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Kaushambi News: ईश्वर से मिलन के लिए अटल भक्ति, तप और आत्मबल की जरूरत
Sat, 14 Jun 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 14 Jun 2025 01:23 AM IST
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बारा। कौशाम्बी ब्लॉक के आमाकुआं गांव स्थित कौशाम्बेश्वर संकट मोचन आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा व्यास शंभू दास महाराज (वृंदावन) ने पौराणिक प्रसंगों की अमृतवाणी से श्रद्धालुओं को आत्मविभोर कर दिया। कथा व्यास ने सृष्टि की उत्पत्ति का उल्लेख करते हुए बताया कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समन्वय से संपूर्ण ब्रह्मांड की रचना हुई।
उन्होंने कहा कि ये चरित्र केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि विज्ञान और चेतना की आधारशिला भी हैं। इसके बाद उन्होंने ध्रुव चरित्र की दिव्य कथा सुनाई। इसमें एक बालक की अटल भक्ति, तप और आत्मबल से भगवान विष्णु के साक्षात्कार की प्रेरक गाथा का बखान किया। कथा के अगले चरण में सती चरित्र का मार्मिक वर्णन हुआ।
महाभारत के प्रसंग में पांडवों की धर्मनिष्ठा, द्रौपदी चीरहरण, श्रीकृष्ण की रासलीला, गीता उपदेश और कुरुक्षेत्र के युद्ध की जीवंत झलकियां प्रस्तुत की गईं। इस दौरान आश्रम के संस्थापक बाबा बुद्धनदास महाराज, शिवाकांत मिश्र उर्फ रज्जन, राजू केशरवानी, कौशिक अग्रहरि, अंकित केशरवानी, अंकुर केशरवानी, अंकित सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि ये चरित्र केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि विज्ञान और चेतना की आधारशिला भी हैं। इसके बाद उन्होंने ध्रुव चरित्र की दिव्य कथा सुनाई। इसमें एक बालक की अटल भक्ति, तप और आत्मबल से भगवान विष्णु के साक्षात्कार की प्रेरक गाथा का बखान किया। कथा के अगले चरण में सती चरित्र का मार्मिक वर्णन हुआ।
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महाभारत के प्रसंग में पांडवों की धर्मनिष्ठा, द्रौपदी चीरहरण, श्रीकृष्ण की रासलीला, गीता उपदेश और कुरुक्षेत्र के युद्ध की जीवंत झलकियां प्रस्तुत की गईं। इस दौरान आश्रम के संस्थापक बाबा बुद्धनदास महाराज, शिवाकांत मिश्र उर्फ रज्जन, राजू केशरवानी, कौशिक अग्रहरि, अंकित केशरवानी, अंकुर केशरवानी, अंकित सिंह आदि मौजूद रहे।
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