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उमस भरी गर्मी में लोड झेल नहीं पा रहे ट्रांसफार्मर
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Transformers are unable to bear the load in the sultry heat
- फोटो : KAUSHAMBI
उमस भरी गर्मी के कारण बढ़ी बिजली खपत बढ़ गई है। इस कारण ट्रांसफार्मर लोड झेल नहीं पा रहे है। ओवरलोड होने के कारण आए दिन ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। वर्कशॉप की क्षमता से ज्यादा ट्रांसफार्मर फुंकने से तमाम गांवों में अंधेरा है।
लोगों को भीषण गर्मी में बिना बिजली के ही गुजारा करना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग की वर्कशॉप में रोजाना 10 ट्रांसफार्मर रिपेयर करने की क्षमता है। तमाम कोशिशों के बाद भी वर्कशॉप कर्मी रोजाना छह से सात ट्रांसफार्मर ही मरम्मत कर पा रहे हैं।
जबकि जिले में रोजाना का औसत 15 से 20 ट्रांसफार्मर के फुंकने का है। ट्रांसफार्मर फुंकने की स्थिति पर नजर डालें तो वर्कशॉप के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जुलाई में ही अब तक चार सौ ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं।
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इसके सापेक्ष अब तक महज 280 ट्रांसफार्मर ही मरम्मत किए जा सके हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने के पीछे बिजली की बढ़ी खपत को कारण माना जा रहा है। गर्मी ज्यादा पड़ने व बरसात नहीं होने के कारण ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया है।
बरसात नहीं होने से निजी सबमर्सिबल भी सिंचाई के लिए चलाए जाते हैं। इसके अलावा तमाम ट्रांसफार्मरों में अर्थिंग नहीं बनाई गई। इसकी वजह से भी ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।
ऑनलाइन शिकायत कर भटकते रहते हैं लोग
प्रदेश सरकार का दावा है कि 72 घंटे के अंदर हर हाल में फुंके ट्रांसफार्मर को बदलवा दिया जाएं। इसके लिए उपभोक्ता को ऑनलाइन शिकायत करनी होती है। जिले में हालात काफी विपरीत है। यहां ऑनलाइन शिकायत के कई-कई दिन बीतने के बाद भी वर्कशॉप से ट्रांसफार्मर नहीं मिल पाते। उपभोक्ता बिजली विभाग के अफसरों से लेकर वर्कशॉप तक के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं।
आए दिन होता रहता है फाल्ट
मंझनपुर। फाल्ट व ढीले तार के कारण भी ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ा है। इसके कारण भी ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले बढ़े हैं। कई स्थानों पर तार के पास ही पेड़ की डाल है। बरसात के पहले इनकी छंटाई नहीं कराई गई। फाल्ट सही करने में ही बिजली कर्मी परेशान रहते हैं।
जिले में अब तक चार सौ के करीब ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। वर्कशॉप में रोजाना 10 ट्रांसफार्मर मरम्मत करने की क्षमता है। इसके बावजूद यहां रोजाना 15-20 ट्रांसफार्मर फुंक कर रिपेयरिंग के लिए आते हैं। इस वजह से ट्रांसफार्मर को 72 घंटे के अंदर देने में दिक्कत आ रही है।
अमित कुमार, अवर अभियंता, वर्कशॉप
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लोगों को भीषण गर्मी में बिना बिजली के ही गुजारा करना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग की वर्कशॉप में रोजाना 10 ट्रांसफार्मर रिपेयर करने की क्षमता है। तमाम कोशिशों के बाद भी वर्कशॉप कर्मी रोजाना छह से सात ट्रांसफार्मर ही मरम्मत कर पा रहे हैं।
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जबकि जिले में रोजाना का औसत 15 से 20 ट्रांसफार्मर के फुंकने का है। ट्रांसफार्मर फुंकने की स्थिति पर नजर डालें तो वर्कशॉप के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जुलाई में ही अब तक चार सौ ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं।
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इसके सापेक्ष अब तक महज 280 ट्रांसफार्मर ही मरम्मत किए जा सके हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने के पीछे बिजली की बढ़ी खपत को कारण माना जा रहा है। गर्मी ज्यादा पड़ने व बरसात नहीं होने के कारण ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया है।
बरसात नहीं होने से निजी सबमर्सिबल भी सिंचाई के लिए चलाए जाते हैं। इसके अलावा तमाम ट्रांसफार्मरों में अर्थिंग नहीं बनाई गई। इसकी वजह से भी ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।
ऑनलाइन शिकायत कर भटकते रहते हैं लोग
प्रदेश सरकार का दावा है कि 72 घंटे के अंदर हर हाल में फुंके ट्रांसफार्मर को बदलवा दिया जाएं। इसके लिए उपभोक्ता को ऑनलाइन शिकायत करनी होती है। जिले में हालात काफी विपरीत है। यहां ऑनलाइन शिकायत के कई-कई दिन बीतने के बाद भी वर्कशॉप से ट्रांसफार्मर नहीं मिल पाते। उपभोक्ता बिजली विभाग के अफसरों से लेकर वर्कशॉप तक के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं।
आए दिन होता रहता है फाल्ट
मंझनपुर। फाल्ट व ढीले तार के कारण भी ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ा है। इसके कारण भी ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले बढ़े हैं। कई स्थानों पर तार के पास ही पेड़ की डाल है। बरसात के पहले इनकी छंटाई नहीं कराई गई। फाल्ट सही करने में ही बिजली कर्मी परेशान रहते हैं।
जिले में अब तक चार सौ के करीब ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। वर्कशॉप में रोजाना 10 ट्रांसफार्मर मरम्मत करने की क्षमता है। इसके बावजूद यहां रोजाना 15-20 ट्रांसफार्मर फुंक कर रिपेयरिंग के लिए आते हैं। इस वजह से ट्रांसफार्मर को 72 घंटे के अंदर देने में दिक्कत आ रही है।
अमित कुमार, अवर अभियंता, वर्कशॉप