्ति पर निर्णय करेंगे। जब तक निर्णय नहीं हो जाता, तब तक दूसरी टेबलों पर भी गिनती के लिए नई कंट्रोल यूनिट नहीं लाई जाएगी।
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दस मार्च को नवीन मंडी में चार विधानसभा सीटों के लिए मतों की गणना होगी। इसमें ईवीएम से वोटों की गिनती के लिए 228 कार्मिक लगाए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पंडाल में 14-14 टेबल गणना के लिए लगाईं जाएंगी। वहीं, पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए दो-दो टेबल प्रत्येक विधानसभा में अलग से लगाईं जाएंगी।
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सबसे पहले कंट्रोल यूनिट से प्रत्याशियों को मिले वोटों की जानकारी दी जाएगी। सभी अभिकर्ताओं के संतुष्ट होने पर दूसरी कंट्रोल यूनिट लाने के लिए विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूसरी कंट्रोल यूनिट तभी लाई जाएगी, जब सभी टेबलों पर पहले से मौजूद कंट्रोल यूनिट से वोटों की गिनती कर ली गई हो और उस पर किसी को कोई आपत्ति न हो।
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मतगणना पूरी होने के बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की पांच वीवीपैट गिनीं जाएंगी। इनका चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। गिनती के बाद इसका मिलान कंट्रोल यूनिट से भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉटरी के दौरान एक वीवीपैट का चयन करने के बाद पहले उसकी पर्चियां गिनीं जाएंगी। इसके बाद ही द्वितीय वीवीपैट का चयन किया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम सदर प्रखर उत्तम, एसडीएम विनय कुमार गुप्ता, राजेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
बोर्ड पर प्रदर्शित होगा प्रत्येक राउंड का परिणाम
प्रत्येक राउंड पूर्ण होने के बाद उसका परिणाम पंडाल के बाहर लगे बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने बोर्ड का आकार छह बाई आठ फुट का रखने का आदेश दिया है। इस पर हर राउंड के बाद प्रत्याशी को मिले वोटों को दर्ज किया जाएगा। वहीं, गणना टेबलों से प्रत्येक राउंड के वोटों को प्राप्त कर उसके टैबुलेशन के लिए दो अतिरिक्त टेबलें भी लगाई गईं हैं।
आपत्ति की दशा में आरओ और प्रेक्षक करेंगे निर्णय
मतगणना के दौरान अगर किसी गणना अभिकर्ता या प्रत्याशी को मतों की गिनती को लेकर कोई आपत्ति है तो उसका निदान गणना टेबल पर नहीं होगा। इसके लिए अभिकर्ता, गणना सुपरवाइजर को कंट्रोल यूनिट के साथ आरओ टेबल पर जाना होगा। यहां प्रेक्षक की मौजूदगी में आरओ ही आपत्ति पर निर्णय करेंगे। जब तक निर्णय नहीं हो जाता, तब तक दूसरी टेबलों पर भी गिनती के लिए नई कंट्रोल यूनिट नहीं लाई जाएगी।