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पर्यटन से दूर हो सकती है बेरोजगारी
Mon, 25 Mar 2019 12:28 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Mon, 25 Mar 2019 12:28 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर। अमर उजाला का महासंग्राम चुनावी रथ रविवार को कौशाम्बी जिले में उन युवाओं के बीच पहुंचा जो इस बार लोकसभा चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। उनसे चुनाव और जिले के विकास के मुद्दे पर राय ली गई। अधिकतर युवाओं ने कहा कि अन्य जिलों से दोआबा पिछड़ा है। शिक्षा और जरूरी सुविधाओं की भी कमी है।
जिले का युवा परदेश क्यों जा रहा है। इस सवाल पर संदीप कुमार ने बताया कि कौशाम्बी में रोजगार के अवसर नहीं हैं। जिला शिक्षा, रोजगार व जरूरी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। राजेंद्र का कहना है कि कौशाम्बी जिले को अस्तित्व में आए दो दशक हो गए, लेकिन अभी तक जिला मुख्यालय मंझनपुर शहर का आकार नहीं ले सका। यहां के युवाओं को जरूरत की वस्तुओं को पूरा करने के लिए प्रयागराज और कानपुर जाना पड़ता है। संदीप का कहना है कि उच्च शिक्षा के लिए यहां संसाधन नहीं है। जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसके जरिए जिले की बेरोजगारी दूर की जा सकती है। लेकिन जिले के किसी भी जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी ने बेरोजगारी को लेकर सकारात्मक पहल नहीं की। अखिलेश गुप्ता कहते है कि बेरोजगारी की समस्या आम है, लेकिन इसके लिए युवाओं को खुद ही आगे आकर समस्या को दूर करना होगा। सरकारें तो बनती बिगड़ती रहती हैं। अमृत आनंद ने वर्तमान सरकार की कार्यशैली से असंतोष जाहिर किया है।
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जिले का युवा परदेश क्यों जा रहा है। इस सवाल पर संदीप कुमार ने बताया कि कौशाम्बी में रोजगार के अवसर नहीं हैं। जिला शिक्षा, रोजगार व जरूरी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। राजेंद्र का कहना है कि कौशाम्बी जिले को अस्तित्व में आए दो दशक हो गए, लेकिन अभी तक जिला मुख्यालय मंझनपुर शहर का आकार नहीं ले सका। यहां के युवाओं को जरूरत की वस्तुओं को पूरा करने के लिए प्रयागराज और कानपुर जाना पड़ता है। संदीप का कहना है कि उच्च शिक्षा के लिए यहां संसाधन नहीं है। जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसके जरिए जिले की बेरोजगारी दूर की जा सकती है। लेकिन जिले के किसी भी जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी ने बेरोजगारी को लेकर सकारात्मक पहल नहीं की। अखिलेश गुप्ता कहते है कि बेरोजगारी की समस्या आम है, लेकिन इसके लिए युवाओं को खुद ही आगे आकर समस्या को दूर करना होगा। सरकारें तो बनती बिगड़ती रहती हैं। अमृत आनंद ने वर्तमान सरकार की कार्यशैली से असंतोष जाहिर किया है।
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