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ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से किसान परेशान
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ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से किसान परेशान
धान के बेहन में सिंचाई नहीं हो पा रही
अमर उजाला ब्यूरो
चायल। सरायअकिल व बेनीराम कटरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़ेे सैकड़ों गांव के लोग पिछले एक महीने से बिजली की अघोषित कटौती से परेशान हैं। उमसभरी भीषण गर्मी में परेशानी और बढ़ा दी है। धान के बेहन में सिंचाई नहीं हो पा रही है।
पारा चढ़ने के साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अघोषित कटौती बढ़ती जा रही हैं। रात में कटौतीमुक्त आपूर्ति का आदेश भी इमरजेंसी रोस्टिंग की भेंट चढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम छह बजे से सुबह तक निर्बाध आपूर्ति के साथ ही कम से कम 18 घंटे निर्बाध विद्युत सप्लाई का फरमान है, लेकिन आपूर्ति के समय इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर यहां रातोंदिन बेतहाशा कटौती की जा रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही नेवादा फीडर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या बढ़ती जा रही है। हालात यह है कि रात में दो से तीन घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग आम बात हो गई है। जिसके चलते उमसभरी भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। दिन में भी बिजली की आवाजाही का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। इमली गांव के डब्बू, अशोक, अमरेश, बबलू, जितेंद्र व अमिरसा के विनय, रोहित, अमित, गिरीश आदि का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। बारिश हो नहीं रही है। पर्याप्त बिजली मिल जाए तो किसान कम से कम नलकूप चलाकर धान की रोपाई कर लें। लिहाजा ग्रामीणों ने कटौती मुक्त विद्युत आपूर्ति की मांग की है। चेताया कि अघोषित कटौती का यही सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही ग्रामीण बिजली दफ्तर का घेराव करेेंगे। वहीं अधीक्षण अभियंता, विद्युत सुशील कुमार का कहना है कि गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। लोकल फाल्ट के कारण भी कुछ दिक्कतें आ रही हैं। इन सबके बीच कारपोरेशन से मिलने वाली पूरी बिजली उपभोक्ताओं को मुहैया कराई जा रही है।
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धान के बेहन में सिंचाई नहीं हो पा रही
अमर उजाला ब्यूरो
चायल। सरायअकिल व बेनीराम कटरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़ेे सैकड़ों गांव के लोग पिछले एक महीने से बिजली की अघोषित कटौती से परेशान हैं। उमसभरी भीषण गर्मी में परेशानी और बढ़ा दी है। धान के बेहन में सिंचाई नहीं हो पा रही है।
पारा चढ़ने के साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अघोषित कटौती बढ़ती जा रही हैं। रात में कटौतीमुक्त आपूर्ति का आदेश भी इमरजेंसी रोस्टिंग की भेंट चढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम छह बजे से सुबह तक निर्बाध आपूर्ति के साथ ही कम से कम 18 घंटे निर्बाध विद्युत सप्लाई का फरमान है, लेकिन आपूर्ति के समय इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर यहां रातोंदिन बेतहाशा कटौती की जा रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही नेवादा फीडर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या बढ़ती जा रही है। हालात यह है कि रात में दो से तीन घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग आम बात हो गई है। जिसके चलते उमसभरी भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। दिन में भी बिजली की आवाजाही का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। इमली गांव के डब्बू, अशोक, अमरेश, बबलू, जितेंद्र व अमिरसा के विनय, रोहित, अमित, गिरीश आदि का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। बारिश हो नहीं रही है। पर्याप्त बिजली मिल जाए तो किसान कम से कम नलकूप चलाकर धान की रोपाई कर लें। लिहाजा ग्रामीणों ने कटौती मुक्त विद्युत आपूर्ति की मांग की है। चेताया कि अघोषित कटौती का यही सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही ग्रामीण बिजली दफ्तर का घेराव करेेंगे। वहीं अधीक्षण अभियंता, विद्युत सुशील कुमार का कहना है कि गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। लोकल फाल्ट के कारण भी कुछ दिक्कतें आ रही हैं। इन सबके बीच कारपोरेशन से मिलने वाली पूरी बिजली उपभोक्ताओं को मुहैया कराई जा रही है।
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