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ग्रामीण गए थे कमाने और लेकर लौटे कोरोना वायरस
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दो वक्त की रोटी के तलाश में परदेश गए दोआबा के कमाऊ पूत कोरोना महामारी घर लेकर लौट रहे हैं। जिले में अब तक संक्रमित मिले सभी 34 लोग मुंबई, दिल्ली जैसे महानगरों से कमाकर घर लौटे हैं। प्रवासियों की वजह से बढ़ रहे संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन हैरान हैं। जनपदवासी भी इसे लेकर दहशत में हैं। प्रशासन की तरफ से महामारी रोकने के लिए जन समुदाय से लगातार एहितियात बरतने की अपील की जा रही है।
कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन किया गया है। इसके बाद चोरी छिपे प्रवासियों के घर लौटने का सिलसिला शुरू हुआ। अप्रैल के पहले सप्ताह में कड़ा इलाके के एक क्वारंटीन सेंटर में रहे दो लोगों को कोराना की पुष्टि हुई। इसमें से एक युवक लुधियाना व दूसरा जोधपुर (राजस्थान) से लौटा था। दो कोरोना संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने नाकेबंदी तेज कर दी। जिसका नतीजा रहा नए केस सामने नहीं आए। लॉकडाउन के तीसरे फेज में मिली कुछ छूट के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी घर लौटे। कुछ पैदल या निजी वाहन करके आए तो कुछ को सरकार ने बसों से भेजा। जिले में अब तक 25 हजार से ज्यादा प्रवासियों के लौटने का अनुमान है। अब यही प्रवासी प्रशासन के साथ ही जनपदवासियों के जी का जंजाल बनते जा रहे हैं।
अब जिले में 34 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जिसमें सबसे ज्यादा 26 महाराष्ट्र के खासकर मुंबई व पुणे शहर से वापस आए हैं। पांच संक्रमित दिल्ली से घर लौटे हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से आए एक-एक युवक संक्रमित मिल चुका है। बताते चले कि प्रशासन ने बड़ी संख्या में घर लौटे प्रवासियों को होम क्वारंटीन में रखा है। यह प्रवासी बाहर नहीं घूमने पाए, इसे लेकर निगरानी समिति का गठन किया गया है। प्रवासियों को परिवार से अलग रहने को कहा गया है। बावजूद इसके प्रवासी दूसरे लोगों के संपर्क में आने से बाज नहीं आ रहे। भले ही अब तक जितने भी संक्रमित मिले वह बाहर से आए हो, लेकिन उनके संपर्क में आए लोगों से महामारी के तेजी से फैलने के आसार दिखने लगे हैं।
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कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन किया गया है। इसके बाद चोरी छिपे प्रवासियों के घर लौटने का सिलसिला शुरू हुआ। अप्रैल के पहले सप्ताह में कड़ा इलाके के एक क्वारंटीन सेंटर में रहे दो लोगों को कोराना की पुष्टि हुई। इसमें से एक युवक लुधियाना व दूसरा जोधपुर (राजस्थान) से लौटा था। दो कोरोना संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने नाकेबंदी तेज कर दी। जिसका नतीजा रहा नए केस सामने नहीं आए। लॉकडाउन के तीसरे फेज में मिली कुछ छूट के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी घर लौटे। कुछ पैदल या निजी वाहन करके आए तो कुछ को सरकार ने बसों से भेजा। जिले में अब तक 25 हजार से ज्यादा प्रवासियों के लौटने का अनुमान है। अब यही प्रवासी प्रशासन के साथ ही जनपदवासियों के जी का जंजाल बनते जा रहे हैं।
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अब जिले में 34 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जिसमें सबसे ज्यादा 26 महाराष्ट्र के खासकर मुंबई व पुणे शहर से वापस आए हैं। पांच संक्रमित दिल्ली से घर लौटे हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से आए एक-एक युवक संक्रमित मिल चुका है। बताते चले कि प्रशासन ने बड़ी संख्या में घर लौटे प्रवासियों को होम क्वारंटीन में रखा है। यह प्रवासी बाहर नहीं घूमने पाए, इसे लेकर निगरानी समिति का गठन किया गया है। प्रवासियों को परिवार से अलग रहने को कहा गया है। बावजूद इसके प्रवासी दूसरे लोगों के संपर्क में आने से बाज नहीं आ रहे। भले ही अब तक जितने भी संक्रमित मिले वह बाहर से आए हो, लेकिन उनके संपर्क में आए लोगों से महामारी के तेजी से फैलने के आसार दिखने लगे हैं।
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