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Kaushambi News: सात साल से कोच की राह देख रहे वॉलीबॉल खिलाड़ी
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जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद
टेंवा स्थित जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्ष 2019 से वॉलीबॉल कोच का पद रिक्त है। कोच के अभाव में खिलाड़ी बिना मार्गदर्शन अभ्यास करने को मजबूर हैं। प्रशिक्षण नहीं मिलने के अभाव में कई खिलाड़ियों ने खेल छोड़ दिया है।
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में नेट और वॉलीबॉल सहित सभी आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध होने के बाद भी कोच नहीं होने से खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। खिलाड़ी स्वयं अभ्यास कर जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन विशेषज्ञ प्रशिक्षण के अभाव में राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
स्थिति से निराश होकर मंझनपुर ब्लॉक के करीब आधा दर्जन खिलाड़ियों ने तीन माह पहले वॉलीबॉल खेलना छोड़ दिया। खिलाड़ी अनिल पाल, अक्षय कुमार, अमित, राहुल और आकाश कुमार का कहना है कि कोच के अभाव में उनके खेल में सुधार नहीं हो पा रहा था। जिले में कोई वैकल्पिक वॉलीबॉल अकादमी भी नहीं है, जहां वे प्रशिक्षण लेकर अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ा सकें। खिलाड़ियों का कहना है कि वर्षों से कोच की नियुक्ति नहीं होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
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जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में नेट और वॉलीबॉल सहित सभी आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध होने के बाद भी कोच नहीं होने से खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। खिलाड़ी स्वयं अभ्यास कर जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन विशेषज्ञ प्रशिक्षण के अभाव में राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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स्थिति से निराश होकर मंझनपुर ब्लॉक के करीब आधा दर्जन खिलाड़ियों ने तीन माह पहले वॉलीबॉल खेलना छोड़ दिया। खिलाड़ी अनिल पाल, अक्षय कुमार, अमित, राहुल और आकाश कुमार का कहना है कि कोच के अभाव में उनके खेल में सुधार नहीं हो पा रहा था। जिले में कोई वैकल्पिक वॉलीबॉल अकादमी भी नहीं है, जहां वे प्रशिक्षण लेकर अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ा सकें। खिलाड़ियों का कहना है कि वर्षों से कोच की नियुक्ति नहीं होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
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