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Kaushambi News: यात्रा की अव्यवस्था...दीपदान स्थल तक पहुंचना मुश्किल, सीधी बस नहीं
Mon, 20 Oct 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 20 Oct 2025 12:58 AM IST
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दीपदान पर्व पर कड़ा के शीतला धाम से 125 किलोमीटर दूर चित्रकूट के लिए कोई सीधी बस सेवा नहीं है। ऐसे में हर साल लोगों को परिवहन संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ती है। तीर्थ क्षेत्रों का बड़ा महत्व होने के बाद भी इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
कड़ा व चित्रकूट का अपना अलग-अलग महत्व है। श्रद्धालुओं को कड़ा से चित्रकूट तक पहुंचने के लिए कई बार वाहन बदलने पड़ते हैं। पहले लोग कड़ा से सैनी, फिर ऑटो से मंझनपुर जाते हैं। उसके बाद महेवाघाट और अंत में निजी वाहन या बस से चित्रकूट जाना पड़ता है। यात्रा की अव्यवस्था से यह थकाऊ हो जाती है। यात्रा के कारण बुजुर्गों और महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा जैसे अवसरों पर कड़ा धाम से चित्रकूट तक सीधी बस सेवा की मांग वर्षों से की जा रही है लेकिन अब तक यह संभव नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि सरायअकिल से मंझनपुर होते हुए चित्रकूट के लिए तीन बसें जरूर लगाई गई हैं लेकिन उनका समय तय नहीं होने से यात्रियों को भरोसेमंद विकल्प नहीं मिल पा रहा है।
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हर वर्ष दीपदान के दौरान हजारों श्रद्धालु कड़ा धाम में पूजन कर चित्रकूट की ओर प्रस्थान करते हैं लेकिन सीधी बस सेवा न होने से उन्हें इंतजार करना पड़ता हैं। श्रद्धालुओं ने परिवहन विभाग से मांग की कि तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए कड़ा-चित्रकूट मार्ग पर नियमित बस सेवा शुरू की जाए।
इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगी। सैनी के अखिलेश, पंकज और शिवबाबू का कहना है कि यदि बस सेवा दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा जैसे अवसरों पर अस्थायी रूप से भी शुरू की जाए तो श्रद्धालुओं को बहुत सुविधा मिलेगी।
बोले श्रद्धालु
सैनी चौराहे पर गाड़ी का इंतजार कर रहे सुखलाल ने बताया कि हर साल दीपदान के लिए चित्रकूट जाना पड़ता है। सीधी बस न होने से बहुत परेशानी होती है। पहले सैनी से मंझनपुर फिर महेवाघाट होते हुए जाना पड़ता है। ऐसे में पूरा दिन लग जाता है। वहीं, देवीगंज के शिवपूजन ने कहा कि अगर कड़ा से सीधी बस होती तो बुजुर्गों को इतनी दिक्कत न झेलनी पड़ती। इसी तरह सीमा देवी ने कहा कि हम महिलाएं भी हर साल दीपदान करने जाती हैं लेकिन बच्चों संग कई वाहन बदलना मुश्किल होता है। सरकार को श्रद्धालुओं के लिए सीधी बस चलानी चाहिए।
दीपावली पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चित्रकूट मार्ग पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। साथ ही कड़ा धाम से सीधी बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया था। किसी कारण वश स्वीकृत नहीं हो पाया। -गंगा शंकर शर्मा, डिपो इंचार्ज
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कड़ा व चित्रकूट का अपना अलग-अलग महत्व है। श्रद्धालुओं को कड़ा से चित्रकूट तक पहुंचने के लिए कई बार वाहन बदलने पड़ते हैं। पहले लोग कड़ा से सैनी, फिर ऑटो से मंझनपुर जाते हैं। उसके बाद महेवाघाट और अंत में निजी वाहन या बस से चित्रकूट जाना पड़ता है। यात्रा की अव्यवस्था से यह थकाऊ हो जाती है। यात्रा के कारण बुजुर्गों और महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा जैसे अवसरों पर कड़ा धाम से चित्रकूट तक सीधी बस सेवा की मांग वर्षों से की जा रही है लेकिन अब तक यह संभव नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि सरायअकिल से मंझनपुर होते हुए चित्रकूट के लिए तीन बसें जरूर लगाई गई हैं लेकिन उनका समय तय नहीं होने से यात्रियों को भरोसेमंद विकल्प नहीं मिल पा रहा है।
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हर वर्ष दीपदान के दौरान हजारों श्रद्धालु कड़ा धाम में पूजन कर चित्रकूट की ओर प्रस्थान करते हैं लेकिन सीधी बस सेवा न होने से उन्हें इंतजार करना पड़ता हैं। श्रद्धालुओं ने परिवहन विभाग से मांग की कि तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए कड़ा-चित्रकूट मार्ग पर नियमित बस सेवा शुरू की जाए।
इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगी। सैनी के अखिलेश, पंकज और शिवबाबू का कहना है कि यदि बस सेवा दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा जैसे अवसरों पर अस्थायी रूप से भी शुरू की जाए तो श्रद्धालुओं को बहुत सुविधा मिलेगी।
बोले श्रद्धालु
सैनी चौराहे पर गाड़ी का इंतजार कर रहे सुखलाल ने बताया कि हर साल दीपदान के लिए चित्रकूट जाना पड़ता है। सीधी बस न होने से बहुत परेशानी होती है। पहले सैनी से मंझनपुर फिर महेवाघाट होते हुए जाना पड़ता है। ऐसे में पूरा दिन लग जाता है। वहीं, देवीगंज के शिवपूजन ने कहा कि अगर कड़ा से सीधी बस होती तो बुजुर्गों को इतनी दिक्कत न झेलनी पड़ती। इसी तरह सीमा देवी ने कहा कि हम महिलाएं भी हर साल दीपदान करने जाती हैं लेकिन बच्चों संग कई वाहन बदलना मुश्किल होता है। सरकार को श्रद्धालुओं के लिए सीधी बस चलानी चाहिए।
दीपावली पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चित्रकूट मार्ग पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। साथ ही कड़ा धाम से सीधी बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया था। किसी कारण वश स्वीकृत नहीं हो पाया। -गंगा शंकर शर्मा, डिपो इंचार्ज