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सिम क्लोन कर ऑनलाइन ठगी करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार
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Two crooks who cheated online by cloning SIM arrested
- फोटो : KAUSHAMBI
फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) गोदाम में कार्यरत कर्मचारी का सिम कार्ड क्लोन कर सात लाख 59 हजार की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से चार लाख 50 हजार नकद बरामद हुआ है।
इसके अलावा एक लाख 66 हजार रुपये ऑनलाइन शिकायतकर्ता के खाते में ट्रांसफर कराए गए हैं। बदमाशों के पास से पुलिस ने दो मोबाइल, दो एटीएम, आधार कार्ड, वोटर आईडी व बाइक बरामद की है।
मंगलवार को पुलिस ऑफिस में घटना का खुलासा करते हुए एसपी राधेश्याम व एएसपी समर बहादुर ने बताया कि बलिया जिले के खगरौली निवासी शुभनारायण राम एफसीआई मंझनपुर गोदाम में कार्यरत थे। पिछले दिनों वह सेवानिवृत्त हुए हैं।
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फंड आदि का काफी पैसा उन्हें मिला था। दो जून से लेकर चार जुलाई के बीच शुभनारायण के खाते से अलग-अलग किश्तों में सात लाख 59 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। जालसाजों ने पैसा ट्रांसफर करने के लिए गेट-वे, फोनपे, यूपीआई, पेटीएम आदि का सहारा लिया था।
खाते से बैलेंस कटने की जानकारी होने के बाद शुभनारायण ने पिछले दिनों एसपी राधेश्याम से शिकायत की। एसपी के निर्देश पर सदर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। एसपी ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल के सीसीओ अखिलेश उपाध्याय व संदीप कुमार को दी गई। छानबीन के दौरान पता चला कि पैसा ट्रांसफार्मर शुभनारायण का सिम क्लोन करके किया गया था।
यह धोखाधड़ी रायबरेली जिले के पूरे मऊ थाना गदागंज निवासी सर्वेश कुमार व कुरौली के दीपक कुमार ने किया था। दोनों युवक पहले एफसीआई में संविदा पर काम करते थे। उन्हीं लोगों ने सिम क्लोन करके रुपयों का ट्रांजेक्शन किया था।
क्लोन सिम के कारण ट्रांजेक्शन की ओटीपी शिकायतकर्ता के पास जाने के बजाय सीधे बदमाशों के पास पहुंचती थी। इसी कारण पैसा ट्रांसफर करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होती थी।
एसपी ने बदमाशों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल साइबर सेल के अलावा स्वॉट टीम के प्रभारी संजय गुप्ता, सिपाही मनोज, सरताज, मंझनपुर के इंस्पेक्टर मनीष पांडेय, एसआई आलोक कुमार, सिपाही अमित व जीतेंद्र को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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इसके अलावा एक लाख 66 हजार रुपये ऑनलाइन शिकायतकर्ता के खाते में ट्रांसफर कराए गए हैं। बदमाशों के पास से पुलिस ने दो मोबाइल, दो एटीएम, आधार कार्ड, वोटर आईडी व बाइक बरामद की है।
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मंगलवार को पुलिस ऑफिस में घटना का खुलासा करते हुए एसपी राधेश्याम व एएसपी समर बहादुर ने बताया कि बलिया जिले के खगरौली निवासी शुभनारायण राम एफसीआई मंझनपुर गोदाम में कार्यरत थे। पिछले दिनों वह सेवानिवृत्त हुए हैं।
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फंड आदि का काफी पैसा उन्हें मिला था। दो जून से लेकर चार जुलाई के बीच शुभनारायण के खाते से अलग-अलग किश्तों में सात लाख 59 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। जालसाजों ने पैसा ट्रांसफर करने के लिए गेट-वे, फोनपे, यूपीआई, पेटीएम आदि का सहारा लिया था।
खाते से बैलेंस कटने की जानकारी होने के बाद शुभनारायण ने पिछले दिनों एसपी राधेश्याम से शिकायत की। एसपी के निर्देश पर सदर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। एसपी ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल के सीसीओ अखिलेश उपाध्याय व संदीप कुमार को दी गई। छानबीन के दौरान पता चला कि पैसा ट्रांसफार्मर शुभनारायण का सिम क्लोन करके किया गया था।
यह धोखाधड़ी रायबरेली जिले के पूरे मऊ थाना गदागंज निवासी सर्वेश कुमार व कुरौली के दीपक कुमार ने किया था। दोनों युवक पहले एफसीआई में संविदा पर काम करते थे। उन्हीं लोगों ने सिम क्लोन करके रुपयों का ट्रांजेक्शन किया था।
क्लोन सिम के कारण ट्रांजेक्शन की ओटीपी शिकायतकर्ता के पास जाने के बजाय सीधे बदमाशों के पास पहुंचती थी। इसी कारण पैसा ट्रांसफर करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होती थी।
एसपी ने बदमाशों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल साइबर सेल के अलावा स्वॉट टीम के प्रभारी संजय गुप्ता, सिपाही मनोज, सरताज, मंझनपुर के इंस्पेक्टर मनीष पांडेय, एसआई आलोक कुमार, सिपाही अमित व जीतेंद्र को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।